facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

हर 5वां रुपया SIP से! म्युचुअल फंड्स के AUM में रिटेल निवेशकों का दबदबा, 9.79 करोड़ हुए अकाउंट

Advertisement

दिसंबर 2025 में एसआईपी ने नया रिकॉर्ड बनाया और पहली बार निवेश 31,000 करोड़ के पार चला गया। नवंबर में एसआईपी इनफ्लो 29,445 करोड़ रुपये था

Last Updated- January 13, 2026 | 5:10 PM IST
SIP

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन है। एसआईपी के जरिए म्युचुअल फंड में ताबड़तोड़ निवेश का सिलसिला पिछले महीने भी जारी रहा। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इन इंडिया (AMFI) डेटा के मुताबिक, दिसंबर 2025 में एसआईपी ने नया रिकॉर्ड बनाया और पहली बार निवेश 31,000 करोड़ के पार चला गया। नवंबर में एसआईपी इनफ्लो 29,445 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही SIP के तहत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 16.63 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जो म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल एसेट का 20.7 फीसदी है। वहीं, बीते महीने SIP स्टॉपेज रेशियो बढ़कर 85 फीसदी पर पहुंच गया।

SIP स्टॉपेज रेशियो बढ़कर 85% पर

दिसंबर के दौरान म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में 60.46 लाख नए SIP रजिस्टर हुए, जो नवंबर में रजिस्टर 57.13 लाख SIPs से ज्यादा हैं। वहीं, 51.57 लाख SIPs बंद किए गए या मैच्योर होकर समाप्त हुए, जबकि पिछले महीने यह संख्या लगभग 43.18 लाख थी। इससे दिसंबर में SIP स्टॉपेज रेशियो बढ़कर करीब 85 फीसदी हो गया, जो नवंबर में 75.56 फीसदी से काफी ज्यादा है।

SIP स्टॉपेज रेशियो यह दिखाता है कि किसी महीने में जितने नए SIP शुरू हुए, उनकी तुलना में कितने SIP बंद (या मैच्योर होकर समाप्त) हुए। अगर यह रेशियो 100 फीसदी से ऊपर चला जाता है, तो इसका मतलब होता है कि उस महीने शुरू होने वाले SIPs से ज्यादा SIPs बंद हो गए।

Also Read: Gold ETF में आया रिकॉर्ड निवेश, दिसंबर में इनफ्लो 211% बढ़कर ₹11,646 करोड़ के ऑल टाइम हाई पर

SIP का AUM बढ़कर ₹16.63 लाख करोड़

दिसंबर में SIP के मासिक निवेश ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छूते हुए 31,002 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बनाया। यह नवंबर के मुकाबले 5.3 फीसदी की मासिक बढ़ोतरी और पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 17.2 फीसदी की सालाना वृद्धि को दर्शाता है। इसके चलते SIP के तहत एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 16.63 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो अब पूरे म्युचुअल फंड उद्योग की कुल संपत्ति का 20.7 फीसदी है। यह बाजार की स्थितियों से परे, SIP में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। दिसंबर में SIP खातों की संख्या 3.9 फीसदी बढ़कर 9.79 करोड़ हो गई, जो नवंबर में 9.43 करोड़ थी।

महीना कुल बकाया SIP खाते (लाख) नए SIP पंजीकरण (लाख) बंद/मैच्योर SIP (लाख) योगदान देने वाले SIP खाते (लाख) SIP निवेश ₹ करोड़ SIP AUM ₹ करोड़
अप्रैल 25 – दिसंबर 25 1,010.73 526.57 521.21 979.00 2,56,655 16,63,369
दिसंबर-25 1,010.73 60.46 51.57 979.00 31,002 16,63,369
नवंबर-25 1,001.84 57.14 43.18 942.52 29,445 16,52,665
अक्टूबर-25 987.88 60.25 45.10 945.20 29,529 16,25,305
सितंबर-25 972.74 57.73 44.03 925.21 29,361 15,52,303
अगस्त-25 959.04 55.23 41.15 898.70 28,265 15,18,368
जुलाई-25 944.97 68.69 43.04 911.18 28,464 15,19,456
जून-25 919.32 61.91 48.16 864.70 27,269 15,30,574
मई-25 905.57 59.15 42.66 856.00 26,688 14,61,360
अप्रैल-25 889.08 46.01 162.32 838.25 26,632 13,89,655
अप्रैल 24 – मार्च 25 1,005.39 679.85 514.17 811.16 2,89,352 13,35,188
अप्रैल 23 – मार्च 24 839.71 428.09 224.37 1,99,219 10,71,666

2025 में SIP निवेश पहली बार ₹3.35 लाख करोड़

SIP के जरिए म्युचुअल फंड योजनाओं में निवेश 3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। किसी एक कैलेंडर वर्ष में ऐसा पहली बार हुआ है। साल 2025 में निवेशकों ने एसआईपी के जरिये म्युचुअल फंड योजनाओं में लगभग 3.35 लाख करोड़ हैं। म्युचुअल फंडों के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024 में एसआईपी योजनाओं में कुल निवेश 2.69 लाख करोड़ रुपये था।

Also Read: सुस्त शेयर बाजार के बीच 2025 में डीमैट खातों की रफ्तार आधी, 3.06 करोड़ पर सिमटी

MF इंडस्ट्री का आउटलुक पॉजिटिव

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के सीईओ वेंकट चालसानी ने कहा कि इंडस्ट्री का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। निरंतर एसआईपी निवेश विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की निकासी की भरपाई कर रहे हैं और बाजार की मजबूती को सहारा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में फंड इनफ्लो का रुख वैल्युएशन और वैश्विक घटनाक्रमों से तय होगा जिसमें निवेशक बड़े शेयर (लार्ज-कैप), डायवर्सिफाइड और हाइब्रिड स्ट्रैटेजीज को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं।

Advertisement
First Published - January 13, 2026 | 4:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement