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PFRDA का बड़ा फैसला: NPS के लिए लाएगा फंड ऑफ फंड्स प्लेटफॉर्म, पेंशन फंड AIFs में लगा सकेंगे पैसा

यह निर्णय भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) को इक्विटी कैटेगरी में शामिल करने के बाद लिया गया है

Last Updated- December 02, 2025 | 7:43 PM IST
NPS

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के चेयरमैन एस. रमन्न ने मंगलवार को घोषणा की कि नियामक नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के लिए फंड ऑफ फंड्स प्लेटफॉर्म तैयार करेगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से पेंशन फंड की धनराशि को चुनिंदा अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIFs) में निवेश किया जाएगा।

PFRDA ने सभी अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट्स को इक्विटी और डेट दो कैटेगरी में बांटा है। यह निर्णय भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) को इक्विटी कैटेगरी में शामिल करने के बाद लिया गया है।

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क्यों बन रहा है फंड-ऑफ-फंड्स प्लेटफॉर्म?

रमन्न ने IVCA DII & Exits 2025 कार्यक्रम में कहा, “पिछले कुछ वर्षों में हमने अल्टरनेटिव एसेट्स को ज्यादा स्पष्ट रूप से वर्गीकृत करने, गवर्नेंस स्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और एक केंद्रीकृत तथा पारदर्शी NPS फंड-ऑफ-फंड्स प्लेटफॉर्म तैयार करने पर काम किया है, जिसके जरिए पेंशन फंड केवल भरोसेमंद और जांचे-परखे AIFs में ही निवेश करेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि इस व्यवस्था से हर पेंशन फंड—चाहे बड़ा हो या छोटा—पूरी सुरक्षा और भरोसे के साथ निवेश कर सकेगा।

घरेलू पेंशन पूंजी से प्राइवेट मार्केट को बढ़ावा

रमन्न ने कहा, “भारत में पूंजी निर्माण के अगले चरण के लिए मजबूत घरेलू निवेश की जरूरत है, जो लंबी अवधि के लिए लगाया गया हो। पेंशन फंड स्वभाव से ही लंबी अवधि और स्थिर होते हैं। PFRDA का प्रयास है कि ऐसा फ्रेमवर्क तैयार किया जाए, जिससे ये फंड भारत के प्राइवेट मार्केट की ग्रोथ में बेहतर भूमिका निभा सकें।”

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उन्होंने आगे कहा “हम जानते हैं कि जोखिम वाला निवेश उतार-चढ़ाव के साथ आता है, लेकिन एक अच्छे से डायवर्सिफाइड AIF पोर्टफोलियो — जिस पर मजबूत निगरानी और लंबी अवधि की सोच हो— फिर भी पेंशन ग्राहकों को लाभदायक रिटर्न दे सकता है।”

7-10 साल के फंड्स पर निर्भर नहीं रहना चाहिए

रमन्न ने कहा कि भारत केवल 7 से 10 साल की फंड्स स्ट्रक्चर पर निर्भर नहीं रह सकता। रिटायरमेंट सेविंग के रुझान को ध्यान में रखते हुए, लंबी अवधि वाले या स्थायी निवेश विकल्प अपनाने की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा, “अगर भारत को घरेलू संस्थागत निवेशकों की पूरी क्षमता का लाभ उठाना है, तो हमें प्रोत्साहनों को सही तरीके से बांटना होगा, मजबूत प्रक्रियाओं के जरिए भरोसा बढ़ाना होगा और पेंशन, बीमा और रिटायरमेंट फंड्स की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। अवसर बहुत बड़ा है और सही सुरक्षा उपायों के साथ घरेलू पूंजी भारत की लंबी अवधि की विकास यात्रा की महत्वपूर्ण नींव बन सकती है।”

(PTI इनपुट के साथ)

First Published - December 2, 2025 | 7:34 PM IST

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