facebookmetapixel
Advertisement
CBSE ने छात्रों को दी बड़ी राहत: अब सिर्फ ₹100 में होगा रीचेकिंग, अंक बढ़ने पर फीस होगी वापसPM मोदी की नीदरलैंड यात्रा में हुए 17 ऐतिहासिक समझौते, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर हुआ सौदाहोर्मुज संकट पर संयुक्त राष्ट्र में भारत ने रखा अपना पक्ष, कहा: जहाजों पर हमला पूरी तरह अस्वीकार्यइबोला के दुर्लभ वायरस ने बढ़ाई पूरी दुनिया की चिंता, WHO ने घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकालSukhoi Su 57 बन सकता है वायु सेना का ब्रह्मास्त्र! स्क्वाड्रन की भारी कमी के बीच IAF के पास एकमात्र विकल्पवीडियोकॉन समूह को लेकर NCLAT का बड़ा फैसला: दोनों कंपनियों की दिवाला प्रक्रिया अब चलेगी अलग-अलगअंबुजा सीमेंट के विस्तार में देरी पर करण अदाणी ने माना: समूह की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं परियोजनाएंम्यूचुअल फंड में फिर लौटा निवेशकों का भरोसा, कमोडिटी ETF को पछाड़ आगे निकले ऐक्टिव इक्विटी फंडडिजिटल लेनदेन पर अब मिलेगा ‘रिस्क स्कोर’, साइबर ठगी और ‘म्यूल अकाउंट’ पर नकेल कसने की तैयारीरुपये पर दबाव जरूर मगर अभी 100 पार नहीं! जानकारों का दावा: अभी इसकी संभावना न के बराबर

भारत पहुंचे US के नए राजदूत गोर,कहा: वापस आकर अच्छा लग रहा, दोनों देशों के सामने कमाल के मौके

Advertisement

38 साल के सर्जियो गोर हाल के दशकों में भारत में नियुक्त सबसे युवा अमेरिकी राजदूतों में से एक हैं

Last Updated- January 10, 2026 | 6:22 PM IST
Sergio Gor
38 वर्ष की आयु में, गोर हाल के दशकों में भारत में नियुक्त किए गए सबसे युवा अमेरिकी राजदूतों में से एक हैं | फोटो: PTI

नई दिल्ली में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर शुक्रवार को पहुंचे। वे यहां आधिकारिक तौर पर अपना कामकाज संभालने आए हैं। यह पद वॉशिंगटन के लिए बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि भारत-अमेरिका के रिश्ते रणनीतिक रूप से बहुत मजबूत होने के साथ-साथ कुछ चुनौतियों से भी गुजर रहे हैं।

लैंडिंग के तुरंत बाद गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, “भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है! हमारे दोनों देशों के सामने कमाल के मौके हैं!” यह मैसेज दोनों देशों के बीच भविष्य को लेकर उनकी उम्मीद और सकारात्मक सोच को दिखाता है।

Sergio Gor

कौन हैं सर्जियो गोर?

38 साल के सर्जियो गोर हाल के दशकों में भारत में नियुक्त सबसे युवा अमेरिकी राजदूतों में से एक हैं। उनका असली नाम सर्जे गोरोखोव्स्की था और वे ताशकंद (पूर्व सोवियत संघ) में पैदा हुए थे। बाद में वे अमेरिका चले आए और जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की।

ट्रंप प्रशासन में वे पहले से ही काफी करीब थे। वे व्हाइट हाउस के प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस के डायरेक्टर रह चुके हैं, जहां उन्होंने ट्रंप की दूसरी टर्म में कई अहम पदों पर लोगों की नियुक्ति में बड़ी भूमिका निभाई। रिपब्लिकन पार्टी के कई संगठनों में भी वे सक्रिय रहे हैं।

Also Read: भारत ने अमेरिका के बयान को किया खारिज, कहा: PM मोदी ने ट्रंप से 2025 में आठ बार फोन पर बातचीत की

नवंबर 2025 में सीनेट की मंजूरी के बाद उन्हें भारत का राजदूत बनाया गया। इसके अलावा उन्हें दक्षिण और मध्य एशिया के लिए स्पेशल एnvoy भी बनाया गया है, जो इस इलाके को लेकर अमेरिका की गहरी दिलचस्पी को दिखाता है।

रिश्तों में मौजूदा हालात

गोर की इस यात्रा के समय भारत-अमेरिका के रिश्ते में एक तरफ तो रक्षा, अहम टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश चल रही है। लेकिन दूसरी तरफ व्यापार को लेकर मतभेद और टैरिफ से जुड़ी चिंताएं भी बनी हुई हैं।

अपनी सीनेट सुनवाई में गोर ने कहा था कि भारत अमेरिका के लिए “सबसे अहम रिश्तों में से एक” है। वे बाजार पहुंच और व्यापार असंतुलन जैसी समस्याओं को सुलझाने के साथ-साथ सहयोग को और मजबूत करने पर फोकस करेंगे।

अब नई दिल्ली में उनके शुरुआती मीटिंग्स, जहां वे भारतीय नेताओं और राजनयिकों से मिलेंगे, आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

Advertisement
First Published - January 10, 2026 | 6:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement