इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ अब निवेशकों की नजर सिर्फ ऑटो कंपनियों पर नहीं है। EV बढ़ने का मतलब है ज्यादा चार्जिंग स्टेशन, ज्यादा बिजली की जरूरत और मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क। ऐसे में बिजली बनाने वाली और पावर उपकरण तैयार करने वाली कंपनियां भी चर्चा में हैं। मोतीलाल ओसवाल ने अपनी हालिया रिपोर्ट में NTPC और CG Power को लेकर अलग-अलग राय दी है। NTPC पर ब्रोकरेज ने Neutral रेटिंग बरकरार रखी है, जबकि CG Power पर BUY की सलाह दी है। आइए जानते हैं कि दोनों कंपनियों को लेकर ब्रोकरेज का नजरिया क्या है।
मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक जून तिमाही में NTPC का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। कंपनी की आय 3 फीसदी बढ़कर 438 अरब रुपये रही, जो ब्रोकरेज के अनुमान से 4 फीसदी ज्यादा थी। EBITDA 23 फीसदी बढ़कर 126 अरब रुपये पहुंच गया और एडजस्टेड मुनाफा 16 फीसदी बढ़कर 51 अरब रुपये रहा।
तिमाही के दौरान NTPC ने 196 मेगावाट नई क्षमता जोड़ी। इसमें 176 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा और 20 मेगावाट ताप बिजली शामिल रही। पूरे समूह ने कुल 1.8 गीगावाट क्षमता बढ़ाई। तिमाही के अंत तक समूह की चालू क्षमता 91 गीगावाट और निर्माणाधीन क्षमता 36 गीगावाट रही।
ब्रोकरेज ने NTPC पर Neutral रेटिंग बरकरार रखी है। रिपोर्ट में शेयर का भाव 347 रुपये बताया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी लगातार अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है, जिससे आगे बढ़ती बिजली मांग का फायदा मिल सकता है।
मोतीलाल ओसवाल ने CG Power पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 990 रुपये से घटाकर 975 रुपये कर दिया गया है। ब्रोकरेज के मुताबिक जून तिमाही के नतीजे उसके अनुमान से कमजोर रहे। इंडस्ट्रियल कारोबार में एकमुश्त खर्च और सेमीकंडक्टर कारोबार में लगातार नुकसान का असर दिखा।
कंपनी की आय 14 फीसदी बढ़कर 32.8 अरब रुपये रही। EBITDA और मार्जिन अनुमान से कम रहे, लेकिन पावर सिस्टम कारोबार मजबूत बना रहा। पूरे कारोबार की ऑर्डर बुक 45 फीसदी बढ़कर 189 अरब रुपये पहुंच गई। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अगले कुछ तिमाहियों में नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार तेज हो सकती है।
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CG Power के पावर सिस्टम कारोबार की आय 31 फीसदी बढ़कर 14 अरब रुपये पहुंच गई। इस कारोबार का मार्जिन 23.2 फीसदी रहा। पावर सिस्टम की ऑर्डर बुक 60 फीसदी बढ़कर 144.3 अरब रुपये हो गई।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर और सर्किट ब्रेकर की उत्पादन क्षमता बढ़ने से कंपनी को फायदा मिल सकता है। साथ ही ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन, यूटिलिटी, रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर और निर्यात से भी मांग मजबूत बनी हुई है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच पावर सिस्टम कारोबार में ऑर्डर 12 फीसदी और आय 32 फीसदी की सालाना दर से बढ़ सकती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)