facebookmetapixel
Advertisement
‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावना

बैंकों में पड़ी लावारिस जमा राशि पर सरकार सख्त, 14 जनवरी से दावे निपटान की रफ्तार का होगा आकलन

Advertisement

सरकारी सूत्रों ने कहा कि 25 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2025 के बीच एक महीने की दावा निपटान अवधि के दौरान बैंक 1071 करोड़ रुपये के दावों को निपटाने में सफल हुए थे

Last Updated- January 09, 2026 | 10:32 PM IST
Rupees
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वित्त मंत्रालय एक उच्च स्तरीय बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा लावारिस संपत्तियों के निपटान में की गई प्रगति की समीक्षा बुधवार 14 जनवरी को करने जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा, ‘वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) में संयुक्त सचिव (बैंकिंग) की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (डीईए) कोष में स्थानांतरित लावारिस जमा राशि की स्थिति और बैंकों में दावों के निपटान की गति का आकलन किया जाएगा।’अधिकारी ने आगे कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा में भाग लेंगे।  

 खबर प्रकाशित होने के लिए जाने तक इस सिलसिले में वित्त मंत्रालय को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला था।

अधिकारी ने आगे उल्लेख किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 31 मार्च, 2025 तक 63,939 करोड़ रुपये की लावारिस जमा राशि को डीईए फंड में स्थानांतरित कर दिया था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि 25 सितंबर से 31 अक्टूबर, 2025 के बीच एक महीने की दावा निपटान अवधि के दौरान बैंक 1071 करोड़ रुपये के दावों को निपटाने में सफल हुए थे। व्यक्तिगत ऋणदाताओं में दावों के निपटान में स्टेट बैंक का हिस्सा सबसे अधिक था, जिसने 760.7 करोड़ रुपये के दावे स्वीकार किए गए। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक डीईए फंड में 20,225 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए थे।

Advertisement
First Published - January 9, 2026 | 10:32 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement