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व्यापार और तकनीक के हथियार बनने से वैश्विक जोखिम बढ़े: डब्ल्यूईएफ

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सर्वे में शामिल आधे लोगों को अगले दो वर्षों में एक अशांत या तूफानी दुनिया की आशंका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है।

Last Updated- January 15, 2026 | 9:23 AM IST
WEF Index

विश्व आर्थिक मंच (WEF) के बुधवार को जारी वार्षिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि व्यापार, वित्त और टेक्नॉलजी को प्रभाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने से दुनिया एक नाजुक मोड़ पर है।
विश्व के 1,300 वैश्विक दिग्गजों और विशेषज्ञों के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि भू आर्थिक टकराव और सरकारों के सशस्त्र संघर्ष को 2026 में दुनिया के सामने आने वाले दो सबसे बड़े जोखिमों के रूप में देखा जा रहा है।

डब्ल्यूईएफ की वैश्विक जोखिम रिपोर्ट 2026 ने साइबर असुरक्षा, धन और आय की असमानता, अपर्याप्त सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक मंदी को भारत के लिए शीर्ष जोखिमों में सूचीबद्ध किया है। इसमें सरकारों के सशस्त्र संघर्ष जैसे कि प्रॉक्सी और गृह युद्ध, तख्तापलट, आतंकवाद आदि को भारत के लिए पांचवां सबसे बड़ा जोखिम बताया गया है। अगले दशक में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित टकराव की वजहों में सिंधु नदी बेसिन का मसला हो सकता है।

सर्वे में शामिल आधे लोगों को अगले दो वर्षों में एक अशांत या तूफानी दुनिया की आशंका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। 2036 के लिए यह आंकड़ा बढ़कर 57 प्रतिशत होने के साथ और भी बदतर हो गया है।

सर्वे में पाया गया, ‘कुल मिलाकर निराशावाद तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल के निष्कर्षों की तुलना में अगले 2 वर्षों में वैश्विक दृष्टिकोण के बारे में उत्तरदाताओं की धारणा बिगड़ी है।’19-23 जनवरी 2026 के दौरान स्विट्जरलैंड में होने जा रही डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक में व्यवसाय, सरकार, नागरिक समाज व शिक्षा जगत के प्रमुखों की सभा में ‘ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग’ विषय के तहत इन मुद्दों पर चर्चा होगी।

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First Published - January 15, 2026 | 9:23 AM IST

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