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Provident Fund से निकासी अब और आसान! जानें कब आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं?

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EPFO द्वारा PF निकासी नियमों को सरल किया गया है, जिसके तहत एक साल की सेवा पूरी होने पर 75 प्रतिशत तक और तय परिस्थितियों में पूरा PF निकाला जा सकता है

Last Updated- January 16, 2026 | 7:19 PM IST
EPFO
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

कर्मचारियों के प्रॉविडेंट फंड (EPF) से पैसे निकालना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। हालांकि एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि इसमें सावधानी बरतें। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने निकासी के नियमों को सरल बना दिया है, जिससे सदस्यों को ये समझना आसान हो गया है कि कब और कैसे अपना PF का पैसा निकाला जा सकता है।

कम कैटेगरी, नियम ज्यादा साफ

पहले PF से पैसे निकालने के लिए 12 से ज्यादा अलग-अलग कैटेगरी थीं, और हर एक के लिए अलग-अलग सर्विस पीरियड (2 से 7 साल तक) की जरूरत पड़ती थी। इससे काम बहुत पेचीदा हो जाता था, खासकर तब जब किसी को जल्दी पैसों की जरूरत होती थी। अब EPFO ने इन सबको सिर्फ पांच बड़ी कैटेगरी में बांट दिया है, जिससे योग्यता के नियम आसान हो गए हैं और क्लेम में गलती होने की संभावना काफी कम हो गई है।

न्यूनतम सर्विस पीरियड: सिर्फ एक साल

नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव ये है कि ज्यादातर निकासी के लिए अब सिर्फ एक साल की सर्विस काफी है। पहले अलग-अलग वजहों के लिए अलग-अलग वक्त लगता था, जिससे लोगों को कन्फ्यूजन होता था। अब ये 12 महीने का एक समान नियम आ गया है, जिससे प्लानिंग करना आसान हो गया है।

कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों के योगदान पर पहुंच

नए नियमों से अब PF फंड का बड़ा हिस्सा निकाला जा सकता है। निकासी में कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों का योगदान, साथ में ब्याज भी शामिल हो जाता है। ज्यादातर मामलों में सदस्य अपना 75 फीसदी तक बैलेंस निकाल सकते हैं, जिससे छोटी-मोटी फाइनेंशियल जरूरतों के लिए ज्यादा सुविधा मिलती है।

Also Read: Explainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?

कब पूरा PF निकाला जा सकता है?

EPFO ने साफ बता दिया है कि एक साल की सर्विस पूरी करने के बाद किन स्थितियों में सदस्य 100 फीसदी PF निकाल सकते हैं। ये स्थितियां हैं:

  • खुद या परिवार के इलाज के लिए
  • बच्चों की उच्च शिक्षा के खर्चे के लिए
  • शादी से जुड़े खर्चों के लिए
  • घर से जुड़ी जरूरतें, जैसे घर खरीदना, घर बनाना, होम लोन चुकाना या बड़े रिपेयर करवाना
    खास परिस्थितियों में, बिना किसी खास वजह के भी वॉलंटरी निकासी की अनुमति है, लेकिन इसकी फ्रीक्वेंसी पर लिमिट लगाई गई है।

रिटायरमेंट सेविंग्स की सुरक्षा

नए नियम अब ज्यादा आसान तो हैं, लेकिन EPFO ने रिटायरमेंट के लिए लंबे समय तक पैसे बचाने की सुरक्षा भी बरकरार रखी है। करीब 25 फीसदी PF बैलेंस को ऐसे सुरक्षित रखा गया है कि बार-बार निकासी न हो और खासकर कम आय वाले लोगों को कंपाउंडिंग का फायदा मिलता रहे।

बेरोजगारी और रिटायरमेंट के दौरान मदद

नौकरी छूटने पर कर्मचारी तुरंत 75 फीसदी PF निकाल सकते हैं और अगर बेरोजगारी एक साल तक चलती रहे तो बाकी पैसा भी मिल जाता है। रिटायरमेंट (55 साल की उम्र पर), स्थायी विकलांगता, छंटनी, वॉलंटरी रिटायरमेंट या विदेश में हमेशा के लिए बसने पर पूरा बैलेंस निकाला जा सकता है। कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ता, और 10 साल की पेंशनेबल सर्विस पूरी करने के बाद ही मासिक पेंशन मिलती है।

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First Published - January 16, 2026 | 7:15 PM IST

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