प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर गुरुवार को हुई छापेमारी के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को रैली निकाली। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं पर कोयला घोटाले से लाभ उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यदि आवश्यक हुआ, तो वह सबूत सार्वजनिक कर सकती हैं। तृणमूल कांग्रेस ने उच्च न्यायलय का रुख किया, तो संघीय जांच एजेंसी ने भी अदालत से गुरुवार की घटनाओं की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया।
ममता ने 10 किलोमीटर लंबे विरोध मार्च के बाद आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने छापेमारी स्थल पर तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में हस्तक्षेप किया था, न कि मुख्यमंत्री के रूप में। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आई-पैक के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी का मकसद 2026 के विधान सभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक रणनीति को चुराना था।
ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी ने महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में जबरदस्ती सत्ता हथिया ली है। निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा एसआईआर के जरिये मतदाताओं के नाम हटाकर बंगाल में भी ऐसा ही करने का प्रयास कर रही है।
ममता ने घोषणा की कि उनकी पार्टी का अगला गंतव्य नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग होगा, जहां एसआईआर के दौरान मतदाताओं के कथित उत्पीड़न का विरोध किया जाएगा। नई दिल्ली में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया, जब वे केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली में गृह मंत्रालय के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
इस बीच, ममता बनर्जी ने राजनीतिक परामर्श कंपनी आई-पैक के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के संबंध में ईडी के खिलाफ दो शिकायत दर्ज कराई हैं। एक अधिकारी ने बताया कि शिकायतों के आधार पर कोलकाता और बिधाननगर पुलिस ने औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तृणमूल कांग्रेस ने एजेंसी की छापेमारी के खिलाफ शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर कर तलाशी अभियान के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों के ‘दुरुपयोग और प्रसार’ पर रोक लगाने का अनुरोध किया।
दूसरी ओर ईडी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपनी जांच में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है और गुरुवार की घटनाओं की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया।