देश के किसानों के लिए आज एक बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी से शाम 5 बजे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) स्कीम की 22वीं किस्त जारी करने वाले हैं। ये पैसा सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से किसानों के बैंक खाते में जाएगा। कुल 18,640 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को मिलेगी। PM मोदी असम में दो दिन की सरकारी यात्रा पर हैं, और यहीं से वो ये पैसा किसानों के खाते में रिलीज भेजेंगे।
बता दें कि PM-Kisan स्कीम किसानों की मदद के लिए चल रही है, जो उन्हें घर बैठे पैसे देती है। लेकिन इस बार कुछ कम किसानों को फायदा मिलेगा, क्योंकि सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। पहले की तुलना में अब ज्यादा जांच हो रही है, ताकि गलत लोग फायदा न उठा सकें। ये पैसा किसानों को खेती और घर के खर्च में सहारा देगा, जो छोटे और मध्यम किसानों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है।
यह स्कीम केंद्र सरकार की तरफ से साल 2019 में शुरू हुई थी। इसका मकसद किसान परिवारों को आर्थिक मदद देना है, जिसमें खासकर छोटे और मध्यम किसानों को शामिल किया गया था। इसके तहत हर साल 6,000 रुपये मिलते हैं, जो 2000 रुपये की तीन किस्तों में मिलते हैं। पैसा सीधे किसानों के बैंक में आता है, इसलिए बिचौलिया जैसा कोई खतरा नहीं होता। यह मदद खेती के कामों जैसे बीज, खाद या घर के रोजमर्रा खर्च में इस्तेमाल होती है। लेकिन इसका फायदा लेने के लिए कुछ शर्तें हैं। किसान को इसके सारे मापदंडों का पूरा करना होगा, और E-KYC कंपलसरी है। ये वेरिफिकेशन आधार से जुड़ा होता है, ताकि सही आदमी को पैसा मिले। स्कीम ने लाखों किसानों की जिंदगी आसान की है, लेकिन अब जांच सख्त होने से कुछ लोग बाहर हो रहे हैं। पोर्टल पर सब डिटेल्स उपलब्ध हैं, जहां किसान खुद चेक कर सकते हैं।
अगर आप किसान हैं और सोच रहे हैं कि आपका नाम लाभार्थी के लिस्ट में है या नहीं, तो आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। PM-Kisan की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। वहां ‘बेनिफिशियरी लिस्ट’ पर क्लिक करें। फिर अपना राज्य, जिला, सब-डिस्ट्रिक्ट, ब्लॉक और गांव चुनें। ‘गेट रिपोर्ट’ पर क्लिक करते ही गांव की लिस्ट आ जाएगी। अगर आपका नाम है, तो आप योग्य हैं और पैसा मिलेगा। ये तरीका बहुत सिंपल है, घर बैठे कर सकते हैं।
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अगर आप पेमेंट स्टेटस चेक करना चाहते हैं तो यह भी काफी आसान है। वेबसाइट पर ही ‘लाभार्थी स्टेटस’ पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर या मोबाइल नंबर डालें। ‘गेट डेटा’ पर क्लिक करें, तो स्क्रीन पर दिख जाएगा कि पैसा आया या नहीं। अगर रुक गया है, तो वजह भी पता चल सकती है।
E-KYC न करने से पैसा अटक जाता है, इसलिए ये जरूर कर लें। OTP वाला तरीका आसान है। वेबसाइट पर ‘E-KYC’ पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर डालें। रजिस्टर्ड मोबाइल पर OTP आएगा, उसे सबमिट करें। हो गया। अगर OTP में दिक्कत है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाएं। वहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से काम हो जाएगा। ये फ्री है और जल्दी होता है। किसानों को सलाह है कि जल्दी ये कर लें, ताकि अगली किस्त मिस न हो।
PM-Kisan स्कीम में अब पहले जितने किसान नहीं बचे। सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि 21वीं किस्त, जो नवंबर 2025 में रिलीज हुई थी, उसमें 9.35 करोड़ से ज्यादा किसानों को पैसा मिला। लेकिन अब 22वीं में लगभग 3.8 लाख कम लोग हैं। मतलब कुल 9.32 करोड़ ही रह गए। ये गिरावट पिछले कुछ सालों से चल रही है। सबसे ज्यादा लाभार्थी अप्रैल-जुलाई 2022 में की 11वीं किस्त में थे, जब 10.48 करोड़ से ज्यादा किसानों को 2,000 रुपये मिले। अब तक कुल 1.17 करोड़ किसान कम हो चुके हैं। इसकी वजह है कि सरकार ने वेरिफिकेशन नियमों को काफी सख्त कर दिया है। डिजिटल जांच से गलत नाम, मर चुके लोग या जो योग्य नहीं हैं, उन्हें हटा दिया जाता है।
इसके अलावा PM-Kisan पोर्टल पर भी दावा किया गया है कि कुछ अकाउंट्स को ‘एक्सक्लूजन क्राइटेरिया’ के तहत संदिग्ध माना गया। मतलब नियमों के मुताबिक जो फिट नहीं बैठते, उन्हें बाहर कर दिया गया। इसके अलावा E-KYC जरूरी कर दिया गया। जो किसान ये नहीं कराते, उनका पैसा रुक जाता है। ये सब इसलिए किया गया है ताकि असली जरूरतमंदों तक ही मदद पहुंचे, और कोई धोखाधड़ी न हो।