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रूस से तेल खरीद में भारत पिछड़ा, दिसंबर में तुर्किये ने छीना दूसरा स्थान

अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद रूस से कच्चे तेल का आयात 29% घटा, रिलायंस और सरकारी रिफाइनरियों ने खरीद कम की

Last Updated- January 14, 2026 | 2:04 PM IST
Russia Oil Trade

Russia Oil Trade: दिसंबर 2025 में भारत रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाले देशों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर आ गया। तुर्किये ने भारत को पीछे छोड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया। यह जानकारी यूरोप की शोध संस्था सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) ने दी है। CREA के मुताबिक, दिसंबर में भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल का आयात महीने-दर-महीने 29 प्रतिशत कम हो गया। यह गिरावट उस समय की सबसे निचली मात्रा है, जब से रूस के तेल पर 60 डॉलर प्रति बैरल की कीमत सीमा लागू की गई है।

अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाए हैं। ये दोनों कंपनियां भारत को रूस से आने वाले करीब 60 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई करती थीं। इन प्रतिबंधों के बाद भारतीय तेल रिफाइनरियों ने रूस से तेल खरीद में कटौती कर दी।

रिलायंस और सरकारी रिफाइनरियों ने घटाया आयात

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने दिसंबर में रूस से कच्चे तेल का आयात 49 प्रतिशत कम कर दिया। वहीं सरकारी तेल रिफाइनरियों ने अपने आयात में 15 प्रतिशत की कमी की, ऐसा CREA ने कहा। रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर में भारत ने रूस से कुल 2.3 अरब यूरो का जीवाश्म ईंधन खरीदा। इसमें कच्चे तेल का हिस्सा 1.8 अरब यूरो रहा, जबकि कोयला और पेट्रोलियम उत्पादों का आयात 424 मिलियन यूरो का था। अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद 82 मिलियन यूरो रही।

वर्तमान में रूस के कुल कच्चे तेल निर्यात में चीन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 47 प्रतिशत है। भारत की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत है, जबकि तुर्किये और यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी 6-6 प्रतिशत है।

तुर्किये बना रूस का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार

दिसंबर में तुर्किये रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया। उसने कुल 2.6 अरब यूरो का ईंधन खरीदा। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा तेल से बने उत्पादों का रहा, जो 44 प्रतिशत यानी 1.1 अरब यूरो था। इसके बाद पाइपलाइन गैस का आयात 989 मिलियन यूरो रहा।

दिसंबर में चीन रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने वाला सबसे बड़ा देश बना रहा। टॉप पांच देशों में रूस की कुल कमाई का 48 प्रतिशत हिस्सा चीन से आया। चीन की खरीद में कच्चे तेल की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत रही, जिसकी कीमत 3.6 अरब यूरो थी।

Russia Oil कमाई घटी, एलएनजी से बढ़ी आय

दिसंबर में रूस की रोजाना जीवाश्म ईंधन से होने वाली कमाई 2 प्रतिशत घटकर 500 मिलियन यूरो प्रतिदिन रह गई। कच्चे तेल से होने वाली कमाई में 12 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 198 मिलियन यूरो प्रतिदिन पर आ गई। हालांकि, एलएनजी से रूस की कमाई 13 प्रतिशत बढ़ी।

दिसंबर में फ्रांस और स्पेन ने रूस से एलएनजी का आयात बढ़ाया। फ्रांस ने अपने आयात में 18 प्रतिशत और स्पेन ने 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी की। CREA के अनुसार, रूस का जीवाश्म ईंधन निर्यात अब भी कुछ गिने-चुने देशों पर निर्भर है।

First Published - January 14, 2026 | 2:04 PM IST

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