सरकार ने अगले दशक (2035-36) तक देश में 100 गीगावॉट के हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (पीएसपी) की स्थापना के लिए 5.8 लाख करोड़ निवेश की विस्तृत योजना तैयार की है। यह स्वच्छ ऊर्जा क्षमता के त्वरित विस्तार के लिए ग्रिड सहायता प्रदान करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने आज जारी रिपोर्ट में कहा, ‘आगामी पीएसपी के लिए आवश्यक कुल निवेश लगभग 5.8 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसकी गणना 6 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के औसत पर की गई है। प्रत्येक परियोजना के लिए निवेश की आवश्यकता कई वर्षों में वितरित की जाएगी।’
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अध्ययन के अनुसार यह निवेश पहले वर्ष में 20 प्रतिशत, दूसरे और तीसरे वर्ष में क्रमश: 30 प्रतिशत और शेष 20 प्रतिशत चौथे वर्ष में वितरित किया जाएगा। पीएसपी को दीर्घकालिक ऊर्जा भंडारण समाधान के रूप में विकसित करने में उच्च पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है।
इसका कारण यह है कि इन परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर सिविल कार्य, विद्युत-यांत्रिक उपकरण और सहायक बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है।