वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने मंगलवार को कहा कि सरकार स्वदेशी डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। पूर्वी एशिया के बाजारों में इसकी पहुंच का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ग्लोबल इन्क्लूसिव फाइनैंस इंडिया समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘यूपीआई के कारण आज भारत में लगभग 50 प्रतिशत डिजिटल लेनदेन हो रहा है। हमने कुछ देशों में विस्तार किया है और अब इसे कई अन्य देशों, खासकर पूर्वी एशिया में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।’
नागराजू ने कहा कि यूपीआई पहले ही भूटान, सिंगापुर, कतर, मॉरिशस, नेपाल और संयुक्तअरब अमीरात (यूएई), श्रीलंका और फ्रांस सहित 8 देशों में चल रहा है। इससे भारत के यात्रियों को इस प्लेटफॉर्म के माध्मय से भुगतान करने की सुविधा मिल रही है।
नागराजू ने छोटी और सूक्ष्म इकाइयों को मध्यम उद्यमों में बदलने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। देश में कई करोड़ इकाइयों की उपस्थिति के बावजूद सूक्ष्म इकाइयों का मध्यम और बड़े उद्यमों में रूपांतरण नहीं हो रहा है। दरअसल देश में सूक्ष्म इकाइयां मझोले और बड़े उद्योगों में परिवर्तित नहीं हो रही हैं, जबकि कई करोड़ इकाइयां मौजूद हैं। मुझे लगता है कि ऐसा तभी होगा, जब सूक्ष्म उद्यमों को समर्थन, बाजार तक पहुंच और उत्पादकता का लाभ मिले।