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SIP इनफ्लो पहली बार 31,000 करोड़ के पार, दिसंबर में भी फ्लेक्सी कैप फंड्स में निवेशकों ने जमकर लगाए पैसे

दिसंबर में  इ​क्विटी म्युचुअल फंड्स में इनफ्लो नवंबर के मुकाबले 6 फीसदी घटकर 28,054 करोड़ रुपये पर आ गया।  

Last Updated- January 09, 2026 | 3:12 PM IST
Mutual Fund
एक्सपर्ट मानते हैं कि निवेशकों का भारत की ग्रोथ स्टोरी और लंबी अव​धि के नजरिए से बाजार पर भरोसा बना हुआ है। - प्रतीकात्मक फोटो

AMFI December 2025 Data: म्युचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए ताबड़तोड़ निवेश जारी है। दिसंबर 2025 में एसआईपी ने नया रिकॉर्ड बनाया और पहली बार निवेश 31,000 करोड़ के पार चला गया। हालांकि, इ​क्विटी म्युचुअल फंड्स में इनफ्लो नवंबर के मुकाबले 6 फीसदी घटकर 28,054 करोड़ रुपये पर आ गया। इ​क्विटी फंड्स में फ्लेक्सी कैप फंड का दमदार प्रदर्शन जारी है। पिछले महीने इस कैटेगरी में 10 हजार करोड़ से ज्यादा का जबरदस्त इनफ्लो आया। एक्सपर्ट मानते हैं कि निवेशकों का भारत की ग्रोथ स्टोरी और लंबी अव​धि के नजरिए से बाजार पर भरोसा बना हुआ है।

एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड् इन इंडिया (AMFI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर महीने में इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेशकों ने 28,054 करोड़ रुपये झोंके। हालांकि यह नवंबर के 29,911 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 6 फीसदी कम है। इसके बावजूद इनफ्लो अक्टूबर के स्तर (24,690 करोड़ रुपये) से ज्यादा बना रहा। SIP ने नया रिकॉर्ड बनाया। ​रिटेल निवेशकों ने दिसंबर में रिकॉर्ड 31,002 करोड़ रुपये की SIP की. पहली बार यह आंकड़ा 31 हजार करोड़ के पार पहुंचा है.  जबकि नवंबर में 29,445 करोड़ का एसआईपी इनफ्लो आया था। दूसरी ओर, डेट फंड से भारी निकासी रही, जबकि हाइब्रिड कैटेगरी में पॉजिटिव निवेश रहा। इसी तरह, गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों का रुझान बना हुआ है।

एम्फी आंकड़ों पर ओम्नीसाइंस कैपिटल के CEO और चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. विकास गुप्ता का कहना है, म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में पैसा लगातार आ रहा है, जिससे साफ है कि निवेशकों को भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में पिछले एक साल से चल रही उतार-चढ़ाव और सोना-चांदी में मिले शानदार रिटर्न की वजह से मल्टी एसेट फंड्स में निवेश तेजी से बढ़ा है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि इस समय सोना और चांदी में बहुत ज्यादा निवेश करने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें पहले ही काफी तेजी आ चुकी है।

अबेक्कस म्युचुअल फंड के सीईओ वैभव चुग कहते हैं, भारत की अर्थव्यवस्था के ज्यादातर मजबूत पहलू सही दिशा में हैं और पिछले डेढ़ साल में बाजार में समय के साथ सुधार हुआ है। चूंकि कोई भी यह नहीं बता सकता कि जियो-पॉलिटिक्स या टैरिफ जैसे मुद्दों पर आगे क्या होगा, इसलिए नियमित और धीरे-धीरे निवेश (SIP) करना सबसे समझदारी भरा तरीका है।

AMFI December 2025 Data के अनुसार AUM में भी आई कमी

एम्फी के आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी फंड में निवेश घटने के साथ ही म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM भी थोड़ा कम हुआ। दिसंबर में कुल AUM घटकर 80.23 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि नवंबर में यह 80.80 लाख करोड़ रुपये था। इसकी मुख्य वजह डेट म्युचुअल फंड से भारी निकासी रही।

कुल मिलाकर दिसंबर में म्युचुअल फंड इंडस्ट्री से कुछ 66,591 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो रहा। हालांकि इक्विटी और गोल्ड फंड में निवेश बना रहा, लेकिन डेट फंड से बड़े पैमाने पर पैसा निकलने से इंडस्ट्री पर दबाव दिखा।

यह भी पढ़ें: SIF सेगमेंट में बढ़ी हलचल: कई म्युचुअल फंड हाउस पहली पेशकश की तैयारी में, हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट पर सबसे ज्यादा जोर

Equity Funds: फ्लेक्सी कैप में 10K करोड़ से ज्यादा

आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी फंड की ज्यादातर कैटेगरी में दिसंबर में पैसा आया है। ELSS (इ​क्विटी लिंक्स टैक्स सेविंग फंड) और डिविडेंड यील्ड फंड से निवेशकों ने पैसे निकाले। बाजार में मुनाफावसूली और टैक्स से जुड़े कारणों को इसकी वजह माना जा रहा है।

फ्लेक्सी-कैप फंड निवेशकों की पहली पसंद बने रहे। दिसंबर में इनमें 10,019 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो नवंबर के 8,135 करोड़ रुपये के मुकाबले ज्यादा है। इसके बाद मिड-कैप फंड में 4,176 करोड़, लार्ज एंड मिड-कैप फंड में 4,094 करोड़ और स्मॉल-कैप फंड में 3,824 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। लार्ज-कैप फंड में भी 1,567 करोड़ रुपये आए। इसके अलावा, मल्टीकैप फंड में 2,254.95 करोड़, वैल्यू/कॉन्ट्रा फंड में 1,088.51 करोड़, फोकस्ड फंड में 1,056.82 और सेक्टोरल फंड में 945.9 करोड़ निवेशकों ने झोंके। दूसरी ओर, ELSS से 717.73 करोड़ और डिविडेंड यील्ड फंड से 254.3 करोड़ की निकासी देखने को मिली।

दिसंबर 2025 में इनफ्लो/आउटफ्लो

इ​क्विटी म्युचुअल फंड कैटेगरी  दिसंबर 2025 (₹ करोड़ में) नवंबर 2025 (₹ करोड़ में)
मल्टीकैप फंड 2,254.95 2,462.84
लार्ज कैप फंड 1,567.42 1,639.80
लार्ज एंड मिड कैप 4,093.51 4,503.31
मिड कैप फंड 4,175.81 4,486.91
स्माल कैप फंड 3,823.82 4,406.90
डिविडेंड यील्ड फंड -254.32 -277.74
वैल्यू फंड/कॉन्ट्रा फंड 1,088.51 1,219.44
फोकस्ड फंड 1,056.82 2,039.73
सेक्टोरल/​थीमेटिक फंड 945.99 1,864.99
ELSS -717.73 -570.17
फ्लेक्सी कैप फंड 10,019.2 8,135.01

(सोर्स: AMFI)

वैभव चुग का कहना है, फ्लेक्सी कैप फंड निवेशकों को अभी भी ज्यादा पसंद आ रहे हैं, क्योंकि इनमें लार्ज, मिड और स्माल कंपनियों में निवेश करने की आजादी होती है। बड़ी कंपनियों के शेयरों की कीमतें अब ठीक स्तर पर आ रही हैं, इसलिए लार्ज और मिडकैप फंड भी फ्लेक्सी कैप के साथ अच्छा विकल्प बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पूरी म्युचुअल फंड इंडस्ट्री मानती है कि बाजार की उठापटक से निपटने का सबसे अच्छा तरीका सही एसेट एलोकेशन है। यही वजह है कि मल्टी एसेट एलोकेशन फंड में निवेश बढ़ता दिख रहा है। उन्होंने साफ कहा कि इन फंड्स को सिर्फ सोना-चांदी में निवेश के नजरिए से नहीं देखना चाहिए, बल्कि इन्हें केवल सही एसेट एलोकेशन के लिए चुनना चाहिए।

वेंचुरा के डायरेक्टर जुज़र गबाजीवाला का कहना कि 2025 के पूरे साल में म्युचुअल फंड में कुल निवेश 2024 के मुकाबले कम रहा। इसके बावजूद स्मॉल कैप और मिड कैप फंड्स में निवेश अच्छा बना रहा, भले ही 2025 में इनका प्रदर्शन कमजोर रहा हो। इससे पता चलता है कि अब ज्यादा निवेशक बाजार की गिरावट में निवेश करना सीख गए हैं।

उन्होंने कहा कि थीमैटिक फंड्स में निवेश कम हुआ है, क्योंकि इस कैटेगरी में नए फंड ऑफर (NFO) बहुत कम आए। वहीं फ्लेक्सी कैप फंड्स निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि निवेशकों को फंड मैनेजर की अलग-अलग साइज की कंपनियों में निवेश करने की क्षमता पर भरोसा है। पिछले एक साल में फ्लेक्सी कैप फंड्स में निवेश लगभग दोगुना हो गया है और 2025 में म्युचुअल फंड में आए कुल निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा भी इसी कैटेगरी से आया है।

Debt Fund में तगड़ा आउटफ्लो

एम्फी के आंकड़ों के मुताबिक, डेट म्युचुअल फंड से दिसंबर में 1.32 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी हुई। नवंबर में यह निकासी करीब 25,692 करोड़ रुपये थी। इसी वजह से पूरे म्युचुअल फंड सेक्टर का आंकड़ा निगेटिव में चला गया। डेट कैटेगरी में सबसे ज्यादा 47,307.95 का आउटफ्लो लि​क्विड फंड में हुआ। इसके अलावा मनी मार्केट फंड से 40,464.36 करोड़ और अल्ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फंड से 17,648.16 करोड़ की निकासी दर्ज की गई।

Hybrid Schemes: मल्टी एसेट एलोकेशन फंड का जलवा

इसी तरह, हाइब्रिड स्कीम की बात करें तो 10,755 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो देखने को मिला। जबकि नवंबर में यह आंकड़ा 13,299 करोड़ रुपये था. इस कैटिगरी में मल्टी असेट एलोकेशन फंड में 7,425 करोड़ रुपये का निवेश आया, जोकि नवंबर में 5,314 करोड़ रुपये था. बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड्स में 1513 करोड़ रुपये आए जो नवंबर में 1385 करोड़ रुपये थे। इसी तरह, डायनामिक असेट एलोकेशन फंड्स का नेट निवेश 1097 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जोकि नवंबर में 1410 करोड़ रुपये था.

Gold ETF: 11,647 करोड़ रुपये का निवेश

इस बीच, निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले विकल्पों की ओर भी रुख किया। गोल्ड ETF में दिसंबर में 11,647 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो नवंबर और अक्टूबर के मुकाबले काफी ज्यादा है। इससे साफ है कि बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। इंडेक्स फंड में 1,730.50 करोड़ रुपये आए। अन्य ईटीएफ का इनफ्लो 13,199.44 करोड़ दर्ज किया गया। ज

नवंबर में इंडेक्स फंड में 1,726.81 करोड़, गोल्ड ईटीएफ में 3,741.79 करोड़, अन्य ईटीएफ में 9,720.74 करोड़ और फंड ऑफ फंड्स ओवरसीज में 195.68 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया। इस तरह अन्य कैटेगरी में कुल 15,385 करोड़ का इनफ्लो पिछले महीने आया। वहीं, सॉल्यूशन ओरिएंटेड स्कीम्स की बात करें, तो इस कैटेगरी में 320.03 करोड़ का निवेश आया।

First Published - January 9, 2026 | 1:58 PM IST

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