देश की आर्थिक दिशा फिर बदलने वाली है! 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2026-27 पेश करेंगी, जो उनका लगातार नौवां बजट होगा और NDA 3.0 का तीसरा पूरा बजट। खास बात यह है कि इस बार बजट रविवार को पेश होगा, जो पिछले कुछ सालों में कम ही हुआ है। पिछले साल सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री करके आम लोगों को बड़ी दी थी, और इस बार उम्मीदें और बड़ी हैं।
चालू वित्त वर्ष में GDP ग्रोथ 7.4% रहने का अनुमान है, लेकिन नाममात्र GDP (Nominal GDP) सिर्फ 8% रह सकती है। कृषि क्षेत्र में पिछली घोषणाओं का पूरा अमल अभी बाकी है। 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगा, जो बजट की तैयारी में अहम रोल निभाएगा। टैक्सपेयर्स, किसान से लेकर व्यवसायी वर्ग तक; हर किसी की नजर अब बजट पर है। देश की आर्थिक कहानी 2026-27 में अब अगले अध्याय की ओर बढ़ रही है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार की सलाह पर संसद के दोनों सदनों को बजट सत्र के लिए बुलाया है। यह सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र दो हिस्सों में होगा जिसमें पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक। इस दौरान बजट के अलावा कई महत्वपूर्ण चर्चाएं और बिल पास होने की उम्मीद है।
इस बजट के साथ निर्मला सीतारमण कई पूर्व वित्त मंत्रियों को बजट पेश करने में पीछे छोड़ देंगी। मनमोहन सिंह, अरुण जेटली, पी. चिदंबरम, यशवंत सिन्हा और मोरारजी देसाई जैसे बड़े नामों से ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड उनके नाम होगा। पिछले बजटों में उन्होंने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के कई कदम उठाए हैं और इस बार भी देश की आर्थिक दिशा तय करने में यह बजट अहम भूमिका निभाएगा।
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बजट से एक दिन पहले, 29 जनवरी को मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन दोनों सदनों में इकोनॉमिक सर्वे 2026-27 पेश करेंगे। यह सर्वे पिछले साल की आर्थिक स्थिति का जायजा लेता है और आने वाले समय की संभावनाएं बताता है। इससे बजट की तैयारी और समझने में मदद मिलती है।
पिछले बजट 2025-26 में नए टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई को टैक्स फ्री कर दिया गया था, जिससे आम आदमी को बड़ी राहत मिली। इस बार भी टैक्सपेयर्स को और छूट की आस है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इनकम टैक्स में और आसानी आए, नियम सरल हों और अलग-अलग सेक्टरों के लिए खास फायदे मिलें।
कृषि क्षेत्र में पिछले बजट के कई ऐलान अभी लागू नहीं हुए हैं। पिछले साल कृषि को अर्थव्यवस्था का पहला इंजन बताया गया था। किसान क्रेडिट कार्ड से लोन की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई थी। कॉटन प्रोडक्टिविटी मिशन और हाई-यील्डिंग सीड्स पर नेशनल मिशन जैसे कई कदम घोषित किए गए थे। ये 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी वालों को फायदा पहुंचाने वाले थे, लेकिन अभी इनका पूरा अमल नहीं हुआ है।
इस बीच MoSPI ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। चालू वित्त वर्ष में GDP ग्रोथ 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 6.5 प्रतिशत से बेहतर है। लेकिन नाममात्र GDP ग्रोथ सिर्फ 8 प्रतिशत रह सकती है, जो पांच साल का सबसे कम है। इससे टैक्स कलेक्शन का अनुमान लगाने में असर पड़ता है।
बजट की लाइव कवरेज indiabudget.gov.in पर, संसद टीवी, दूरदर्शन पर मिलेगी। कई न्यूज चैनल भी इसे दिखाएंगे। यूट्यूब पर संसद टीवी, दूरदर्शन और PIB के चैनल पर स्ट्रीमिंग होगी। सोशल मीडिया पर भी अपडेट्स मिलते रहेंगे।