चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में कंपनियों के मुनाफा वृद्धि में नरमी आएगी मगर आय वृद्धि में तेजी का अनुमान है। विभिन्न ब्रोकिंग फर्मों के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में निफ्टी 50 कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ 5.2 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 7.2 फीसदी और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 6.6 फीसदी वृद्धि से कम है। इस तरह कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ पिछली छह तिमाही में सबसे कम रह सकता है।
निफ्टी 50 में से 44 कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बढ़कर 1.99 लाख करोड़ रुपये रह सकता है जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 1.89 लाख करोड़ रुपये था। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इन कंपनियों ने कुल 2 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। ब्रोकरेज के अनुमान में अदाणी एंटरप्राइजेज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर पैसेंजर व्हीकल्स, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और जियो फाइनैंशियल सर्विसेज के आंकड़े शामिल नहीं हैं।
इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), भारती एयरटेल, श्रीराम फाइनैंस जैसी कंपनियों की वजह से कुल मुनाफे में कमी आ सकती है। दूसरी ओर कुल मुनाफा वृद्धि में टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजूकी और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा का अहम योगदान होगा। कुल मुनाफा वृद्धि में इन पांच कंपनियों का योगदान करीब 73 फीसदी रहने की उम्मीद है।
ब्रोकिंग फर्मों ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनियों की आय में अच्छी वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसमें सबसे बड़ा योगदान रिलायंस इंडस्ट्रीज, इटर्नल (जोमैटो), लार्सन ऐंड टुब्रो, मारुति सुजूकी और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा जैसी कंपनियों का रह सकता है। इसके विपरीत कोल इंडिया, ओएनजीसी और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज की आय में गिरावट देखी जा सकती है।
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, विप्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी और एशियन पेंट्स जैसी प्रमुख कंपनियों की आय और मुनाफा वृद्धि एक बार फिर एक अंक में रह सकती है।
कंपनियों की कुल शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 11.3 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 6.9 फीसदी और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 9.2 फीसदी बढ़ी थी। तीसरी तिमाही में कंपनियों की आय वृद्धि पिछली 12 तिमाही में सबसे तेज रहने की संभावना है। नमूने में शामिल सूचकांक की 44 कंपनियों की कुल शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 13.42 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना है, जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 12.06 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 14.18 लाख करोड़ रुपये थी।
बैंक, फाइनैंस और बीमा (बीएफएसआई) को छोड़कर सूचकांक कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 5.1 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।
यह वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 5.6 फीसदी और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 10.4 फीसदी वृद्धि से कम है। इसी तरह बीएफएसआई, ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज को छोड़कर सूचकांक की कंपनियों का कुल शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 5.7 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 8.3 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 11.1 फीसदी से कम है।
बीएफएसआई कंपनियों को छोड़कर सूचकांक की बाकी फर्मों की कुल शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 11.5 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 6.8 फीसदी और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 9.5 फीसदी वृद्धि से अधिक है। सूचकांक कंपनियों की कुल शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में 13.1 फीसदी बढ़ सकती है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 8.5 फीसदी से अधिक है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के विश्लेषकों ने अपने मुनाफा अनुमान में लिखा है, ‘हम उम्मीद करते हैं कि हमारे नमूने में शामिल कंपनियों का वित्त वर्ष 2026 का तीसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफा 9.8 फीसदी बढ़ेगा। इसे पूंजीगत वस्तुओं, निर्माण सामग्री, धातु और खनन आदि से जुड़ी कंपनियों का फायदा मिलेगा।’