पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत निश्चित भुगतान के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत निश्चित पेंशन सुनिश्चित करने के लिए रूपरेखा एवं नियम तैयार करने को लेकर एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
PFRDA ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि यह पहल पेंशन नियामक अधिनियम के अनुरूप है और इसका उद्देश्य एनपीएस अंशधारकों के लिए रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली आय को सुनिश्चित और सुरक्षित बनाना है। इस समिति का गठन ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में PFRDA का एक अहम कदम है जिसका उद्देश्य हर नागरिक को उम्रदराज होने के बाद आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है।
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बयान के अनुसार, 15 सदस्यीय समिति का गठन दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एम. एस. साहू की अध्यक्षता में किया गया है। इस समिति में विधि, मूल्यांकनकर्ता, वित्त, पूंजी बाजार एवं शिक्षा जगत जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा, व्यापक विचार-विमर्श सुनिश्चित के लिए समिति को बाहरी विशेषज्ञों या मध्यस्थों को विशेष सदस्यों के तौर पर प्रतिक्रिया एवं परामर्श के लिए आमंत्रित करने का अधिकार दिया गया है। यह समिति नियमित पेंशन भुगतान पर एक स्थायी सलाहकार समिति के रूप में गठित की गई है।
इसके मुख्य कार्यों में नियमों का विकास, बाजार आधारित गारंटी, ऑपरेशन के तौर-तरीके खोजना, जोखिम और कानूनी निगरानी, अंशधारकों की सुरक्षा आदि शामिल हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक सांविधिक नियामक संस्था है। इसका मकसद पेंशन फंड की स्थापना, विकास एवं नियमन के माध्यम से रिटायरमेंट के बाद आय सुरक्षा को बढ़ावा देना और पेंशन योजनाओं से जुड़े अंशधारकों के हितों की रक्षा करना है।
(PTI इनपुट के साथ)