facebookmetapixel
Advertisement
Shree Balaji (Mala) IPO Listing: 90% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ इश्यू, लेकिन मिनटों में लगा लोअर सर्किट! निवेशकों को लगा झटकाCoforge Share Price: मजबूत नतीजों के बाद ब्रोकरेज बुलिश, 36% तक अपसाइड का अनुमानManipal Health IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला ₹9,275 करोड़ का IPO; जानें प्राइस बैंड, GMP समेत अन्य डीटेल्सMid Cap Stocks: अभी भी कमाई का मौका या दिखेगी उठापटक, निवेशकों के लिए क्या है बड़ी सलाह?HUL में अभी खरीदारी का मौका? ब्रोकरेज को दिख रहा 35% तक का अपसाइडपश्चिम एशिया में सुस्ती का L&T ने निकाला यूरोप वाला तोड़, दो ब्रोकरेज ने दिए ₹4,550 तक के टारगेटGold, Silver Price Today: फेड मीटिंग से पहले बाजार में मिक्स ट्रेंड; सोना ₹243 टूटा, चांदी ₹815 उछलीManipal Health IPO: तेज ग्रोथ, भारी कर्ज और गिरता मुनाफा… निवेशक क्या करें?US Fed Meeting: क्या इस बार भी नहीं बढ़ेगी ब्याज दर? Kevin Warsh के फैसले पर टिकी दुनियाभर के बाजारों की नजरStock Market Update: शेयर बाजार में तूफानी तेजी! Sensex 800 अंक उछला, Nifty 24,200 के पार; Adani Ports 2% फिसला

NPS में तय पेंशन की तैयारी, बनी 15 सदस्यीय समिति

Advertisement

सेवानिवृत्ति के बाद आय सुरक्षा मजबूत करने के लिए पीएफआरडीए ने 15 सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति गठित की

Last Updated- January 14, 2026 | 8:01 AM IST
NPS

पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण ने नैशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत सुनिश्चित भुगतान का नियामकीय ढांचा विकसित करने के लिए उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। वित्त मंत्रालय के मंगलवार को जारी बयान के अनुसार इस कदम का उद्देश्य ग्राहकों के लिए सेवानिवृत्ति आय सुरक्षा को मजबूत करना है।

यह समिति पीएफआरडीए अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार एनपीएस के तहत ढांचागत व सुनिश्चित पेंशन भुगतान को सक्षम करने के लिए दिशानिर्देश और विनियम तैयार करने पर काम करेगी। यह पहल सरकार के विकसित भारत 2047 के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। इसका उद्देश्य नागरिकों के लिए उनके सेवानिवृत्ति के बाद के वर्षों में वित्तीय स्वतंत्रता और सम्मान सुनिश्चित करना है।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘पीएफआरडीए ने एनपीएस के तहत सुनिश्चित भुगतान का ढांचा विकसित करने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन करके सेवानिवृत्ति सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है।’ बयान में यह भी कहा गया है कि प्रस्तावित ढांचे का उद्देश्य मार्केट से जुड़ाव कायम रखने हुए सेवानिवृत्ति के बाद की आय की अधिक निश्चितता प्रदान करना है।

इस 15 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता डॉ. एम एस साहू करेंगे। वे भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) के पूर्व अध्यक्ष व संस्थापक हैं। समिति में कानून, बीमांकिक विज्ञान, फाइनैंस, बीमा, कैपिटल मार्केट और शिक्षा जगत के विशेषज्ञ शामिल हैं। समिति व्यापक परामर्श के लिए बाहरी विशेषज्ञों और मध्यस्थों को भी आमंत्रित कर सकती है।

Advertisement
First Published - January 14, 2026 | 8:01 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement