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WPI: दिसंबर में थोक महंगाई बढ़कर 0.83% हुई, दो महीने बाद फिर पॉजिटिव

खाद्य पदार्थों, गैर-खाद्य वस्तुओं और मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की कीमतें बढ़ने से थोक महंगाई में हल्की तेजी

Last Updated- January 14, 2026 | 1:30 PM IST
WPI December 2026
Representational Image

WPI December: दिसंबर 2025 में देश की थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 0.83 फीसदी हो गई है। यह लगातार दूसरा महीना है, जब थोक महंगाई में बढ़त दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक खाने-पीने की चीजों, गैर-खाद्य वस्तुओं और मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों के दाम बढ़ने से यह बढ़ोतरी हुई है। पिछले दो महीनों में थोक महंगाई ने नकारात्मक रुख दिखाया था। अक्टूबर 2025 में थोक महंगाई -1.21 फीसदी और नवंबर में -0.32 फीसदी रही थी। वहीं दिसंबर 2024 में थोक महंगाई दर 2.57 फीसदी थी।

किन वजहों से बढ़ी थोक महंगाई

उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, दिसंबर 2025 में थोक महंगाई पॉजिटिव होने की मुख्य वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कीमतों का बढ़ना है। खास तौर पर मशीनरी, उपकरण, खाद्य उत्पाद, कपड़ा, खनिज और अन्य निर्माण से जुड़ी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में खाद्य पदार्थों में गिरावट (डिफ्लेशन) घटकर 0.43 फीसदी रह गई, जबकि नवंबर में यह 4.16 फीसदी थी। सब्जियों में भी गिरावट कम हुई। दिसंबर में सब्जियों की कीमतों में 3.50 फीसदी की गिरावट रही, जबकि नवंबर में यह गिरावट 20.23 फीसदी तक थी।

मैन्युफैक्चरिंग और नॉन-फूड आइटम्स महंगे

दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की थोक महंगाई बढ़कर 1.82 फीसदी हो गई, जो नवंबर में 1.33 फीसदी थी। वहीं गैर-खाद्य वस्तुओं में महंगाई बढ़कर 2.95 फीसदी रही, जो नवंबर में 2.27 फीसदी थी। दूसरी ओर, ईंधन और बिजली सेक्टर में थोक महंगाई नकारात्मक बनी हुई है। दिसंबर में इस सेक्टर में 2.31 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जो नवंबर के लगभग बराबर है।

इससे पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में खुदरा महंगाई (CPI) भी बढ़कर 1.33 फीसदी हो गई थी, जो नवंबर में 0.71 फीसदी थी। इसमें मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ना रहा।

RBI ने ब्याज दरें घटाईं

महंगाई दर में नरमी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष में अब तक 1.25 फीसदी की ब्याज दर कटौती की है। पिछले महीने RBI ने पॉलिसी रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर इसे 5.25 फीसदी कर दिया था। RBI ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय “गोल्डीलॉक्स फेज” में है, जहां विकास तेज है और महंगाई कम है। RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई अनुमान भी घटाकर 2 फीसदी कर दिया है, जो पहले 2.6 फीसदी था।

RBI ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7.3 फीसदी कर दिया है। इससे पहले यह अनुमान 6.8 फीसदी था। देश की अर्थव्यवस्था ने जून तिमाही में 7.8 फीसदी और सितंबर तिमाही में 8.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की थी।

First Published - January 14, 2026 | 1:20 PM IST

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