Tata Capital Share Price: टाटा ग्रुप की वित्तीय सेवाओं वाली कंपनी टाटा कैपिटल का शेयर इन दिनों लगातार दबाव में नजर आ रहा है। गुरुवार के कारोबार में शेयर करीब 299 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा, जो इसके अब तक के सबसे निचले स्तर के बेहद करीब है। कारोबार के दौरान शेयर ने 304 रुपये का हाई और 298.70 रुपये का लो बनाया। इससे पहले बुधवार को शेयर 298 रुपये तक फिसल गया था, जो इसका रिकॉर्ड लो लेवल है।
मई महीने में अब तक टाटा कैपिटल का शेयर करीब 10 प्रतिशत टूट चुका है। वहीं जनवरी 2026 में बने अपने रिकॉर्ड हाई 367 रुपये के मुकाबले शेयर करीब 18 प्रतिशत नीचे आ चुका है। फिलहाल शेयर अपने IPO प्राइस 326 रुपये से भी करीब 8 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है।
टाटा ग्रुप की यह NBFC कंपनी अक्टूबर 2025 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। हालांकि IPO को निवेशकों से बहुत ज्यादा मजबूत रिस्पॉन्स नहीं मिला था और यह करीब 2 गुना ही सब्सक्राइब हुआ था।
शेयर में कमजोरी के बावजूद कंपनी के मार्च तिमाही नतीजे मजबूत रहे हैं। FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 43 प्रतिशत बढ़कर 1,502 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं कंपनी की कुल आय 9 प्रतिशत बढ़कर 8,160 करोड़ रुपये रही।
कंपनी की Net Interest Income यानी NII में भी 28 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी हुई और यह 3,127 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके अलावा कंपनी का Assets Under Management यानी AUM भी 20 प्रतिशत बढ़कर 2.77 लाख करोड़ रुपये हो गया।
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कंपनी ने 22 मई को मुंबई में एनालिस्ट और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के साथ मीटिंग भी तय की है। बाजार की नजर अब इस बैठक पर बनी हुई है।
हालांकि शेयर में गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन कई ब्रोकरेज हाउसेज अब भी इस स्टॉक पर भरोसा जता रहे हैं। ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है और करीब 400 रुपये तक का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 34 प्रतिशत संभावित तेजी दिखाता है।
SAMCO Securities के टेक्निकल एनालिस्ट ओम मेहरा के मुताबिक टाटा कैपिटल का शेयर लगातार नीचे की ओर फिसल रहा है, लेकिन अब यह 298 से 300 रुपये के अहम सपोर्ट जोन के करीब पहुंच गया है। उनका कहना है कि फरवरी 2026 में 365 रुपये के हाई के बाद से शेयर लगातार लोअर हाई बना रहा है, यानी हर उछाल के बाद इसमें फिर बिकवाली देखने को मिल रही है।
टेक्निकल इंडिकेटर्स भी अभी कमजोरी का संकेत दे रहे हैं। RSI करीब 33 पर पहुंच गया है, जो ओवरसोल्ड जोन के करीब माना जाता है। वहीं MACD भी अभी नेगेटिव ट्रेंड दिखा रहा है। एनालिस्ट का मानना है कि आने वाले दिनों में 295 से 290 रुपये का स्तर काफी अहम रहेगा। अगर शेयर इस सपोर्ट के ऊपर टिकता है तो इसमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर शेयर 298 रुपये के नीचे लगातार बंद होता है, तो कमजोरी और बढ़ सकती है।
वहीं ऊपर की तरफ मजबूती लौटाने के लिए शेयर को पहले 308 से 310 रुपये का स्तर पार करना होगा। इसके बाद 320 रुपये के ऊपर जाने पर ही शेयर में मजबूत रिकवरी के संकेत मिल सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)