facebookmetapixel
Advertisement
टाटा समूह के नए कारोबार मांग रहे बड़ी पूंजी, सेमीकंडक्टर से एयर इंडिया तक कई लाख करोड़ के निवेश पर नजरटीवी रेटिंग का संकट गहराया, सरकार की नई नीति के चलते विज्ञापन बाजार पर बढ़ी चिंताEditorial: कॉरपोरेट मुनाफे की रफ्तार तेज, निवेश पीछे; विनिर्माण को नई ताकत देना बड़ी चुनौतीरोजगार की नई राह बनेगा सेवा क्षेत्र, शिक्षा और स्वास्थ्य में छिपी बड़ी संभावनाएंउदारीकरण ने बदली दूरसंचार की तस्वीर, कभी फोन कनेक्शन के लिए सालों इंतजार करता भारत आज बना डिजिटल ताकतपरमाणु संयंत्रों के लिए नए नियमों का ड्राफ्ट, सुरक्षा और निवेश दोनों पर फोकसFCNR (B) स्वैप सुविधा समय से पहले बंद, रुपये पर दबाव बढ़ा; सरकारी बॉन्ड यील्ड भी चढ़ीशेयर बाजार को मजबूत करने की तैयारी: SLBM का दायरा बढ़ाएगा SEBI, CAS को मिलेगी मजबूतीरिवॉल्विंग क्रेडिट पर रोक के प्रस्ताव से NBFC चिंतित, RBI को देंगे फीडबैकभाजपा ने बनाई नई टीम, 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे; स्मृति ईरानी महासचिव तो राम माधव बने उपाध्यक्ष

स्वच्छ ऊर्जा को रफ्तार देने की तैयारी, हाइड्रो पीएसपी में 5.8 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना

Advertisement

यह स्वच्छ ऊर्जा क्षमता के त्वरित विस्तार के लिए ग्रिड सहायता प्रदान करने की व्यापक योजना का हिस्सा है

Last Updated- January 23, 2026 | 10:29 PM IST
hydro power
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सरकार ने अगले दशक (2035-36) तक देश में 100 गीगावॉट के हाइड्रो पंप्ड  स्टोरेज प्रोजेक्ट (पीएसपी) की स्थापना के लिए  5.8 लाख करोड़ निवेश की विस्तृत योजना तैयार की है। यह स्वच्छ ऊर्जा क्षमता के त्वरित विस्तार के लिए ग्रिड सहायता प्रदान करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने आज जारी रिपोर्ट में कहा, ‘आगामी पीएसपी के लिए आवश्यक कुल निवेश लगभग 5.8 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसकी गणना 6 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के औसत पर की गई है। प्रत्येक परियोजना के लिए निवेश की आवश्यकता कई वर्षों में वितरित की जाएगी।’

Also Read: SEC की कार्रवाई से अदाणी ग्रुप को झटका, मार्केट कैप में 12.5 अरब डॉलर की गिरावट

अध्ययन के अनुसार यह निवेश पहले वर्ष में 20 प्रतिशत, दूसरे और तीसरे वर्ष में क्रमश: 30 प्रतिशत और शेष 20 प्रतिशत चौथे वर्ष में वितरित किया जाएगा। पीएसपी को दीर्घकालिक ऊर्जा भंडारण समाधान के रूप में विकसित करने में उच्च पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है। 

इसका कारण यह है कि इन परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर सिविल कार्य, विद्युत-यांत्रिक उपकरण और सहायक बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है।

Advertisement
First Published - January 23, 2026 | 10:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement