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भारत-अमेरिका की तकनीकी दोस्ती, GPUs और डेटा सेंटर में बढ़ेगा व्यापार

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भारत और अमेरिका ने GPUs और डेटा सेंटर उपकरणों के व्यापार बढ़ाने और तकनीकी सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई।

Last Updated- February 08, 2026 | 8:49 AM IST
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भारत और अमेरिका ने शनिवार को तकनीकी उत्पादों के व्यापार को बढ़ाने के लिए कदम बढ़ाने की घोषणा की। इसमें ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) और डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण शामिल हैं।

दोनों देशों ने एक अंतरिम समझौते के तहत आपसी और लाभकारी व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति जताई। इस पहल के तहत भारत ने अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) उत्पादों के लिए कठोर आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को खत्म करने और क्वांटिटेटिव प्रतिबंध हटाने का वादा किया है।

अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों देश तकनीकी मानकों और प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं पर विचार-विमर्श करेंगे ताकि व्यवसाय के लिए नियमों का पालन सरल हो सके।

विशेष रूप से GPUs और डेटा सेंटर उपकरणों को व्यापार ढांचे में शामिल करने का निर्णय ऐसे समय में आया है, जब भारत खुद को एआई कंपनियों के लिए बड़े डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित कर रहा है। इस दिशा में सरकार ने बजट 2026-27 में विदेशी कंपनियों के लिए नए डेटा सेंटर लगाने पर 2047 तक कर छूट देने की घोषणा की है।

Bharat Digital Infrastructure Association का कहना है कि वर्तमान में एंटरप्राइज GPU सर्वरों पर 20–28 प्रतिशत तक के उच्च आयात शुल्क भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को कमजोर कर रहे हैं। इससे GPU-as-a-service की कीमतें सिंगापुर और UAE जैसे देशों की तुलना में लगभग 40% अधिक हो जाती हैं। शुल्क में कमी से GPU-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने की लागत में लगभग 14% तक की बचत हो सकती है, जिससे पूरे देश में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की राह खुलेगी।

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First Published - February 8, 2026 | 8:49 AM IST

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