facebookmetapixel
Advertisement
Kotak इक्विटीज की चेतावनी: ईरान संघर्ष लंबा चला तो भारतीय कंपनियों की कमाई पर पड़ेगा असरThe Wealth Company MF ने उतारा नया स्मॉल कैप फंड, ₹2,000 की SIP से निवेश शुरूईरान युद्ध से इजराइल की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव, 6​ दिन में 3 अरब डॉलर नुकसान का अनुमान: रिपोर्ट360 ONE MF ने बाजार में उतारा नया SIF, ग्रोथ और इनकम पर फोकस; किसे लगाना चाहिए पैसाबाजार में गिरावट पर खरीदारी या करें इंतजार? किन सेक्टर्स से रखें दूरी; मार्केट एक्सपर्ट ने बताई स्ट्रेटेजीफरवरी में ऑटो बिक्री में जोरदार उछाल, टू-व्हीलर्स से ट्रैक्टर तक सभी सेगमेंट में तेज बढ़तक्या है फोर्स मेज्योर, और जंग के वक्त एनर्जी कंपनियों के लिए यह क्यों जरूरी हो गयापश्चिम एशिया तनाव से तेल 80 डॉलर पार, ONGC-Oil India पर ब्रोकरेज बुलिशInnovision IPO: 10 मार्च से खुलेगा ₹322 करोड़ का इश्यू, प्राइस बैंड ₹521–548; अप्लाई करने से पहले चेक करें डिटेल्सRaajmarg IPO: NHAI समर्थित इनविट का ₹6,000 करोड़ इश्यू, ₹99–100 प्राइस बैंड; 11 मार्च से कर सकेंगे अप्लाई

ईरान ने ट्रंप को चेताया, अमेरिकी हमले पर कड़े जवाब की धमकी

Advertisement

ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ये सबसे हिंसक प्रदर्शन हैं। एक ईरानी अधिकारी ने कहा है कि अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।

Last Updated- January 15, 2026 | 9:32 AM IST
If Israel attacks, we will respond more forcefully than before: Iranian Foreign Minister इजराइल ने हमला किया तो उसका जवाब पहले से कहीं ज्यादाजोरदार तरीके से देंगे : ईरानी विदेश मंत्री

सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बीच ईरान ने कहा है कि अमेरिका के किसी भी हमले का फौरन कड़ा जवाब दिया जाएगा। यही नहीं, उसने यह भी कहा कि वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाएगा। इस चेतावनी को देखते हुए अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने सैन्य ठिकानों से कुछ कर्मियों को हटाना शुरू कर दिया है। यह जानकारी बुधवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने दी।

देशभर में फैली अशांति के कारण अब तक के सबसे खराब दौर से गुजर रहा ईरानी नेतृत्व अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप करने की लगातार धमकियों से निपटने की तैयारी में जुटा है। उधर, एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि अमेरिका बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर क्षेत्र में स्थित अपने प्रमुख अड्डों से कुछ कर्मियों को हटा रहा है।

तीन राजनयिकों ने कहा कि अमेरिका अरब क्षेत्र में कतर में स्थित अपने मुख्य एयरबेस से कुछ कर्मियों को पहले ही हटा चुका है। हालांकि अभी सैनिकों की बड़े पैमाने पर यहां से निकलने के तत्काल कोई संकेत नहीं मिले हैं। ट्रंप ने ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ हो रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों में बार-बार हस्तक्षेप करने की धमकी दी है। इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए सरकार की कार्रवाई में हजारों लोगों के मारे जाने की खबर है।

ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ये सबसे हिंसक प्रदर्शन हैं। एक ईरानी अधिकारी ने कहा है कि अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। एक मानवाधिकार समूह ने यह संख्या 2,600 से अधिक बताई है।

ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मौसवी ने बुधवार को विदेशी दुश्मनों पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘ईरान ने पहले कभी इस तरह विनाश का सामना नहीं किया।’ फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने इसे ईरान के समकालीन इतिहास में सबसे हिंसक दमन की कार्रवाई करार दिया। एक इजरायली अधिकारी ने कहा कि इजरायली आकलन के अनुसार ट्रंप ने हस्तक्षेप करने का फैसला किया है, लेकिन यह नहीं मालूम कि इस कार्रवाई का दायरा कितना व्यापक और समय क्या होगा।

तीन राजनयिकों ने बताया कि कुछ कर्मियों को बुधवार शाम तक कतर में अमेरिकी सेना के अल उदेद एयर बेस छोड़ने की सलाह दी गई थी। इस बारे में दोहा में अमेरिकी दूतावास ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

इस बीच ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति भड़काने का आरोप लगाया और इसे आतंकवादी कृत्य बताया। मालूम हो कि ट्रंप ने ईरान में हस्तक्षेप करने की खुलकर धमकी दी है। मंगलवार को एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को मारना जारी रखता है तो वह बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से विरोध जारी रखने और संस्थानों पर कब्जा करने का आग्रह करते हुए घोषणा की कि मदद आ रही है।

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि ईरान ने अरब क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगियों से ट्रंप को ईरान पर हमला करने से रोकने के लिए कहा है। अधिकारी ने कहा, ‘ईरान ने सऊदी अरब और यूएई से लेकर तुर्की तक क्षेत्रीय देशों को बता दिया है कि यदि अमेरिका ईरान को निशाना बनाता है तो उन देशों में अमेरिकी अड्डों पर हमला किया जाएगा।’

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच सीधा संपर्क समाप्त कर दिया गया है। अरब क्षेत्र में लगभग हर जगह अमेरिका के सैन्य अड्डे मौजूद हैं। इनमें कतर में अल उदेद में उसकी मध्य कमान का फॉरवर्ड मुख्यालय और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय भी शामिल है। ईरान ने सूचनाओं को बाहर जाने से रोकने के उद्देश्य से इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि जब तक सरकार को जनता का समर्थन प्राप्त है, देश के खिलाफ सभी दुश्मनों के प्रयास कुछ भी असर नहीं दिखा पाएंगे।

Advertisement
First Published - January 15, 2026 | 9:32 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement