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केंद्र सरकार ग्रोक चैटबॉट के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर कर रही विचार, IT मंत्रालय कर रहा समीक्षा

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा ग्रोक चैटबॉट द्वारा महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक सामग्री बनाने के मामलों की कानूनी समीक्षा और कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है

Last Updated- January 09, 2026 | 10:55 PM IST
grok AI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

केंद्र सरकार ईलॉन मस्क के स्वामित्व वाले आर्टिफिशल इंटेलिजेंस चैटबॉट ग्रोक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक यह कार्रवाई ग्रोक द्वारा महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाए जाने के मामले में कानून का पालन नहीं कर पाने को लेकर की जा सकती है।

अधिकारी ने कहा, ‘हम कानूनी राय ले रहे हैं कि हमें इस विषय पर कैसे आगे बढ़ना चाहिए। हमारा विचार है कि एक्स पर अन्य कई अकाउंट की तरह ग्रोक अकाउंट भी सामग्री तैयार करता है। ग्रोक अकाउंट ऐसी सामग्री तैयार कर रहा है जो गैर कानूनी है तो उसके साथ भी इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य अकाउंट जैसा ही व्यवहार होना चाहिए।’

यह सही है कि ग्रोक ने तस्वीरें बनाने का फीचर अब भुगतान करने वाले और प्रीमियम उपभोक्ताओं तक सीमित कर दिया है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि जब तक एक्स इसे भारत की आधिकारिक नीति के रूप में नहीं स्वीकारता, उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी रहेगी।  

मंत्रालय की संभावित कार्रवाई के बारे में एक्स को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिल सका है।

ग्रोक और एक्स पर कार्रवाई इसलिए संभव है क्योंकि मंत्रालय उस कार्रवाई-रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है जो प्लेटफॉर्म ने मंत्रालय के नोटिस के जवाब में सौंपी थी। इस नोटिस में पूछा गया था कि प्लेटफॉर्म केउपयोगकर्ताओं को केवल साधारण निर्देशों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने की अनुमति कैसे दी गई।

इस बुधवार को एक्स ने मंत्रालय के नोटिस का जवाब दिया था जिसमें मंत्रालय ने यह जानना चाहा था कि चैटबॉट ग्रोक ने उपयोगकर्ताओं को महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक और यौन संबंधी तस्वीरें बनाने की अनुमति कैसे दी। उस समय वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कहा था कि एक्स द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं था और इसमें उन कार्रवाइयों का विवरण नहीं था जो उन्होंने उन उपयोगकर्ताओं के खिलाफ की थीं, जिन्होंने ग्रोक की तस्वीर बनाने की क्षमता का उपयोग करके आपत्तिजनक सामग्री तैयार की थी।

गत सप्ताह, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साइबर कानून विभाग ने एक्स को भेजे गए एक पत्र में कहा था कि वह ‘सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 में निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन करते हुए लागू कानूनों का उल्लंघन करने वाले, पहले से तैयार या प्रसारित की गई सभी सामग्री तक पहुंच को तत्काल हटाए और यह काम किसी भी प्रकार से साक्ष्य को प्रभावित किए बिना किया जाए।’

मंत्रालय के पत्र के एक दिन बाद मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट करके चेतावनी दी थी कि ग्रोक का इस्तेमाल करके गैर कानूनी सामग्री तैयार करने वाले किसी भी व्यक्ति को वैसे ही परिणाम भुगतने होंगे जैसे कि अवैध सामग्री अपलोड करने वालों को भुगतने होते हैं।

First Published - January 9, 2026 | 10:55 PM IST

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