उत्तर प्रदेश

माघ मेले में शंकराचार्य के स्नान को लेकर घमासान, प्रशासन ने भेजा दूसरा नोटिस; यूपी सीएम का तंज

मेला प्रशासन ने नोटिस में कहा है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर 24 घंटे के भीतर संस्था को संगम तट पर आवंटित जमीन व सुविधाएं वापस ले लेंगे

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- January 22, 2026 | 8:25 PM IST

प्रयागराज में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की प्रशासन के साथ हुई तकरार व दुर्व्यवहार के बाद उनको दोबारा नोटिस भेज कर माघ मेले से बैन कर देने की चेतावनी दी गई है। वहीं शंकराचार्य की प्रशासन से चल रही रार के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बिना नाम लिए हमला बोला है।

शंकराचार्य से प्रशासन ने मांगा जवाब

माघ मेला प्रशासन ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस भेजकर मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने, भीड़ में पालकी ले जाने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए। मेला प्रशासन ने नोटिस में कहा है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर 24 घंटे के भीतर संस्था को संगम तट पर आवंटित जमीन व सुविधाएं वापस ले लेंगे।

इससे पहले मौनी अमावस्या की घटना के बाद मंगलवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस भेज मेला प्रशासन ने उनके खुद को शंकराचार्य लिखने पर सवाल उठाया था। उक्त नोटिस में प्रशासन ने कहा था कि शंकराचार्य पद का मामला कोर्ट में है। नोटिस में कहा गया था स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खुद को शंकराचार्य लिखने से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना हुई है।

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नोटिस-नोटिस खेल रहा प्रशासन- अविमुक्तेश्वरानंद

पहले नोटिस के जवाब में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे असंवैधानिक बताया था और कहा कि पूर्व शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पंजीकृत वसीयत के जरिए उन्हें पद पर बिठाया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का कोई आदेश नहीं है जो उन्हें शंकराचार्य बने रहने से रोकता हो।

मेला प्रशासन द्वारा लगातार नोटिस दिए जाने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन नोटिस-नोटिस खेल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी उनका मौनी अमावस्या का स्नान नहीं हुआ तो बसंत पंचमी का स्नान कैसे होगा। उन्होंने कहा कि पहले वो मौनी अमावस्या का फिर बसंत पंचमी का स्नान करेंगे।

सीएम योगी का तंज

वहीं इस विवाद पर बिना नाम लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी को भी परंपरा बाधित करने का हक नहीं है। उन्होंने कहा कि एसे तमाम कालनेमि हैं जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। हमें ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा। सन्यासी के लिए धर्म व राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता है।

इसके उलट उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वो ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में प्रणाम करते हैं। उनसे प्रार्थना है कि वह स्नान कर इस विषय का समापन करें।

First Published : January 22, 2026 | 8:05 PM IST