Tata Steel Share Trading Strategy: शेयर बाजार में जब भी मेटल सेक्टर में हलचल होती है, टाटा स्टील का नाम सबसे पहले उभरकर आता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल और डेरिवेटिव एनालिस्ट नंदीश शाह का कहना है कि टाटा स्टील में मौजूदा तेजी सिर्फ शुरुआत हो सकती है और आने वाले समय में इसमें और मजबूती देखने को मिल सकती है।
नंदीश शाह के मुताबिक, टाटा स्टील में तेजी से फायदा उठाने के लिए बुल स्प्रेड ऑप्शन स्ट्रैटेजी अपनाई जा सकती है। इस रणनीति के तहत निवेशक 24 फरवरी एक्सपायरी का 195 कॉल ऑप्शन ₹4.5 में खरीद सकते हैं और साथ ही 200 कॉल ऑप्शन ₹3 में बेच सकते हैं। यह रणनीति खास तौर पर उन निवेशकों के लिए है जो सीमित जोखिम के साथ बेहतर मुनाफा कमाना चाहते हैं।
इस पूरी रणनीति की कुल लागत करीब ₹1.5 प्रति शेयर बैठती है, यानी एक लॉट के हिसाब से निवेशक को लगभग ₹8,250 खर्च करने होंगे। नंदीश शाह के अनुसार, इस ट्रेड को लेने के लिए करीब ₹36,500 का मार्जिन पर्याप्त रहेगा, जो ऑप्शन ट्रेडिंग करने वालों के लिए संतुलित माना जा सकता है।
अगर 24 फरवरी की एक्सपायरी पर टाटा स्टील का भाव 200 रुपये या उससे ऊपर बंद होता है, तो इस रणनीति से अधिकतम ₹19,250 तक का मुनाफा कमाया जा सकता है। इस ट्रेड का ब्रेक-ईवन लेवल ₹196.5 बताया गया है, जबकि इसका रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो 1 के मुकाबले 2.33 है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है।
नंदीश शाह बताते हैं कि टाटा स्टील फ्यूचर्स में कीमत बढ़ने के साथ-साथ ओपन इंटरेस्ट में भी तेज उछाल देखने को मिला है और स्टॉक करीब 2.5 फीसदी चढ़ चुका है। यही नहीं, साप्ताहिक और मासिक चार्ट पर स्टॉक ने साफ तौर पर ब्रेकआउट दिया है। चार्ट पैटर्न भी लगातार ऊंचा टॉप और ऊंचा बॉटम बना रहा है, जो मजबूत तेजी का संकेत माना जाता है।
ऑप्शन बाजार की बात करें तो 180 से 184 रुपये के स्तर पर भारी पुट राइटिंग देखने को मिली है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि स्टॉक में नीचे की गिरावट सीमित रह सकती है। इसके अलावा, मोमेंटम इंडिकेटर और ऑस्सीलेटर भी मौजूदा अपट्रेंड में मजबूती दिखा रहे हैं, जिससे तेजी की कहानी और मजबूत होती नजर आ रही है।
इन तमाम संकेतों को देखते हुए HDFC सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट नंदीश शाह का मानना है कि टाटा स्टील में तेजी का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है और ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए यह बुल स्प्रेड रणनीति कमाई का अच्छा मौका साबित हो सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल और डेरिवेटिव एनालिस्ट नंदीश शाह की राय पर आधारित है। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें)