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2026 में चांदी के भाव में 20% तक उछाल आने की संभावना, ₹2,40,000 तक पहुंच सकती है कीमत: रिपोर्ट

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एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, चांदी ने कई सालों की स्थिर स्थिति (consolidation) को तोड़ दिया है, जो लंबी समय में और तेजी को लेकर शुरुआती चरण का संकेत दे रहा है

Last Updated- December 12, 2025 | 5:08 PM IST
Silver Price outlook
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

शुक्रवार को भारत में चांदी की कीमत ने 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का बड़ा आंकड़ा छू लिया और अब भी इसमें और बढ़ोतरी की गुंजाइश बाकी है। एक्सिस सिक्योरिटीज की एक नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू बाजार में अगर कीमत में कोई गिरावट आकर 1,70,000 से 1,78,000 रुपये के दायरे में पहुंच जाए तो उसे खरीदारी का अच्छा मौका मानना चाहिए, क्योंकि साल 2026 में चांदी की कीमत करीब 2,40,000 रुपये प्रति किलो तक जा सकती है।

एक्सिस सिक्योरिटीज के अनुसार चांदी ने कई सालों की समेकन (consolidation) की अवस्था को तोड़ दिया है और अब लंबी अवधि के मजबूत तेजी के चरण की शुरुआत हो चुकी है। मासिक चार्ट पर 2011 से 2025 तक बन रहा बड़ा ‘राउंडिंग बॉटम’ पैटर्न टूट चुका है।

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “चांदी ने 50 डॉलर के नेकलाइन रेजिस्टेंस को तोड़ते हुए नया ऑल-टाइम हाई 64 डॉलर का स्तर छू लिया है। 2011-2013 के भारी गिरावट के बाद चांदी ने दस साल से ज्यादा समय इस बड़े राउंडिंग बॉटम पैटर्न में बिताया। 50 डॉलर से ऊपर का ब्रेकआउट ने लंबी अवधि की नई तेजी की पुष्टि कर दी है। अगला बड़ा रेजिस्टेंस 65-67 डॉलर के आसपास है।”

मौलिक स्तर पर चांदी अभी एक ऐतिहासिक मूल्य बदलाव (री-प्राइसिंग) के दौर से गुजर रही है। अब इसका पुराना संबंध सोने के साथ कमजोर हो गया है। 2025 में जो तेजी देखी गई, वह औद्योगिक कमी और आर्थिक परिस्थितियों के मिलाजुले असर की वजह से आई है, जिसमें लंबे समय से बनी सप्लाई और डिमांड की कमी साफ दिखाई दे रही है।

एक्सिस सिक्योरिटीज ने कहा, “2024 के अंत और पूरे 2025 में सबसे बड़ा बदलाव गोल्ड-सिल्वर रेशियो का तेजी से गिरना रहा। यह रेशियो जो पहले करीब 105 के स्तर पर था, अब 70 से भी नीचे आ गया है।”

डिमांड के आंकड़े बताते हैं कि हरी ऊर्जा क्रांति की वजह से औद्योगिक मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

सौर ऊर्जा (Solar Photovoltaic) क्षेत्र की मांग पिछले चार साल में दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ गई है। 2020 में यह 94.4 मिलियन औंस थी, जो 2024 में 243.7 मिलियन औंस तक पहुंच गई। 2024 में कुल मांग का करीब 21% सिर्फ सौर क्षेत्र ने खींच लिया, जिससे चांदी के उपयोग का पूरा पैटर्न बदल गया है।

Also Read: Silver Price Rally: चांदी की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर, MCX पर भाव पहली बार ₹2 लाख के पार

2026 के लिए तकनीकी अनुमान

तकनीकी चार्ट पर 20-महीने और 60-महीने की एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) ऊपर की ओर बढ़ रही हैं और उनका झुकाव सकारात्मक है, जो शुरुआती चरण में मजबूत तेजी की पुष्टि करता है। कीमतें लंबी अवधि की EMA से काफी ऊपर ट्रेड कर रही हैं, जो बड़े आर्थिक रुझानों में तेजी दिखाती है।

मासिक RSI भी ओवरबॉट जोन की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी स्वस्थ तेजी वाले दायरे में है। इतिहास से पता चलता है कि RSI ऊंचे स्तर पर रहने के बावजूद चांदी लंबी तेजी दिखा सकती है, यह कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत का संकेत है।

एक्सिस सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “अगर मासिक बंद 67 डॉलर से ऊपर हुआ तो कई साल की बड़ी तेजी शुरू हो सकती है, जिसका लक्ष्य 76-80 डॉलर होगा। 65 डॉलर के आसपास थोड़ी रुकावट आ सकती है, लेकिन कुल मिलाकर लंबी अवधि का ढांचा मजबूत तेजी वाला है। जब तक 50 डॉलर का सपोर्ट टूटता नहीं, नजरिया सकारात्मक रहेगा। कीमत में कोई भी गिरावट आए तो उसे खरीदारी का मौका मानना चाहिए, बशर्ते सपोर्ट जोन बरकरार रहे।”

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First Published - December 12, 2025 | 5:08 PM IST

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