HDFC बैंक के नतीजों के बाद बाजार में हलचल तेज हो गई है। शेयर में हालिया सुस्ती के बावजूद देश की बड़ी ब्रोकरेज कंपनियों का भरोसा अब भी मजबूत बना हुआ है। Q3FY26 के नतीजों के बाद एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग, नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज, एक्सिस सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल ने साफ कर दिया है कि मौजूदा गिरावट कमजोरी नहीं बल्कि खरीदारी का मौका हो सकती है। करीब ₹931 के भाव पर कारोबार कर रहे HDFC बैंक के शेयर पर तीनों ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग बरकरार रखी है और आगे अच्छी तेजी की उम्मीद जताई है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का कहना है कि HDFC बैंक का तीसरी तिमाही का मुनाफा उम्मीद के मुताबिक रहा। बैंक को ब्याज से मिलने वाली कमाई बढ़ी है और मुनाफे का मार्जिन भी सुधरा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि बैंक को अब पैसा जुटाने में पहले से कम खर्च करना पड़ रहा है। बैंक ने ज्यादा लोगों और कंपनियों को लोन देना शुरू किया है, यानी लोन की रफ्तार तेज हुई है। बैंक के मैनेजमेंट को भरोसा है कि आगे चलकर HDFC बैंक बाकी बैंकों से बेहतर काम करेगा। हालांकि लोगों से जमा होने वाला पैसा यानी डिपॉजिट थोड़ा धीमा बढ़ा है, जिससे लोन और जमा का अनुपात बढ़ गया है। लेकिन बैंक इस अनुपात को धीरे धीरे कम करने की कोशिश कर रहा है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग को उम्मीद है कि आने वाले समय में HDFC बैंक का शेयर और ऊपर जाएगा, इसलिए उसने शेयर के लिए ₹1,200 का टारगेट प्राइस दिया है।
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नुवामा का कहना है कि HDFC बैंक का कामकाज उम्मीद से अच्छा रहा है। बैंक ने ट्रेडिंग से अच्छी कमाई की है और खर्चों पर भी काबू रखा है, जिससे नतीजे मजबूत बने। नए लेबर कानून की वजह से बैंक को एक बार का अतिरिक्त खर्च जरूर उठाना पड़ा, लेकिन इसका असर ज्यादा नहीं पड़ा। नुवामा को भरोसा है कि आगे चलकर बैंक में जमा पैसा यानी डिपॉजिट बढ़ेगा, मुनाफे का मार्जिन और सुधरेगा और बैंक के लोन सुरक्षित बने रहेंगे। इसी भरोसे के साथ नुवामा ने HDFC बैंक के शेयर के लिए ₹1,170 का टारगेट प्राइस रखा है।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि नए लेबर कानून की वजह से जो खर्च आया, उसे बैंक ने पहले से रखे गए पैसों से संभाल लिया है। इसलिए बैंक पर इसका ज्यादा दबाव नहीं पड़ा। बैंक की ब्याज से कमाई लगातार बढ़ रही है और मुनाफे का मार्जिन भी बेहतर हो रहा है। साथ ही, बैंक का लोन देने का काम मजबूत बना हुआ है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, बैंक के लोन सुरक्षित हैं और नुकसान का जोखिम काबू में है। ब्रोकरेज को भरोसा है कि FY27 तक बैंक की कमाई और मुनाफा और सुधरेगा। इसी वजह से मोतीलाल ओसवाल ने HDFC बैंक के शेयर पर BUY की सलाह बरकरार रखी है और ₹1,175 का टारगेट प्राइस दिया है।
एक्सिस सिक्योरिटीज ने HDFC बैंक पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,190 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक की ग्रोथ की रफ्तार आगे और तेज होगी और लोन डिपॉजिट रेशियो यानी LDR FY27 तक मर्जर से पहले वाले स्तर के करीब आ सकता है। ग्रोथ आउटलुक पर बात करें तो मैनेजमेंट को भरोसा है कि FY27 में बैंक इंडस्ट्री से बेहतर लोन ग्रोथ देगा। Q3 में लोन ग्रोथ उम्मीद से थोड़ी बेहतर रही, जिसे CRR कट, ब्याज दरों में नरमी और कम क्रेडिट कॉस्ट का सपोर्ट मिला। एक्सिस के मुताबिक, बैंक FY26 को करीब 13% लोन ग्रोथ के साथ खत्म कर सकता है, जो FY26 से FY28 के बीच बढ़कर करीब 15% सालाना हो सकती है।
मार्जिन में सुधार को लेकर भी ब्रोकरेज पॉजिटिव है। Q3 में बैंक का NIM 8 बेसिस पॉइंट बढ़ा, जिसकी वजह फंड की लागत में कमी रही। मैनेजमेंट का कहना है कि ब्याज दर कट का पूरा फायदा धीरे धीरे अगले कुछ तिमाहियों में दिखेगा। साथ ही उधारी पर निर्भरता कम करना और CASA बढ़ाना भी मार्जिन को सपोर्ट करेगा। एक्सिस सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि FY27–28 में बैंक का NIM 3.5 से 3.6 फीसदी तक पहुंच सकता है। कुल मिलाकर, ब्रोकरेज का मानना है कि ग्रोथ, मार्जिन और LDR तीनों मोर्चों पर सुधार की तस्वीर साफ दिख रही है, इसी वजह से HDFC बैंक पर BUY की सलाह कायम रखी गई है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।