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Gold ETF में आया रिकॉर्ड निवेश, दिसंबर में इनफ्लो 211% बढ़कर ₹11,646 करोड़ के ऑल टाइम हाई पर

वैश्विक और घरेलू स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता और शेयर बाजारों में समय-समय पर जोखिम से बचने (रिस्क-ऑफ) का माहौल बनने के कारण गोल्ड ईटीएफ में यह मजबूत निवेश देखने को मिला

Last Updated- January 09, 2026 | 5:48 PM IST
Gold ETFs

Gold ETFs Inflow at All Time High: भारत में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में निवेश तेजी से बढ़ रहा है और इस महीने यह एक नए शिखर पर पहुंच गया है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 211 फीसदी बढ़कर 11,646 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो नवंबर के 3,742 करोड़ और अक्टूबर के 7,743 करोड़ की तुलना में कहीं ज्यादा है। इस कैटेगरी के लिए यह अब तक का सबसे ज्यादा मंथली इनफ्लो है। वैश्विक और घरेलू स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता और शेयर बाजारों में समय-समय पर जोखिम से बचने (रिस्क-ऑफ) का माहौल बनने के कारण गोल्ड ईटीएफ में यह मजबूत निवेश देखने को मिला।

Gold ETFs में निवेश 4 गुना बढ़ा

निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों (सेफ-हेवन एसेट्स) में भी एक बार फिर रुचि दिखाई। मिरे असेट में डिस्ट्रीब्यूटशन और स्ट्रैटेजिक एलायंस की हेड सुरंजना बोरठाकुर ने कहा, सोने के लिए यह साल बेहद शानदार रहा है और गोल्ड ईटीएफ में नेट इनफ्लो पिछले साल की तुलना में चार गुना बढ़ गया है। अब सोने को सिर्फ जोखिम से बचाव (हेज) के तौर पर ही नहीं, बल्कि निवेशकों के पोर्टफोलियो का एक रणनीतिक और दीर्घकालिक हिस्सा भी माना जा रहा है।”

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क्यों बढ़ी गोल्ड ईटीएफ की चमक?

साल 2025 में सोने की कीमतों में आई जोरदार तेजी के दम पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। आनंद राठी वेल्थ के फिरोज अजीज ने कहा, “कैलेंडर वर्ष 2025 में सोने ने 70 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है, जिसके बाद गोल्ड ETFs में अब तक का सबसे अधिक निवेश दर्ज हुआ है। यह हालिया प्रदर्शन से प्रभावित निवेश व्यवहार (रेसेंसी बायस) की ओर भी इशारा करता है।”

Gold ETFs पर क्यों लट्टू हो रहे निवेशक?

सोने की कीमतों में तेजी के पीछे वैश्विक और घरेलू दोनों कारकों का योगदान है। इसके अलावा, सेंट्रल बैंक की खरीद और भू-राजनैतिक तनाव जैसे वैश्विक कारकों ने सोने को सुरक्षित निवेश (safe-haven asset) के रूप में पसंदीदा बना दिया है।

विशेष रूप से गोल्ड ईटीएफ को तरजीह दी जा रही है क्योंकि ये लिक्विडिटी, किफायती लागत, पारदर्शिता और ट्रेडिंग में आसानी प्रदान करते हैं, जबकि फिजिकल सोने में स्टोरेज और शुद्धता संबंधी चिंताएं होती हैं।

ICRA एनालिटिक्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड मार्केट डेटा, अश्विनी कुमार ने कहा, “दुनिया में बढ़ते तनाव और अनिश्चित माहौल के कारण लोग अब सोने को एक सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। निवेशक गोल्ड ईटीएफ को उनकी तरलता (लिक्विडिटी), पारदर्शिता, कम लागत और ट्रेडिंग की आसान प्रक्रिया के कारण पसंद करते हैं।”

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Gold ETF क्या है?

गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) एक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड है, जो देश में सोने की कीमतों को ट्रैक करता है। यह एक पैसिव इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट है जो सोने की कीमतों (Gold Price) पर आधारित होता है और गोल्ड बुलियन (भौतिक सोने) में निवेश करता है। गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट 1 ग्राम सोने के बराबर होती है और इसे डीमैट (Demat) या पेपर फॉर्म में रखा जा सकता है। यह उच्च शुद्धता वाले फिजिकल गोल्ड से समर्थित होता है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने से निवेशकों को शेयर बाजार की तरह लचीलापन (Flexibility) मिलता है, साथ ही सोने में निवेश की सरलता भी बनी रहती है।

First Published - January 9, 2026 | 5:43 PM IST

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