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थोक से खुदरा तक तेजी से गिरी महंगाई दर – आखिर क्या हुआ अक्टूबर में?

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अक्टूबर में थोक और खुदरा- दोनों महंगाई में बड़ी गिरावट, खाने-पीने की चीजों और GST कटौती से उपभोक्ताओं को राहत

Last Updated- November 14, 2025 | 12:44 PM IST
India WPI Inflation

India WPI Inflation: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के नए आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में थोक महंगाई दर (WPI Inflation) –1.21% हो गई है, जबकि सितंबर में यह 0.13% थी। इसका मतलब है कि कई चीजें पिछले महीने के मुकाबले सस्ती हुई हैं। यह गिरावट इसलिए हुई क्योंकि खाने-पीने की चीजें, कच्चा तेल, गैस, बिजली, मिनरल ऑयल और धातु जैसी जरूरी चीजों की कीमतें कम हो गईं। कई सामानों के दाम लगातार घटने से थोक महंगाई एक बार फिर माइनस में चली गई।

खुदरा महंगाई भी फिसली, CPI आया 0.25% पर

खुदरा यानी आम लोगों की जेब पर पड़ने वाली महंगाई भी अक्टूबर में काफी कम हो गई। सांख्यिकी मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर (CPI) 0.25% रह गई, जबकि सितंबर में यह 1.54% थी। यह गिरावट अब तक की CPI सीरीज में सबसे कम महंगाई बताई जा रही है। महंगाई कम होने का सबसे बड़ा कारण खाने-पीने की चीजों के दाम में बड़ी कमी है, जिससे आम लोगों को राहत मिली है।

खाद्य कीमतों में गिरावट और GST कटौती का दिखा असर

अक्टूबर में महंगाई कम होने की बड़ी वजह यह रही कि खाने-पीने की कई चीजें रिकॉर्ड स्तर पर सस्ती हो गईं। इसके साथ ही, सरकार ने हाल ही में कई सामानों पर GST कम किया, जिसका असर भी कीमतों पर दिखा और चीजें सस्ती हुईं। अगस्त में 10 महीनों बाद महंगाई थोड़ी बढ़ गई थी, लेकिन सितंबर में थोड़ी कम हुई और अक्टूबर में तो यह तेजी से नीचे आ गई। इसी वजह से थोक और खुदरा- दोनों तरह की महंगाई में लोगों को अच्छी राहत मिली।

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First Published - November 14, 2025 | 12:34 PM IST

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