भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने “महत्वपूर्ण सूचकांक” (Significant Indices) की पहचान के लिए 20,000 करोड़ रुपये की एसेट सीमा प्रस्तावित की है। ये सूचकांक अब इसके नए नोटिफाइड इंडेक्स प्रोवाइडर्स रेगुलेशंस, 2024 के दायरे में आएंगे। इसका मकसद म्युचुअल फंड्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बेंचमार्क की गवर्नेंस और निगरानी को मजबूत करना है।
सोमवार को जारी एक कंसल्टेंट पेपर में मार्केट रेगुलेटर ने कहा कि कोई सूचकांक “महत्वपूर्ण” तब माना जाएगा जब उसे घरेलू म्युचुअल फंड स्कीम्स द्वारा ट्रैक किया जाता हो या बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता हो, और इन स्कीम्स के कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हों।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों की संपत्ति में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड और इंडेक्स फंड की बढ़ती हिस्सेदारी को देखते हुए, इंडेक्स प्रोवाइडर्स को औपचारिक पंजीकरण (formal registration) और नियामक ढांचे (regulatory framework) के तहत लाना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।
इस प्रस्ताव में AUM की गणना के लिए एक विस्तृत कार्यप्रणाली भी निर्धारित की गई है और इसे 30 जनवरी तक सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए रखा गया है।
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ड्राफ्ट सर्कुलर के अनुसार, कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) की गणना हर साल 30 जून और 31 दिसंबर को समाप्त होने वाले पिछले छह महीनों के प्रत्येक महीने के म्युचुअल फंड स्कीम्स के दैनिक औसत AUM के आधार पर की जाएगी।
जहां किसी म्युचुअल फंड स्कीम कई सूचकांक (indices) को ट्रैक करती है, वहां हर सूचकांक के लिए जिम्मेदार AUM को अनुपात के आधार पर तय किया जाएगा। इंडेक्स ऑफ इंडेक्स (indices of indices) के मामले में, संबंधित AUM को उनके भार (weights) के अनुसार बांटा जाएगा।
सेबी ने 1 जनवरी से 30 जून 2025 के बीच म्युचुअल फंड डेटा के आधार पर संभावित “महत्वपूर्ण सूचकांकों” (significant indices) की एक लिस्ट भी जारी की है। इसमें सेंसेक्स, निफ्टी 50, निफ्टी बैंक, निफ्टी 100 और निफ्टी 500 जैसे प्रमुख इक्विटी बेंचमार्क के साथ-साथ BSE इंडेक्स सर्विसेज, NSE इंडेक्स और CRISIL द्वारा मैनेज्ड विभिन्न डेट, हाइब्रिड और थीमैटिक इंडेक्स शामिल हैं।
हालांकि, ऐसे इंडेक्स जो पहले से ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नियमन में हैं, जैसे RBI-नोटिफाइड महत्वपूर्ण बेंचमार्क सेबी के दायरे से बाहर रहेंगे।
ऐसे महत्वपूर्ण सूचकांक (significant indices) मैनेज करने वाले इंडेक्स प्रोवाइडर्स को सर्कुलर जारी होने के छह महीने के भीतर सेबी के पास रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा।