भारत की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस ने सौदे की मजबूत पाइपलाइन को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी आय के अनुमान को बढ़ा दिया है। इन्फोसिस को उम्मीद है कि स्थिर मुद्रा पर चालू वित्त वर्ष में उसकी आय वृद्धि 3 से 3.5 फीसदी के बीच रह सकती है जबकि अक्टूबर में 2 से 3 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया गया था।
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इन्फोसिस का शुद्ध मुनाफा 2.2 फीसदी घटकर 6,654 करोड़ रुपये रहा। वित्तीय और विनिर्माण कारोबार में मजबूती बनी रहने के बावजूद मुनाफे पर नई श्रम संहिता का असर पड़ा है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी की आय 8.9 फीसदी बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये रही।
बाजार के अनुमान के मुताबिक आय के मामले में इन्फोसिस का प्रदर्शन बेहतर रहा मगर मुनाफा अनुमान से कम रहा। ब्लूमबर्ग ने कंपनी की आय 45,172 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 7,393 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। नई श्रम संहिता के लागू होने से कंपनी पर 1,289 करोड़ रुपये का प्रभाव पड़ा है।
इन्फोसिस के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा, ‘हमें बाजार और मांग की स्थिति पर भरोसा है इसीलिए हम आय का अनुमान बढ़ा रहे हैं। पिछली तिमाहियों में बहुत सारे सौदे हुए हैं।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि आय अनुमान की वृद्धि में ऑस्ट्रेलियाई कंपनी वर्सेंट के अधिग्रहण के असर को शामिल नहीं किया गया है।
इन्फोसिस ने पिछले साल अगस्त में इस कंपनी में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदी थी। हालांकि इसमें इंगलैंड और वेल्स में अपने कार्यबल प्रबंधन समाधान को आधुनिक बनाने के लिए एनएचएस बिजनेस सर्विस अथॉरिटी के साथ की गई अरब पाउंड के सौदे से होने वाला फायदा शामिल है।
इन्फोसिस ने अभी अपने एआई आय का खुलासा नहीं किया है मगर एचसीएल और टीसीएस इसके बारे में बताना शुरू कर दिया है। हालांकि इन्फोसिस ने कहा कि वह अपने सबसे बड़े 200 ग्राहकों में से 90 फीसदी के साथ कुछ न कुछ एआई परियोजनाओं पर काम कर रही है। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इन्फोसिस का कुल अनुबंध मूल्य 4.8 अरब डॉलर रहा जिनमें 57 फीसदी नए अनुबंध थे। दूसरी तिमाही के 3.3 अरब डॉलर के मुकाबले कुल अनुबंध मूल्य 45 फीसदी बढ़ा है। स्थिर मुद्रा पर वित्तीय सेवा कारोबार की आय में 3.9 फीसदी और विनिर्माण खंड में 6.6 फीसदी की वृद्धि देखी गई। अमेरिका में दोनों क्षत्रों में सुधार देखा गया।
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इन्फोसिस का परिचालन मार्जिन घटकर 18.4 फीसदी रह गया जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 21.3 फीसदी था। नई श्रम संहिता लागू होने से कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ा है। अगर श्रम संहिता के असर को हटा दें तो परिचालन मार्जिन 21.2 फीसदी रहा जो अनुमान के मुताबिक है। सालाना आधार पर मार्जिन में 15 आधार अंक का असर पड़ा है।
इन्फोसिस के मुख्य वित्तीय अधिकारी जयेश संघराजका ने कहा, ‘चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में हमारा प्रदर्शन काफी अच्छा रहा और आम तौर पर कमजोर माने जाने वाले सीजन में 96.5 करोड़ डॉलर का मजबूत समयोजित नकदी का प्रवाह हुआ।’