facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Steel Stocks: दुनिया की सुस्ती के बीच भारत का स्टील सेक्टर मजबूत, मोतीलाल ओसवाल ने इन 3 शेयरों में दी BUY की सलाह

ग्लोबल बाजार में सुस्ती के बावजूद भारत का स्टील सेक्टर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मोतीलाल ओसवाल को अगले चार साल में मजबूत ग्रोथ और मुनाफे की उम्मीद है।

Last Updated- January 19, 2026 | 3:19 PM IST
Steel

जब दुनिया भर का स्टील उद्योग सुस्ती और कमजोर मांग से परेशान है, तब भारत का स्टील सेक्टर मजबूती के साथ आगे बढ़ता नजर आ रहा है। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट बताती है कि ग्लोबल स्टील कंपनियां जहां कम ग्रोथ के चक्र में फंसी हैं, वहीं भारतीय कंपनियां तेजी से विस्तार कर रही हैं। मजबूत घरेलू मांग, सरकारी समर्थन और लगातार बढ़ती उत्पादन क्षमता ने भारत को स्टील के मामले में दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार बना दिया है।

चार साल में 8 से 10 प्रतिशत की तेज रफ्तार ग्रोथ की उम्मीद

रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 25 से 28 के बीच भारतीय स्टील कंपनियों की बिक्री मात्रा हर साल 8 से 10 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से मजबूत मांग बनी हुई है। इसके साथ ही सरकार द्वारा 12 प्रतिशत सेफगार्ड ड्यूटी लगाए जाने से घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात से राहत मिली है, जिससे कीमतें और मुनाफा दोनों संभलते दिख रहे हैं।

चीन की कमजोरी से बदलेगा ग्लोबल स्टील बाजार का खेल

कभी स्टील ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन रहा चीन अब वैश्विक बाजार में दबाव का कारण बन रहा है। चीन में घरेलू मांग कमजोर है और ज्यादा निर्यात के चलते दुनिया भर में स्टील की कीमतों पर असर पड़ा है। हालांकि मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि चीन का निर्यात अब अपने शिखर पर पहुंच चुका है। दुनिया भर में बढ़ते संरक्षणवादी कदमों के चलते आने वाले समय में चीन को उत्पादन और निर्यात घटाना पड़ सकता है, जिससे वैश्विक स्टील कीमतों को सहारा मिलेगा।

Also Read: ₹931 का HDFC Bank stock… क्या ₹1,200 तक जाएगा? 4 ब्रोकरेज ने दिए बड़े संकेत

वित्त वर्ष 23 के बाद से घरेलू स्टील कीमतों में गिरावट देखने को मिली थी, जिससे सेक्टर की कमाई पर दबाव बना रहा। अब हालात बदलते दिख रहे हैं। सेफगार्ड ड्यूटी, ग्लोबल कीमतों में स्थिरता और कोकिंग कोल व आयरन ओर जैसे कच्चे माल की लागत में नरमी से आने वाले समय में कंपनियों की प्रॉफिटिबिलिटी सुधर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 27 और 28 में स्टील सेक्टर की कमाई में जोरदार रिकवरी हो सकती है।

भारतीय स्टील कंपनियां आने वाले सालों की मांग को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर क्षमता विस्तार कर रही हैं। देश की लगभग सभी बड़ी कंपनियां नई यूनिट लगाने और पुरानी यूनिट्स को विस्तार देने में जुटी हैं। बीते कुछ सालों में कर्ज घटाने से कंपनियों की बैलेंस शीट मजबूत हुई है, जिससे अब वे बिना ज्यादा वित्तीय दबाव के विस्तार की योजनाओं को अंजाम दे पा रही हैं।

मोतीलाल ओसवाल की पहली पसंद कौन

मोतीलाल ओसवाल ने निवेश के लिहाज से जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील और जिंदल स्टील को खरीदने की सलाह दी है। जेएसडब्ल्यू स्टील ज्यादा स्टील बनाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की कोशिश है कि खर्च कम रहे और ऐसा स्टील बेचा जाए जिससे ज्यादा पैसा मिले। टाटा स्टील का भारत में कारोबार मजबूत है। साथ ही यूरोप में उसका काम धीरे धीरे सुधर रहा है, जिससे आगे चलकर कंपनी को फायदा हो सकता है। जिंदल स्टील अपनी फैक्ट्रियों की क्षमता तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी अब बेहतर किस्म का स्टील बना रही है और उस पर कर्ज भी कम है, यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

सेल पर फिलहाल सतर्क नजरिया

सरकारी कंपनी सेल के लिए ब्रोकरेज ने न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है। आगे चलकर कंपनी का विस्तार अच्छा हो सकता है, लेकिन फिलहाल स्टील बनाने में दिक्कतें हैं, खर्च ज्यादा है और कर्ज भी बढ़ रहा है। इसी वजह से इसके शेयर में तेजी आने में समय लग सकता है। मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि भारत का स्टील सेक्टर आगे अच्छा करने वाला है। अगर सही स्टील कंपनियों में पैसा लगाया जाए, तो आने वाले सालों में अच्छा फायदा मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published - January 19, 2026 | 3:16 PM IST

संबंधित पोस्ट