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RIL: Q3 नतीजों के बाद स्टॉक 3% से ज्यादा टूटा; ब्रोकरेज की सलाह- BUY करें, 3 नए ग्रोथ इंजन देंगे मजबूती

RIL Stock; ब्रोकरेज का कहना है कि O2C (ऑयल टू केमिकल) और डिजिटल बिजनेस में मजबूती रही। हालांकि रिटेल बिजनेस ने दबाव बढ़ाया।

Last Updated- January 19, 2026 | 1:07 PM IST
RIL Share
Representational Image

RIL Stock Price: तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजों के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सोमवार (19 जनवरी) को दबाव देखने को मिला। सुस्त शुरुआत के बाद स्टॉक 3 फीसदी से ज्यादा टूट गया। अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 18,645 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 18,540 करोड़ रुपये था। नतीजों के बाद ब्रोकरेज हाउस रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL Share) पर बुलिश बने हुए हैं। ब्रोकरेज का कहना है कि O2C (ऑयल टू केमिकल) और डिजिटल बिजनेस में मजबूती रही। हालांकि रिटेल बिजनेस ने दबाव बढ़ाया। कंपनी के लिए न्यू एनर्जी, AI और जियो लिस्टिंग आगे के तीन बड़े ट्रिगर हो सकते हैं।

RIL: शेयर 3% से ज्यादा टूटा

BSE पर सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक में मामूली नरमी के साथ 1455.05 रुपये पर कारोबार की शुरुआत हुई। शुक्रवार को शेयर 1457 रुपये पर बंद हुआ था। दोपहर 12:30 बजे तक सेशन में स्टॉक 3.5 फीसदी से ज्यादा टूटकर 1405.05 के दिन के निचले स्तर पर आ गया। स्टॉक का 52 हफ्ते का हाई 1,611.20 और लो 1,115.55 है। कंपनी का मार्केट कैप 19.02 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया।

RIL Share: ₹1,808 तक जाएगा भाव

ब्रोकरेज फर्म नुवामा (Nuvama) ने RIL पर BUY की सलाह बनाए रखी है। साथ ही प्रति शेयर टारगेट प्राइस 1,808 रुपये दिया है। बीते ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार को शेयर 1457 रुपये पर बंद हुआ था। इस तरह मौजूदा भाव से स्टॉक करीब 25 फीसदी का अपसाइड दिखा सकता है।

नुवामा का कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज में रिटेल बिजनेस की कमजोरी को O2C (ऑयल-टू-केमिकल्स) और डिजिटल बिजनेस ने संभाला है। कंपनी के सामने तीन नए ग्रोथ इंजन उभर रहे हैं। पहला, न्यू एनर्जी बिजनेस, जहां सेल और मॉड्यूल प्लांट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 10GW सोलर मॉड्यूल/सेल प्रोजेक्ट से FY27 में मुनाफे में करीब 6% का योगदान आ सकता है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज (BESS) प्लांट मिड-2026 से शुरू होने की उम्मीद है।

दूसरा, ग्रीन हाइड्रोजन (GH2) के लिए कच्छ में 20GW RTC पावर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। इससे कैप्टिव पावर कॉस्ट में 25% से ज्यादा की कटौती हो सकती है, जिससे मुनाफा बढ़ेगा। तीसरा, AI बिजनेस, जिसमें सभी निवेश नई कंपनी रिलायंस इंटेलिजेंसी (Reliance Intelligence) के जरिए किए जाएंगे। इसके अलावा, FMCG बिजनेस (RCPL) को रिटेल से अलग कर ब्रांड बिल्डिंग और फूड पार्क पर फोकस किया जाएगा।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने भी रिलायंस इंडस्ट्रीज पर खरीदारी की सलाह बनाए रखी है। ₹1,750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि RIL की तीसरी तिमाही (Q3) कमजोर रही। कुल कामकाजी मुनाफा (EBITDA) ₹46,000 करोड़ रहा, जो अनुमान से कम था। इसकी बड़ी वजह रिलायंस रिटेल का कमजोर प्रदर्शन रहा। रिटेल की ग्रोथ पर असर त्योहारी सीजन का Q2 में शिफ्ट होना, FMCG डीमर्जर और क्विक कॉमर्स में तेज निवेश की वजह से पड़ा। नए लेबर कोड लागू होने से लागत भी बढ़ी। हालांकि, जियो (RJio) का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहा और सब्सक्राइबर ग्रोथ मजबूत रही। O2C बिजनेस में सुधार देखने को मिला, लेकिन KG-D6 गैस उत्पादन घटने से अपस्ट्रीम बिजनेस दबाव में रहा।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिेंग (Antique) ने आरआईएल पर ₹1,700 के लक्ष्य के साथ खरीदारी की सलाह बनाए रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि RIL की Q3 तिमाही मिली-जुली रही। O2C बिजनेस में फ्यूल मार्जिन बेहतर रहे, लेकिन रिटेल बिजनेस कमजोर रहा। रिटेल पर असर GST बदलाव, ज्यादा प्रमोशन, क्विक कॉमर्स खर्च और FMCG बिजनेस की कमजोरी से पड़ा। डिजिटल बिजनेस में सब्सक्राइबर बढ़ने से थोड़ी राहत मिली, लेकिन कुल मिलाकर रिटेल EBITDA उम्मीद से कम रहा। एंटीक का मानना है कि निकट अवधि में शेयर का प्रदर्शन जियो लिस्टिंग, AI प्रगति और न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स से जुड़ी खबरों पर निर्भर करेगा।

कैसे रहे RIL के Q3 नतीजे?

रिलायंस इंडस्ट्रीज का अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 18,645 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 18,540 करोड़ रुपये था। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 2.69 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 2.43 लाख करोड़ रुपये था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल इकाई JIO प्लेटफॉर्म्स ने दिसंबर तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि बीते साल की समान तिमाही के मुकाबले उसका कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 11.3 फीसदी बढ़कर 7,629 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस बढ़ोतरी के पीछे सब्सक्राइबर बेस में विस्तार, एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर (ARPU) में सुधार और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते पैमाने की अहम भूमिका रही।

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

First Published - January 19, 2026 | 1:07 PM IST

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