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Apple का सबसे बड़ा धमाका! आया पहला फोल्डेबल iPhone Duo, साथ में आईफोन 18 प्रो, एयरपॉड्स 5 और नई वॉच भी लॉन्चStock Market Today: शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत, गिफ्ट निफ्टी फिसला; ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर के पारStocks To Watch Today: Wipro से Shakti Pumps तक इन शेयरों में आज दिख सकता है बड़ा एक्शनब्रिक्स को सहयोगी मंच के रूप में पेश करेगा भारत, साझा मुद्रा के विवाद से दूरी बनाकर विकास पर रहेगा फोकसब्रेंट क्रूड $100 के पार, तेल कंपनियों को पेट्रोल पर ₹5 व डीजल पर ₹23 का नुकसानभारत की व्यापार नीतियों पर अमेरिका-EU ने जताई चिंता, टैरिफ और नियमों में बदलाव की मांगकोफोर्ज के चेयरमैन ओपी भट्ट का इस्तीफा, बोर्ड मूल्यांकन रिपोर्ट को लेकर उठे सवालों के बाद बड़ा फैसलाUPI के लेनदेन आंकड़ों का फायदा उठाकर भारत मजबूत करे ऋण क्षमता, MSME को औपचारिक कर्ज से जोड़ने पर जोरक्लाउड और AI मॉडल प्रदाताओं पर बैंकों की बढ़ती निर्भरता से बढ़ सकता है प्रणालीगत जोखिम, RBI की बड़ी चेतावनीकेंद्र सरकार का रेलवे पर बड़ा दांव, 9 राज्यों में 20,804 करोड़ रुपये की 8 मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मिली मंजूरी

लेखक : सुनीता नारायण

आज का अखबार, लेख

जलवायु संकट के दौर में नए सिरे से समझना होगा जीवन रक्षा का अर्थशास्त्र

मैं जून के अंत में बैठकों के लिए यूरोप में थी और वहां भीषण गर्मी पड़ रही थी। भारतीय होने के नाते मैं गर्मी की आदी हूं मगर वहां चिलचिलाती धूप महसूस हो रही थी। यह भी स्पष्ट था कि ये देश गर्मी के लिए नहीं बने हैं, जो इमारतों से लेकर तापमान नियंत्रण उपकरणों […]

आज का अखबार, लेख

सुरक्षित भोजन के लिए कड़े मानकों की जरूरत, एंटीबायोटिक और कीटनाशक पर सख्त निगरानी जरूरी

कुछ वर्ष पहले यूरोपीय संघ (ईयू) ने बाहर से आयात होने वाले भोजन एवं खाद्य उत्पादों में एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से संबंधित निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों का सीधा मतलब था कि ईयू समूह में शामिल देशों में मछली, दुग्ध और शहद जैसे पशु उत्पादों के आयात की इजाजत नहीं होगी। ईयू का कहना […]

आज का अखबार, लेख

नए किस्म के पर्यावरणवाद की आवश्यकता, क्यों टिकाऊ विकास की शुरुआत समावेशिता से होनी चाहिए?

हर वर्ष 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस हमें यह सोचने का अवसर देता है कि हम कहां खड़े हैं और हमें किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इस वर्ष जब मैं यह आलेख लिख रही हूं मेरा शहर दिल्ली जल रहा है। यह एक जीवित अग्निकुंड बन चुका है। हम सभी […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

जंगली जानवरों के आतंक से अरबों की फसलों का नुकसान, गंभीर होता जा रहा है मानव-वन्यजीव संघर्ष

जंगली जानवरों के आतंक से किसानों की फसलें बरबाद हो रही हैं और इससे उनके आर्थिक नुकसान में भारी बढ़ोतरी हो रही है। इस कारण देश के कई हिस्सों में खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। अब यह संघर्ष सिर्फ बाघ, हाथी और तेंदुए जैसे बड़े जानवरों तक सीमित नहीं रहा है बल्कि जंगली […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

अमेरिका-ईरान युद्ध ने दुनिया भर में ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों का लाया सामने

अमेरिका और इजरायल ने ईरान के विरुद्ध जो विनाशकारी युद्ध छेड़ा उसने दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति में उथलपुथल पैदा कर दी है। अमीर और गरीब दोनों तरह के मुल्क अपने नागरिकों को चेतावनी दे रहे हैं कि मुश्किल समय आने वाला है। ऐसा संकट जो शायद इस पीढ़ी ने तो नहीं झेला यानी ऊर्जा (ईंधन) […]

आज का अखबार, ताजा खबरें, लेख

दिल्ली से सीखें सबक: नए शहरों को ‘अराजकता’ से बचाने के लिए प्रबंधन जरूरी है, लोकलुभावनवाद नहीं

मुझे अपनी दिल्ली के लिए रोना आ रहा है। यह मेरा शहर है जहां मेरे परिवार की कई पीढ़ियां रह चुकी हैं। मैंने यहां अपने पेशेवर जीवन का अधिकांश समय स्वच्छ हवा, पानी और बुनियादी जीवनयापन के लिए आवश्यक हर चीज की वकालत करते हुए बिताया है।  आज हर जगह कूड़ा-कचरा है, सड़कों पर गड्ढे […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

प्रतिस्पर्धा से बदली दुनिया: हर देश को खुद तय करना होगा अपना भविष्य

‘पुराना जमाना खत्म हो रहा है, और नया जमाना आने के लिए जूझ रहा है। अब राक्षसों का समय है।’ इटली के दार्शनिक एंटोनियो ग्राम्शी का यह उद्धरण आज राजनीतिक-नीति जगत में अक्सर दोहराया जाता है। यह गलत नहीं है। जनवरी 2026 में मौजूदा विश्व व्यवस्था में और अधिक उथल-पुथल तथा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। […]

आज का अखबार, लेख

स्थानीयकरण और बहुसंख्यक कल्याण से बनेंगी मजबूत व लचीली अर्थव्यवस्थाएं

मेरा जन्म वैश्वीकरण से पहले हुआ और तब से दुनिया काफी बदल चुकी है। मैंने अपनी पुस्तक ‘द राइज ऑफ द नियो-लोकल्स: ए जेनरेशनल रिवर्सल ऑफ ग्लोबलाइजेशन’ में इसकी चर्चा विस्तार से की है। पुस्तक में मैंने इस बात का उल्लेख किया है कि मेरी 60 वर्षों की अब तक की जीवन यात्रा में दुनिया […]

आज का अखबार, लेख

रूफटॉप सोलर का सपना और हकीकत: रात की बिजली का खर्च आखिर कौन उठाएगा?

अब आप जैसे ही छत के बारे में सोचते हैं आपके जेहन में वहां लगे सौर पैनल की तस्वीर उभरने लगती है। आप सौर ऊर्जा की बात सोचते हैं तो आप दिन में पैदा होने वाली बिजली को देखते हैं जो उपकरणों को चलाती है और यहां तक कि ग्रिड में भी जाती है। इस […]

आज का अखबार, लेख

जलवायु संकट के मोर्चे पर दोराहे पर दुनिया: ग्रीन एनर्जी बनाम जीवाश्म ईंधन की जंग?

जब मैं यह लिख रही हूं, दुनिया भर के नेता वार्षिक जलवायु सम्मेलन (कॉप 30) के लिए एकत्रित हो रहे हैं। यह सम्मेलन दुनिया में चल रहे व्यापक उथल-पुथल के बीच आयोजित हो रहा है। एक-दूसरे के विरुद्ध काम कर रही शक्तिशाली ताकतों का टकराव देखने को मिल रहा है। सवाल यह है कि विजेता […]

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