शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट आई। ब्लू-चिप कंपनियों के निराशाजनक तिमाही नतीजों ने बाजार के सेंटिमेंट पर नकारात्मक असर डाला। वैश्विक व्यापार टकराव की आशंकाओं ने भी निवेशकों को सतर्क रखा। निफ्टी 50 और सेंसेक्स दोनों में 0.4 फीसदी की गिरावट आई और ये क्रमशः 25,585.5 और 83,246.18 के अपने 10 सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुए।
निफ्टी के प्रमुख शेयरों रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक के तिमाही नतीजों के उम्मीद से कमजोर रहने के कारण शेयर बाजार पर सबसे ज्यादा असर हुआ। इन दोनों में क्रमशः 3 फीसदी और 2.1 फीसदी की गिरावट आई। रिलायंस ने खुदरा कारोबार में कमजोरी और अधिक खर्चों के कारण दिसंबर तिमाही के लाभ अनुमानों को पूरा नहीं किया। आईसीआईसीआई बैंक ने ज्यादा प्रावधानों के कारण उम्मीद से कम लाभ दर्ज किया।
आईटी फर्म विप्रो के शेयरों में 8 फीसदी की गिरावट आई। यह जुलाई 2024 के बाद प्रतिशत के लिहाज से एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। कंपनी ने चालू मार्च तिमाही के लिए उम्मीद से कमजोर राजस्व वृद्धि का अनुमान लगाया है। दिसंबर अवधि में उसकी सौदों की बुकिंग छह तिमाहियों के निचले स्तर पर आ गई।
कैपग्रो कैपिटल के फंड मैनेजर अरुण मल्होत्रा ने कहा, कुल मिलाकर नतीजे अब तक मिलेजुले रहे हैं। लेकिन हम आईटी कंपनियों की बेहतर प्रतिक्रिया और बैंकों की मजबूत ऋण वृद्धि जैसे सकारात्मक पहलुओं की ओर अधिक झुकाव रखते हैं।
एफएमसीजी में 0.7 फीसदी की वृद्धि से बेंचमार्क का नुकसान सीमित करने में मदद मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति मिलने तक वह 1 फरवरी से आठ यूरोपीय संघ के सदस्यों पर टैरिफ बढ़ाने की श्रृंखला लागू करेंगे। इसने वैश्विक मनोबल को अस्थिर किया।
16 प्रमुख सेक्टरों में से 13 में आज गिरावट दर्ज की गई। स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में क्रमशः 1 फीसदी और 0.4 फीसदी की गिरावट आई। अन्य शेयरों में आरबीएल बैंक और येस बैंक के शेयरों में क्रमशः 6.7 फीसदी और 3 फीसदी की गिरावट आई जबकि फेडरल बैंक के तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद उसके शेयर 3.5 फीसदी बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। तीसरी तिमाही का राजस्व अनुमानों से अधिक रहने के बाद टेक महिंद्रा के शेयर 2.9 फीसदी चढ़ गए।
जेफरीज के इस बयान के बाद इंडिगो के शेयरों में 4.2 फीसदी की उछाल आई कि पिछले महीने बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने पर भारत के विमानन नियामक का 24.5 करोड़ डॉलर का जुर्माना अनुमान से कम लगता है। भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल खनन कंपनी भारत कोकिंग कोल के शेयर पहले ही दिन 76.4 फीसदी चढ़ गए।