प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में लगभग तीन करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। एसआईआर की मसौदा सूची मंगलवार को जारी की गई है, जिसमें 12 करोड़ 55 लाख मतदाता शामिल हैं। यह आंकड़ा पूर्व की संख्या 15.44 करोड़ से लगभग दो करोड़ 89 लाख कम है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में आंकड़े जारी करते हुए कहा कि अब मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दर्ज कराई जा सकेंगी। इस दौरान लोग सूची में नाम शामिल करने, सुधार करने या आपत्ति करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले साल 27 अक्टूबर की मतदाता सूची में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता थे। एसआईआर की प्रक्रिया के बाद जारी मसौदा मतदाता सूची में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाताओं के नाम शामिल हैं। इस सूची से लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं को गिनती के दौरान शामिल नहीं किया जा सका है।
रिणवा ने कहा कि राज्य में 46.23 लाख मतदाता (2.99%) मृत पाए गए हैं, जबकि 2.57 करोड़ मतदाता (14.06%) या तो स्थायी रूप से बाहर चले गए या प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान मौजूद नहीं थे। वहीं, 25.47 लाख अन्य मतदाताओं का नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाया गया। उन्होंने कहा, ‘मसौदा मतदाता सूची में अब 12.55 करोड़ मतदाता हैं और इसमें राज्य के सभी 75 जिले और 403 विधान सभा क्षेत्र शामिल हैं।’
रिणवा ने बताया कि इस काम में एक लाख 72 हजार 486 बूथ शामिल किए गए थे। इनमें बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) फार्म भरवाने के लिए मतदाताओं तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों ने भी इस काम में मदद की।
सीईओ ने बताया कि प्रदेश में एसआईआर की कवायद मूल रूप से 11 दिसंबर को खत्म होने वाली थी, लेकिन लगभग दो करोड़ 97 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से बाहर हो रहे थे, जिसके बाद 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया। इसके मद्देनजर निर्वाचन आयोग की मंजूरी से एसआईआर प्रक्रिया की अवधि 26 दिसंबर तक बढ़ा दी गई थी।
रिणवा ने बताया कि शुरू में मसौदा मतदाता सूची जारी करने की तारीख 31 दिसंबर तय की गई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से बाद में इसे 6 जनवरी कर दिया गया।