Realty Stock: तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी शोभा (Sobha) के शेयरों में आगे जोरदार अपसाइड मूवमेंट देखने को मिल सकता है। मजबूत ग्रोथ आउटलुक को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म एंटिक (Antique) ने ऐसा अनुमान जताया है। ब्रोकरेज का कहना है कि शोभा ने चालू वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है और कंपनी के लिए पूरा साल भी मजबूत रहने की उम्मीद है। हालांकि, सोमवार के कारोबारी सेशन में कंपनी का स्टॉक 2 फीसदी से ज्यादा टूटकर सेटल हुआ।
एंटिक ब्रोकिंग ने शोभा पर खरीदारी की सलाह बनाए रखी है। साथ ही प्रति शेयर टारगेट प्राइस 2,399 रुपये रखा है। सोमवार (19 जनवरी) को शेयर BSE पर 2.26 फीसदी टूटकर 1492.40 रुपये पर बंद हुआ था। इस तरह मौजूदा भाव से स्टॉक में आगे करीब 61 फीसदी का तगड़ा अपसाइड देखने को मिल सकता है। रियल्टी स्टॉक की परफॉर्मेंस देखें तो बीते एक साल में शेयर ने करीब 15 फीसदी रिटर्न दिया है। 2 साल का रिटर्न 5 फीसदी, 3 साल का 160 फीसदी और 5 साल 215 फीसदी से ज्यादा रहा है। स्टॉक का 52 हफ्ते का हाई 1,732.45 और लो 1,075.70 है। कंपनी का मार्केट कैप 15,958 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
एंटिक का कहना है कि कंपनी के पास मजबूत लैंड बैंक, डायवर्सिफाइड प्रोजेक्ट पाइपलाइन, और संतुलित बैलेंस शीट है। जिससे शोभा आगे भी तेज ग्रोथ जारी रख सकती है। आने वाले समय में निवेशकों को नए प्रोजेक्ट लॉन्च, और मुनाफे (मार्जिन) पर खास नजर रखनी चाहिए।
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 के पहले 9 महीनों (9M FY26) में शोभा की प्री-सेल्स ₹61,000 करोड़ रही, जो पिछले साल की तुलना में 37 फीसदी ज्यादा है। इसी अवधि में कंपनी का ऑपरेशनल कैश फ्लो ₹12,700 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 79% की बढ़त दिखाता है। इस दौरान कंपनी ने 5 नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए, लेकिन इनमें से केवल 2 बड़े प्रोजेक्ट ऐसे थे जिनकी वैल्यू ₹7,000–8,000 करोड़ से ज्यादा थी। इसके बावजूद, खासकर बेंगलुरु में दूसरी और तीसरी तिमाही में मजबूत मांग के चलते सोभा का प्रदर्शन बेहतर रहा।
एंटिक का कहना है, शोभा की ऑपरेशनल कैश फ्लो लगातार मजबूत बनी हुई है और कंपनी के पास नेट कैश बैलेंस शीट है, यानी कर्ज का दबाव नहीं है। FY26 की चौथी तिमाही में कुछ बड़े प्रोजेक्ट लॉन्च होने वाले हैं, लेकिन इनमें से दो लॉन्च तिमाही के अंत में होंगे। इसलिए इनका पूरा असर Q4 के आंकड़ों में साफ नजर नहीं आ सकता। हालांकि, अगर सभी प्लान किए गए लॉन्च समय पर हो जाते हैं, तो सोभा FY26 की प्री-सेल्स गाइडेंस ₹85,000 करोड़ से ज्यादा हासिल कर सकती है।
शोभा की तीसरी तिमाही (3QFY26) में प्री-सेल्स ₹2120 करोड़ (QoQ 11% और YoY 52% की बढ़त) रही, जो 2200 करोड़ रुपये के अनुमान से थोड़ी कम रही। इस दौरान सेल्स वॉल्यूम 13.7 लाख वर्ग फुट रहा। FY26 के पहले 9 महीनों (9MFY26) में कुल प्री-सेल्स ₹61 अरब रही, जो 37% सालाना ग्रोथ दिखाती है। तीसरी तिमाही के दौरान में कंपनी ने तीन नए प्रोजेक्ट मैग्नस (बेंगलुरु), स्ट्राडा (एनसीआर), इन्ज़ियो (मुंबई-MMR में SOBHA का पहला प्रोजेक्ट) लॉन्च किए।
कंपनी का रेवेन्यू 23 फीसदी (YoY) घटकर ₹940 करोड़ रह गया। कामकाजी मुनाफा (EBITDA) 42 फीसदी घटकर 40 करोड़ रुपये पर आ गया। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट मुनाफा (PAT) भी 29 फीसदी गिरकर ₹20 करोड़ रुपये पर रह गया। EBITDA मार्जिन 4.1 फीसदी रहा। यह पिछले साल से 138 बेसिस पॉइंट कम है। शोभा अब भी नेट कैश पॉजिटिव है। कंपनी के पास ₹790 करोड़ रुपये का कैश है। तिमाही आधार पर 42 करोड़ का इजाफा हुआ है। वहीं, कुल कर्ज यानी ग्रॉस डेट की बात करें तो यह ₹1000 करोड़ रुपये है। तिमाही आधार पर इसमें 13 करोड़ रुपये की कमी हुई है।
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)