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US-Iran War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खदानें बिछाने पर ट्रंप का अल्टीमेटम, ईरान को मिली जवाबी चेतावनी

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अमेरिका ने ईरान को हॉर्मुज जलसंधि में बिछाई गई खदानें तुरंत हटाने की चेतावनी दी है, नहीं तो कड़ी सैन्य कार्रवाई की बात कही है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

Last Updated- March 11, 2026 | 8:52 AM IST
Donald Trump on Middle East Crisis
US President Donald Trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने ईरान से कहा है कि अगर उन्होंने हॉर्मुज जलसंधि में कोई खदानें लगाई हैं तो उन्हें तुरंत हटा दें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि खदानें नहीं हटाई गईं, तो अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की जाएगी, जिसकी तीव्रता अब तक नहीं देखी गई है।

ट्रंप ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर शेयर किया। उन्होंने लिखा कि अगर ईरान ने किसी कारणवश खदानें लगाई हैं और उन्हें हटाने में देरी होती है, तो इसका जवाब अमेरिकी सेना बहुत ही कड़े तौर पर देगी। उन्होंने कहा कि खदानें हटाने की स्थिति में यह कदम सही दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका उन तकनीक और मिसाइल क्षमताओं का उपयोग कर रहा है, जिनका प्रयोग पहले मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ किया जाता था। इन क्षमताओं के जरिए अमेरिका किसी भी ऐसे जहाज या नौका को तुरंत और प्रभावी ढंग से नष्ट कर देगा, जो हॉर्मुज़ जलसंधि में खदानें लगाने का प्रयास करेगा।

ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रयास को गंभीरता से लिया जाएगा और उसे तेजी और शक्ति के साथ खत्म किया जाएगा। उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति की स्थिरता को लेकर अमेरिका की सतर्कता को दर्शाता है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हाल ही में X (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने ईरान की समुद्री शक्ति को कम करने के अपने अभियान की जानकारी दी। कमांड ने कहा कि अमेरिकी बल ईरानी शासन की समुद्र में ताकत दिखाने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को परेशान करने की क्षमता को कमजोर कर रहे हैं। उनके अनुसार, वर्षों से ईरानी बल ने अमेरिकी, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा तथा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण जलमार्गों में नौसैनिक स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा किया है।

बुधवार को व्हाइट हाउस प्रेस सचिव करोलाइन लिविट ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका ने ईरान में जमीनी बल भेजने के विकल्प को पूरी तरह से खारिज नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पर्सियन गल्फ में चल रहे सैन्य अभियान केवल तब तक जारी रहेंगे जब तक ‘एपिक फ्यूरी’ अभियान के निर्धारित उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते।

इन घटनाओं के बीच ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों, जैसे यूएई, सऊदी अरब, क़तर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, दूतावासों और नागरिक तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इससे क्षेत्र में सुरक्षा खतरा बढ़ गया है और संघर्ष केवल ईरान तक सीमित नहीं रह गया।

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First Published - March 11, 2026 | 8:48 AM IST

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