Infosys Share Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस (Infosys) ने अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों का एलान कर दिया है। कंपनी का वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में नेट मुनाफा 2.2 फीसदी घटकर 6,654 करोड़ रुपये रहा। फाइनेंशियल और मेन्यूफेक्चरिंग कारोबार में मजबूती बनी रहने के बावजूद मुनाफे पर नए लेबर कोड नियमों का असर पड़ा है। हालांकि, इस दौरान कंपनी की कमाई 8.9 फीसदी बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये रही। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज हॉउस ने स्टॉक पर अपनी राय जारी कर दी है। उनका कहना है कि गाइडेंस को देखते हुए कंपनी के शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं।
नुवामा इक्विटीज ने इन्फोसिस पर अपनी रेटिंग को ‘BUY’ पर बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर अपना टारगेट प्राइस 1,800 रुपये से बढ़ाकर 1900 रुपये कर दिया है। इस तरह, शेयर पिछले बंद भाव से करीब 20 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है। इन्फोसिस के शेयर बुधवार को 1597 रुपये पर बंद हुए।
ब्रोकरेज ने कहा कि इंफोसिस के शेयर में कैलेंडर वर्ष 2025 (CY25) के दौरान करीब 13 प्रतिशत की तेज गिरावट आ चुकी है और फिलहाल यह वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) के अनुमानित 20 गुना पी/ई के आकर्षक वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहा है। यह इसके हिस्टोरिकल एवरेज के अनुरूप है।
नुवामा ने कहा हमें उम्मीद है कि हाल में हासिल हुई डील्स की मजबूत गति आने वाली तिमाहियों में कंपनी की वृद्धि को आगे बढ़ाएगी। इसके साथ ही जेनरेटिव एआई के अहम मोड़ पर पहुंचने और मैक्रो आर्थिक हालात में संभावित सुधार से भी कंपनी को अतिरिक्त सहारा मिलने की संभावना है।
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सेंट्रम ब्रोकिंग ने भी इन्फोसिस पर ‘BUY‘ की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर टारगेट प्राइस बढ़ाकर 2,076 रुपये कर दिया है। पहले यह 1,951 रुपये था। इस तरह, शेयर 30 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज हाउस ने कहा कि आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। खासकर वित्तीय सेवाओं जैसे कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में लगातार मजबूती देखी जा रही है। विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में आर्टिफिशियल सर्विसेज के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनी की सौदा पाइपलाइन को गति मिल रही है। हालांकि मैक्रो आर्थिक और नियामकीय अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। लेकिन बड़े सौदों में मजबूत जीत, मार्जिन पर अनुशासन और स्थिर भर्ती रुझान कंपनी को शार्ट टर्म में स्थिर ग्रोत के लिए मजबूत स्थिति में रखते हैं।
ग्लोबल ब्रोकरेज एमके ने इन्फोसिस पर अपनी खरीदारी की सलाह को बरकरार रखा है। साथ ही स्टॉक पर 1,750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है।
ब्रोकरेज के अनुसार, इंफोसिस का तीसरी तिमाही में परिचालन प्रदर्शन मिला-जुला रहा। आय के मोर्चे पर कंपनी ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन मार्जिन उम्मीद से कम रहा। तिमाही आधार पर स्थिर मुद्रा के हिसाब से आय में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। समायोजित परिचालन लाभ मार्जिन तिमाही दर तिमाही 20 आधार अंक घटकर 20.8 प्रतिशत पर आ गया, जो अनुमान से कम है।
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भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने मजबूत सौदे पाइपलाइन के भरोसे चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान बढ़ा दिया है। कंपनी को अब उम्मीद है कि स्थिर मुद्रा के आधार पर चालू वित्त वर्ष में उसकी आय 3 से 3.5 प्रतिशत तक बढ़ेगी, जबकि अक्टूबर में यह अनुमान 2 से 3 प्रतिशत का था।
हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का नेट मुनाफा 2.2 प्रतिशत घटकर 6,654 करोड़ रुपये रह गया। फाइनेंशियल सर्विसेज और मेन्यूफेक्चरिंग कारोबार में मजबूती के बावजूद, नए लेबर कोड के असर से मुनाफे पर दबाव पड़ा। तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय 8.9 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये रही।
बाजार अनुमानों की तुलना में रेवेन्यू के मोर्चे पर इन्फोसिस का प्रदर्शन बेहतर रहा, लेकिन मुनाफा उम्मीद से कम रहा। ब्लूमबर्ग के अनुमान के अनुसार कंपनी की आय 45,172 करोड़ रुपये और नेट मुनाफा 7,393 करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई गई थी। नए लेबर कोड के लागू होने से कंपनी पर 1,289 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)