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भारत में ट्रेवल इंश्योरेंस की मांग लगातार क्यों बढ़ रही है और एक्सपर्ट इसे लेने की सलाह क्यों दे रहे हैं?

एक्सपर्ट के मुताबिक, फ्लाइट की बढ़ती देरी और रद्दीकरण के चलते यात्रियों द्वारा ट्रेवल इंश्योरेंस को एक जरूरी विकल्प के रूप में से अपनाया जा रहा है

Published by
ऋषभ राज   
Last Updated- January 09, 2026 | 6:44 PM IST

आज के यात्री ट्रैवलिंग से पहले सिर्फ टिकट बुक करना और बैग पैक करना ही नहीं चाहते। वे चाहते हैं कि उनकी यात्रा हर कदम पर सुरक्षित और भरोसेमंद हो, चाहे फ्लाइट देर हो जाए, कोई सामान खो जाए या कोई अचानक ‘अप्रत्याशित’ स्थिति सामने आए। एक्सपर्ट के मुताबिक, यही वजह है कि ट्रेवल इंश्योरेंस अब केवल विकल्प नहीं बल्कि हर यात्री की पहली प्राथमिकता बन गया है। लोग अपनी यात्रा को तनावमुक्त, सहज और सुरक्षित बनाना चाहते हैं और इसके लिए खर्च करने से पीछे नहीं हटते।

भारत में ट्रेवल इंश्योरेंस की बढ़ती मांग इस बदलाव का सबसे साफ संकेत है। यात्रियों की सोच अब सुरक्षा और सुविधा पर केंद्रित हो गई है। फ्लाइट की देरी, कैंसिलेशन या बैगेज की समस्या जैसी घटनाओं ने यात्रियों के यात्रा अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। अब हर यात्री अपनी यात्रा को भरोसेमंद और सुरक्षित बनाना चाहता है। फिनटेक प्लेटफॉर्म नियो की ट्रेवल और पेमेंट्स रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में ट्रेवल इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने वालों की संख्या सालाना आधार पर 43 प्रतिशत तक बढ़ी।

एक्सपर्ट का मानना है कि यात्रियों की यह बदलती सोच इंश्योरेंस कंपनियों के लिए नए अवसर भी लेकर आई है। फ्लाइट डिले, कैंसिलेशन और ऑपरेशन में गड़बड़ी जैसी घटनाएं अब सामान्य परेशानी नहीं बल्कि यात्रियों के फैसले बदलने का कारण बन गई हैं। बढ़ती ट्रैवल वॉल्यूम और ऑपरेशनल अनिश्चितता ने यात्रियों में रीयल-टाइम असिस्टेंस और वित्तीय सुरक्षा की मांग बढ़ा दी है।

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सेवाएं जो बना रही हैं ट्रैवल को तनावमुक्त

आज के दौर में यात्री चाहते हैं कि किसी भी परेशानी का हल तुरंत और आसानी से मिल जाए। इसी वजह से जीरो कैंसिलेशन, सामान की सुरक्षा और आपात स्थिति में नकद मदद जैसी सेवाएं तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। ये सुविधाएं यात्रियों को यह भरोसा देती हैं कि हालात बिगड़ने पर भी उनके पास नियंत्रण रहेगा और पैसों की चिंता नहीं होगी, जिससे वे निश्चिंत होकर अपनी यात्रा की बुकिंग कर पाते हैं।

एक्रॉस असिस्ट के CEO नीरज वर्मा कहते हैं, “आज का यात्री अपनी यात्रा में किसी भी तरह की अनिश्चितता को बर्दाश्त नहीं करता। फ्लाइट डिले या कैंसिलेशन जैसी घटनाओं ने यात्रियों की उम्मीदें बदल दी हैं। ट्रेवल इंश्योरेंस अब केवल एक ऐडऑन नहीं बल्कि यात्रा का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। ये नीतियां यात्रियों को भरोसा देती हैं कि किसी अप्रत्याशित स्थिति में वे अकेले नहीं रहेंगे और उन्हें वित्तीय सुरक्षा भी मिलेगी।”

नीरज वर्मा का कहना है कि आने वाले सालों में ट्रेवल इंश्योरेंस की भूमिका और भी अहम होती जाएगी। जैसे-जैसे लोग ज्यादा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू यात्राएं करेंगे, उनकी प्राथमिकता यात्रा को तनावमुक्त और सुरक्षित बनाने की होगी। इसलिए इंश्योरेंस कंपनियां नई और बेहतर सेवाओं को पेश कर रही हैं, ताकि यात्रियों को हर तरह की सुरक्षा मिल सके।

वर्मा कहते हैं, “भारत में ट्रेवल इंश्योरेंस की बढ़ती मांग इसका संकेत है कि यात्रियों की सोच बदल गई है। वे अब यात्रा को सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सुरक्षित निवेश की तरह देख रहे हैं। और ऐसे में ट्रेवल इंश्योरेंस उनकी यात्रा का अहम हिस्सा बन गया है, जो उन्हें मानसिक शांति और वित्तीय सुरक्षा दोनों देता है।”

First Published : January 9, 2026 | 6:44 PM IST