Stock Market Update, 23 January: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (23 जनवरी) को बढ़त में खुलने के बाद बड़ी गिरावट में बंद हुए। वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। रुपये में गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर दबाव डाला। वहीं, बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। अदाणी ग्रुप के शेयरों में गिरावट का भी बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मामूली बढ़त के साथ 82,335 अंक पर खुला। खुलने के बाद इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाद में हावी हो गई। अंत में यह 769.67 अंक या 0.94 प्रतिशत की गिरावट लेकर 81,537.70 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) 25,344.60 पर खुला और कारोबार के दौरान 25,025 अंक तक फिसल गया। अंत में 241.25 अंक या 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,048 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान और घरेलू पीएमआई आंकड़ों के समर्थन के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों में बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर तक कमजोर होना, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और प्रीमियम वैल्यूएशन के बीच कंपनियों के नतीजों का उम्मीद से थोड़ा कमजोर रहना बाजार धारणा पर भारी पड़ा।”
उन्होंने कहा, ”रियल्टी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शेयरों में इम्प्लीमेंटेशन से जुड़ी देरी और मुनाफावसूली के कारण कमजोर प्रदर्शन देखने को मिला। जबकि अमेरिकी नियामक के संभावित समन से जुड़ी खबरों के बीच अदाणी समूह के शेयर दबाव में रहे।”
नायर ने कहा, ”आगे की बात करें तो निवेशक आगामी केंद्रीय बजट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। ऐसे में बाजार धारणा के फिलहाल सतर्क बने रहने की संभावना है।”
सेंसेक्स की कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स, इटरनल, इंडिगो और एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि टेक महिंद्रा, इंफोसिस, एचयूएल, टीसीएस और आईसीआईसीआई बैंक बढ़त के साथ बंद हुए।
सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा 3.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक 2.27 प्रतिशत टूट गया।
ब्रॉडर मार्केट पर भी दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स क्रमशः 1.8 प्रतिशत और 1.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई। जापान के केंद्रीय बैंक की नीति बैठक से पहले यह व्यापक रूप से उम्मीद की जा रही है कि वह ब्याज दरों को यथावत रखेगा।
जापान के बाहर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का सबसे व्यापक एमएससीआई इंडेक्स 0.4 प्रतिशत प्रतिशत ऊपर था। जबकि निक्केई 225 इंडेक्स 0.2 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। S&P 500 फ्यूचर्स में उतार-चढ़ाव रहा और अंतिम बार 0.01 प्रतिशत ऊपर कारोबार करता दिखा।
गुरुवार को वॉल स्ट्रीट पर शेयरों ने दूसरे दिन भी अपनी वापसी को आगे बढ़ाया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय वस्तुओं पर शुल्क लगाने की पहले दी गई धमकियों से पीछे हटते हुए ग्रीनलैंड पर बलपूर्वक नियंत्रण करने से मना करने से बाजार ने राहत की सांस ली। S&P 500 में 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई और नैस्डैक इंडेक्स 0.9 प्रतिशत उछल गया।