facebookmetapixel
ईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानी

SEBI Investor Survey 2025: 63% परिवारों को शेयर-MF की जानकारी, लेकिन सिर्फ 9.5% ही निवेशक

म्युचुअल फंड और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड को 53 फीसदी परिवारों ने पहचाना जबकि इक्विटी के बारे में 49 फीसदी लोगों को जानकारी थी

Last Updated- January 21, 2026 | 10:08 PM IST
SEBI investor survey 2025

सेबी के निवेशक सर्वेक्षण 2025 के अनुसार, पिछले एक दशक में तीव्र वित्तीयकरण और इक्विटी और म्युचुअल फंड बाजारों में रिकॉर्ड वृद्धि के कारण करीब दो-तिहाई परिवार प्रतिभूति बाजार के उत्पादों के बारे में जागरूक हैं।

देशव्यापी सर्वेक्षण में पाया गया कि 63 फीसदी परिवार (करीब 21.3 करोड़) कम से कम एक प्रतिभूति बाजार उत्पाद के बारे में जानते हैं जबकि बाकी 37 फीसदी को इक्विटी, म्युचुअल फंड, बॉन्ड या डेरिवेटिव जैसे साधनों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, 33.72 करोड़ परिवारों में से केवल 3.21 करोड़ परिवारों यानी 9.5 फीसदी ने ही प्रतिभूति बाजार उत्पादों में निवेश किया है। सेबी के निष्कर्ष वित्तीय पहुंच और पूंजी बाजारों में सार्थक भागीदारी के बीच लगातार अंतर को उजागर करते हैं।

विभिन्न क्षेत्रों और डेमोग्राफी के आधार पर जागरूकता के स्तर में काफी भिन्नता पाई जाती है। शहरी परिवारों में 74 फीसदी जागरूकता दर्ज की गई जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 56 फीसदी था, जो वित्तीय साक्षरता के असमान प्रसार को दर्शाता है। भारत के नौ प्रमुख महानगरों में जागरूकता का स्तर बढ़कर 89 फीसदी हो गया, जो बाजार में बेहतर पैठ और वित्तीय मध्यस्थों तक आसान पहुंच को दर्शाता है।

शिक्षा और आय, बाजार जागरूकता के प्रमुख निर्धारक बने हुए हैं। स्नातकोत्तर (86 फीसदी) और स्नातक (81 फीसदी) परिवारों में प्रतिभूति उत्पादों की जानकारी का स्तर 10वीं कक्षा तक शिक्षित परिवारों की तुलना में काफी अधिक था, जहां जागरूकता 50 फीसदी से कम थी। इसी प्रकार, अग्रणी सामाजिक-आर्थिक वर्ग (एनसीसीएस ए) के परिवारों में 84 फीसदी जागरूकता दर्ज की गई, जबकि निम्न आय वर्ग (एनसीसीएस सी, डी और ई) 45 फीसदी जागरूकता के साथ पिछड़ गए।

विभिन्न आयु समूहों में जेन जेड (66 फीसदी) और मिलेनियल्स (62 फीसदी) ने जेन एक्स और उससे अधिक उम्र के लोगों की तुलना में अधिक जागरूकता दिखाई। हालांकि, लैंगिक अंतर अभी भी बना हुआ है, जहां 66 फीसदी पुरुष प्रतिभूति उत्पादों के बारे में जागरूक हैं जबकि महिलाओं का फीसदी 58 है। जो दर्शाता है कि व्यापक डिजिटल पहुंच के बावजूद वित्तीय भागीदारी असमान बनी हुई है।

उत्पादों के स्तर पर जागरूकता कुछ चुनिंदा निवेश साधनों तक ही सीमित है। म्युचुअल फंड और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड को 53 फीसदी परिवारों ने पहचाना जबकि इक्विटी के बारे में 49 फीसदी लोगों को जानकारी थी।

First Published - January 21, 2026 | 10:00 PM IST

संबंधित पोस्ट