facebookmetapixel
Advertisement
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंचे, पीएम मोदी को दिया व्हाइट हाउस आने का न्योताCorporate Actions Next Week: डिविडेंड-स्प्लिट-बोनस की होगी बारिश, निवेशकों की चमकेगी किस्मतBonus Stocks: अगले हफ्ते इन 2 कंपनियों के निवेशकों की लगेगी लॉटरी, फ्री में मिलेंगे शेयरअगले हफ्ते TCS, ITC और बजाज ऑटो समेत 23 कंपनियां बाटेंगी मुनाफा, एक शेयर पर ₹150 तक कमाई का मौकाUpcoming Stock Split: अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां बांटने जा रही हैं अपने शेयर, छोटे निवेशकों को होगा फायदाईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप, रिपोर्ट में दावा: वार्ता विफल होने से नाखुश, बेटे की शादी में भी नहीं जाएंगेओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी विभागों में अब सिर्फ EV की होगी खरीद, 1 जून से नया नियम लागूPower Sector में धमाका: भारत में बिछेगी दुनिया की सबसे ताकतवर 1150 KV की बिजली लाइन, चीन छूटेगा पीछेकच्चे तेल की महंगाई से बिगड़ी इंडियन ऑयल की सेहत, कंपनी पर नकदी पर मंडराया संकटApple का नया दांव: भारत को बना रहा एयरपॉड्स का नया हब, चीन और वियतनाम की हिस्सेदारी घटी

भारत का डिजिटल भुगतान अब विश्व स्तर पर: UPI का विस्तार जारी

Advertisement

सरकार यूपीआई को विदेशों में विस्तारित कर भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है।

Last Updated- January 14, 2026 | 8:00 AM IST
UPI
Representative Image

वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने मंगलवार को कहा कि सरकार स्वदेशी डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। पूर्वी एशिया के बाजारों में इसकी पहुंच का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

ग्लोबल इन्क्लूसिव फाइनैंस इंडिया समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘यूपीआई के कारण आज भारत  में लगभग 50 प्रतिशत डिजिटल लेनदेन हो रहा है। हमने कुछ देशों में विस्तार किया है और अब इसे कई अन्य देशों, खासकर पूर्वी एशिया में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।’

नागराजू ने कहा कि यूपीआई पहले ही भूटान, सिंगापुर, कतर, मॉरिशस, नेपाल और संयुक्तअरब अमीरात (यूएई), श्रीलंका और फ्रांस सहित 8 देशों में चल रहा है। इससे भारत के यात्रियों को इस प्लेटफॉर्म के माध्मय से भुगतान करने की सुविधा मिल रही है।

नागराजू ने छोटी और सूक्ष्म इकाइयों को मध्यम उद्यमों में बदलने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। देश में कई करोड़ इकाइयों की उपस्थिति के बावजूद सूक्ष्म इकाइयों का मध्यम और बड़े उद्यमों में रूपांतरण नहीं हो रहा है। दरअसल देश में सूक्ष्म इकाइयां मझोले और बड़े उद्योगों में परिवर्तित नहीं हो रही हैं, जबकि कई करोड़ इकाइयां मौजूद हैं। मुझे लगता है कि ऐसा तभी होगा, जब सूक्ष्म उद्यमों को समर्थन, बाजार तक पहुंच और उत्पादकता का लाभ मिले।

Advertisement
First Published - January 14, 2026 | 8:00 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement