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Mauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसे

मौनी अमावस्या पर प्रयागराज संगम पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने स्नान किया, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस के बीच विवाद भी हुआ।

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- January 18, 2026 | 4:37 PM IST

Mauni Amavasya 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में मौनी अमावस्या के पर्व स्नान के दिन रविवार को करोड़ों की भीड़ उमड़ी। रविवार की शाम तक करीब तीन करोड़ लोगों ने संगम पर डुबकी लगा ली थी और श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। मौनी अमावस्या पर रविवाद देर रात तक चार करोड़ लोगों के स्नान करने का अनुमान प्रशासन ने लगाया है।

स्नान के लिए जा रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोके जाने को लेकर उनके शिष्यों व पुलिस के बीच जमकर झड़प हुयी। धक्कामुक्की के बाद पुलिस ने शंकराचार्य के कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया। शिष्यों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप भी लगाया।

रविवार को मौनी अमावस्या के चलते प्रयागराज में संगम तट पर तड़के से ही भारी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान स्नान के लिए शंकराचार्य की पालकी निकलने पर पुलिस ने उन्हें भीड़ का हवाला देते हुए रोका और पैदल जाने को कहा। इस पर उनके शिष्य भड़क गए और पालकी सहित जाने पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के कई शिष्यों को हिरासत में ले लिए और पालकी खींचते हुए संगम तट से एक किलोमीटर दूर ले गए। इस सबके बीच पालकी का छत्र टूट गया और नाराज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना कर दिया। शंकराचार्य के शिष्यों का कहना है पालकी से उतर कर पैदल जाने से मना करने पर विवाद शुरू हुआ। उनका कहना है कि पुलिस कई संतो को घसीटकर चौकी में ले गयी और पिटाई की।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अधिकारी संतो को मार रहे हैं और जरूर उन्हें उपर से परेशान करने का आदेश दिया गया होगा। उनका कहना था कि जब महाकुंभ में भगदड़ मची थी तो उन्होंने प्रशासन को जिम्मेदार बताया था। इसी को चलते उनके प्रति नाराजगी थी और बदला लेने के लिए गलत व्यवहार किया गया।

उधर मौनी अमावस्या के सबसे बड़े पर्व स्नान के लिए शनिवार रात से प्रयागराज में भीड़ उमड़ने लगी थी। रविवार तड़के ही संगम तट पर एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान कर लिया था। इस बार पहले से बड़े करीब 800 हेक्टेयर के मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों मे बांटा गया है और 8 किलोमीटर लंबे अस्थाई घाट बनाए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र की एआई , सीसीटीवी व ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

उधर मौनी अमावस्या के दिन वाराणसी में गंगा घाटों पर लाखो की भीड़ स्नान के लिए और काशी विश्वनाथ के दर्शनों के लिए उमड़ी। अयोध्या में सरयु तट पर भी भारी भीड़ स्नान के लिए जमा हुयी।

First Published : January 18, 2026 | 4:37 PM IST