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Q3 Results, US टैरिफ से लेकर महंगाई के आंकड़े तक; इस हफ्ते कौन से फैक्टर्स तय करेंगे बाजार की दिशा?

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इस हफ्ते शेयर बाजार की दिशा तिमाही नतीजों, महंगाई के आंकड़ों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक संकेतों से तय की जाएगी, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है

Last Updated- January 11, 2026 | 7:06 PM IST
Stock Market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

Stock Market This Week: इस हफ्ते शेयर बाजार में काफी कुछ होने वाला है। बड़े-बड़े कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं, जिसमें TCS और इंफोसिस जैसी बड़ी IT कंपनियां भी शामिल हैं। इसके अलावा, महंगाई के आंकड़े और दुनिया भर की खबरें भी निवेशकों के फैसलों पर असर डालेंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री पर भी सबकी नजर रहेगी। बाजार के जानकारों के मुताबिक, ये हफ्ता कमाई के सीजन की शुरुआत है और साथ में आर्थिक आंकड़ों का भी बोलबाला रहेगा। भारत की CPI महंगाई, थोक महंगाई और दूसरे डेटा पर ध्यान होगा। IT, बैंकिंग, फाइनेंशियल और एनर्जी सेक्टर की बड़ी कंपनियां अपने नतीजे बताएंगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च हेड अजित मिश्रा ने बताया कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट का फैसला ट्रंप के समय के टैरिफ पर आएगा, जो बाजार के सेंटीमेंट को हिला सकता है। इसके अलावा, दुनिया में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल भी निवेशकों को सतर्क रखेगी। रुपए की डॉलर के मुकाबले चाल और कच्चे तेल के दाम भी इस हफ्ते मॉनिटर किए जाएंगे। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवीश गौर ने कहा कि घरेलू बाजार में तिमाही कमाई का सीजन शुरू हो रहा है, जो इंडेक्स की दिशा तय करेगा। TCS, HCL टेक, इंफोसिस, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियां अपने रिजल्ट्स जारी करेंगी। इन कंपनियों के मैनेजमेंट से आने वाली बातें और गाइडेंस बाजार के मूड को बनाएंगी या बिगाड़ेंगी।

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पिछले हफ्ते की गिरावट और आगे की चुनौतियां

पिछला हफ्ता बाजार के लिए अच्छा नहीं रहा। अमेरिका के नए टैरिफ की धमकी, दुनिया की राजनीतिक टेंशन और विदेशी फंड्स की लगातार बिकवाली से रिस्क बढ़ गया। BSE सेंसेक्स 2,185.77 पॉइंट्स यानी 2.54 फीसदी गिरा, जबकि निफ्टी 645.25 पॉइंट्स या 2.45 फीसदी नीचे आया। अब इस हफ्ते दिसंबर की CPI, थोक महंगाई में खाने-पीने और मैन्युफैक्चरिंग के आंकड़े आएंगे। अमेरिका से कोर CPI, रिटेल सेल्स और घरों की बिक्री के नंबर भी जारी होंगे। एनरिच मनी के CEO पोन्मुदी आर ने कहा कि ये डेटा सेंट्रल बैंक की पॉलिसी पर असर डालेंगे, जो ग्लोबल कैपिटल फ्लो, करेंसी और इमर्जिंग मार्केट्स को प्रभावित करेगा।

PL कैपिटल के एडवाइजरी हेड विक्रम कासत ने बताया कि तिमाही कमाई पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा, खासकर IT स्टॉक्स पर। अमेरिका से ट्रेड पॉलिसी और डील नेगोशिएशन पर कोई अपडेट आएगा, तो उस पर भी नजर रखी जाएगी। कुल मिलाकर, निवेशक इन सब फैक्टर्स को देखते हुए ट्रेडिंग करेंगे। विदेशी निवेशकों की हरकतें बाजार की दिशा बदल सकती हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि ग्लोबल और घरेलू दोनों तरफ से प्रेशर है। IT सेक्टर की कंपनियां अपने नतीजों में क्या कहती हैं, उससे आगे की ट्रेंड सेट होगी। एनर्जी और फाइनेंशियल सेक्टर भी अहम रोल निभाएंगे। रुपए की कमजोरी और तेल के दाम अगर बढ़े, तो महंगाई पर असर पड़ेगा।

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये हफ्ता काफी व्यस्त रहेगा। महंगाई के आंकड़े अगर ऊंचे आए, तो ब्याज दरों पर बातें होंगी। अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट फैसला अगर टैरिफ को वैध ठहराता है, तो ग्लोबल ट्रेड में हलचल मचेगी। जियोपॉलिटिकल टेंशन से बाजार सतर्क रहेगा। घरेलू स्तर पर, बैंकिंग सेक्टर के नतीजे भी देखने लायक होंगे। कुल मिलाकर, निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी।

(PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - January 11, 2026 | 7:02 PM IST

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