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क्या आपका रिटायरमेंट फंड बुढ़ापे में जीवनभर साथ देगा? जानें बढ़ती उम्र और महंगाई के बीच सुरक्षा का फॉर्मूला

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बढ़ती उम्र और महंगाई के दौर में एक्सपर्ट का मानना है कि एन्यूटी प्लान रिटायरमेंट के बाद जीवनभर गारंटीड आय का भरोसा देते हैं, जिससे आर्थिक सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलती है

Last Updated- May 30, 2026 | 3:54 PM IST
Retirement fund
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

हम सब अपनी नौकरी या बिजनेस के दिनों में जी-तोड़ मेहनत करते हैं ताकि हमारा कल सुरक्षित हो सके। हर किसी का सपना होता है कि रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी बिना किसी आर्थिक मानसिक तनाव के, आराम से गुजरे। लेकिन जब हम फ्यूजर प्लानिंग करते हैं, तो एक बड़ा और डराने वाला सवाल मन में जरूर कौंधता है कि “जो पैसा मैं आज बचा रहा हूं, वह आने वाले समय में कितने साल चलेगा, और मैं यह कैसे पक्का करूं कि यह कभी खत्म नहीं होगा?”

आज के समय में जब मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है, तो इंसानों की औसत उम्र भी काफी बढ़ गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि रिटायरमेंट के बाद आपको अगले 20, 30 या 40 साल तक जीने के लिए पैसों की जरूरत पड़ सकती है। इसे आर्थिक भाषा में ‘लॉन्गेविटी रिस्क’ यानी उम्मीद से ज्यादा लंबा जीने का जोखिम कहा जाता है। यह आपके बुढ़ापे की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती है।

कई लोग सोचते हैं कि वे बैंक अकाउंट में एकमुश्त मोटी रकम रख देंगे और उनका काम चल जाएगा, लेकिन यह सोच आपको मुश्किल में डाल सकती है। तेजी से बढ़ती महंगाई आपके उस बड़े फंड को महज एक दशक (10 साल) के भीतर ही अंदर ही अंदर खोखला कर सकती है। एक्सपर्ट के मुताबिक, अपने भविष्य को टिकाऊ बनाने के लिए आपको एक ऐसे ‘फाइनेंशियल इंजन’ की जरूरत है, जो आपकी पूरी जमा-पूंजी को एक परमानेंट और भरोसेमंद इनकम (कैश फ्लो) में बदल सके। यहीं पर काम आते हैं ‘स्ट्रक्चर्ड एन्यूटी प्लान्स’, जो जीवनभर की आर्थिक सुरक्षा की गारंटी देते हैं।

Go Digit Life Insurance के MD और CEO सब्यसाची सरकार का मानना है कि रिटायरमेंट की प्लानिंग को लेकर हमें अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। वे इस बात पर जोर देते हैं कि सिर्फ पैसे बचाना काफी नहीं है, बल्कि उस पैसे को इस तरह स्ट्रक्चर करना जरूरी है कि वह आपके जीवन के आखिरी दिन तक आपका साथ दे सके।

क्या है एन्यूटी प्लान और यह बुढ़ापे में कैसे देता है सुरक्षा?

आसान शब्दों में समझें तो एन्यूटी प्लान आपके और एक इंश्योरेंस कंपनी के बीच का एक औपचारिक कॉन्ट्रैक्ट (समझौता) होता है, जिसे खासकर लंबे समय की नियमित आय के लिए डिजाइन किया जाता है।

सरकार कहते हैं, “जब आप अपनी कमाई के सबसे अच्छे दिनों में होते हैं, तब आप कंपनी को एकमुश्त रकम देते हैं या फिर किस्तों में एक बड़ा फंड जमा करते हैं। इसके बदले में, बीमा कंपनी आपको जीवनभर एक तय और भरोसेमंद नियमित आय देने की गारंटी देती है। आप अपनी सुविधा के अनुसार यह तय कर सकते हैं कि यह पेंशन आपको तुरंत मिलनी शुरू हो जाए या फिर कुछ सालों के अंतराल (डिफर्ड पीरियड) के बाद मिले।”

एन्यूटी प्लान रिटायरमेंट के बाद की दो बड़ी टेंशन को काफी हद तक दूर कर देते हैं। पहली, हर महीने या तय समय पर नियमित आमदनी मिलने की चिंता और दूसरी, आपकी जमा पूंजी की सुरक्षा। जब आपको पहले से पता होता है कि एक निश्चित रकम लगातार मिलती रहेगी, तो रोजमर्रा के खर्चों के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव या आर्थिक हालात की चिंता नहीं करनी पड़ती। साथ ही, यह भी डर नहीं रहता कि कहीं जरूरत से ज्यादा खर्च करने की वजह से आपकी बचत जल्दी खत्म न हो जाए।

सरकार का कहना है कि ज्यादातर लोग अपनी बचत बढ़ाने के लिए म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार या दूसरे निवेश विकल्पों का सहारा लेते हैं। ये निवेश लंबी अवधि में अच्छी संपत्ति बनाने में मदद करते हैं, लेकिन रिटायरमेंट के बाद कई सालों तक नियमित और तय आमदनी की गारंटी नहीं देते। ऐसे में एन्यूटी प्लान एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का असर आपकी नियमित आय पर नहीं पड़ता। शेयर बाजार ऊपर जाए या नीचे आए, आपको मिलने वाली तय रकम में कोई बदलाव नहीं होता और आपकी आमदनी लगातार बनी रहती है।

इसके अलावा, एन्यूटी प्लान का एक बड़ा फायदा यह है कि आपको इस बात की चिंता नहीं करनी पड़ती कि आपकी बचत आपकी उम्र से पहले खत्म हो जाएगी। रिटायरमेंट की प्लानिंग में सबसे मुश्किल बात यही होती है कि कोई भी यह नहीं जानता कि वह कितने साल जिएगा। अगर आप 90 साल या उससे भी ज्यादा उम्र तक जीवित रहते हैं, तो खर्च चलाने के लिए उतने लंबे समय तक पैसे की जरूरत होगी। लाइफ एन्यूटी में यह जिम्मेदारी बीमा कंपनी की हो जाती है। यानी आप जितने समय तक जीवित रहेंगे, आपको नियमित आय मिलती रहेगी और पैसे खत्म होने की चिंता नहीं रहेगी।

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भारतीय बाजार में एन्यूटी के क्या हैं विकल्प?

जब आप एन्यूटी प्लान चुनने की सोचते हैं, तो सबसे पहले अपनी उम्र, रिटायरमेंट की स्थिति और बचत को ध्यान में रखना जरूरी होता है। भारतीय बाजार में एन्यूटी प्लान कई तरह के होते हैं, लेकिन इन्हें समझने का सबसे आसान तरीका यह है कि इन्हें दो बड़े वर्गों में बांटकर देखा जाए। पहला वर्ग इस बात पर आधारित है कि आपको नियमित आय कब से मिलनी शुरू होगी। इसी आधार पर एन्यूटी प्लान मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं, ‘इमीडिएट एन्यूटी’ और ‘डिफर्ड एन्यूटी’।

  • इमीडिएट एन्यूटी (Immediate Annuity): इस प्लान में आप बीमा कंपनी के पास एकमुश्त रकम जमा करते हैं और इसके बदले आपको नियमित आय मिलनी शुरू हो जाती है। आमतौर पर पहली किस्त अगले महीने या तय अवधि के भीतर आ जाती है। यह विकल्प उन लोगों के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है जो रिटायर हो चुके हैं और जिनकी नियमित सैलरी बंद हो गई है। ऐसे लोगों के लिए यह एक भरोसेमंद आय का स्रोत बन जाता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद के खर्च आसानी से पूरे किए जा सकते हैं।
  • डिफर्ड एन्यूटी (Deferred Annuity): इस प्लान में आप अपनी रकम को एक तय अवधि के लिए निवेश करते हैं। इस दौरान आपका पैसा बढ़ता रहता है और समय के साथ उस पर मिलने वाला रिटर्न भी जुड़ता जाता है। तय अवधि पूरी होने के बाद आपको नियमित पेंशन या आय मिलनी शुरू होती है। यह विकल्प उन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है जो अभी नौकरी या कारोबार कर रहे हैं और रिटायरमेंट में अभी कई साल बाकी हैं। ऐसे लोग पहले अपने रिटायरमेंट फंड को बढ़ाने पर ध्यान दे सकते हैं और बाद में उसे नियमित आय में बदल सकते हैं।

इसके अलावा, एन्यूटी प्लान को आपकी जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर भी दो हिस्सों में बांटा जाता है। इनमें ‘फिक्स्ड एन्यूटी’ और ‘वेरिएबल एन्यूटी’ शामिल हैं।

  • फिक्स्ड एन्यूटी (Fixed Annuity): इस विकल्प में आपकी पेंशन की राशि पहले से तय होती है और रिटायरमेंट के दौरान इसमें कोई बदलाव नहीं होता। आपको हर बार एक समान रकम मिलती रहती है, जिससे अपनी जरूरतों की योजना बनाना आसान हो जाता है।।
  • वेरिएबल एन्यूटी (Variable Annuity): इस विकल्प में आपकी जमा पूंजी को बाजार से जुड़े निवेश विकल्पों में लगाया जाता है। इसलिए आपको मिलने वाली आय बाजार के प्रदर्शन के अनुसार बढ़ या घट सकती है। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त हो सकता है जो बेहतर रिटर्न की संभावना के लिए कुछ जोखिम लेने को तैयार हैं।

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टैक्स की बचत और अपने हिसाब से कस्टमाइजेशन की सुविधा

सरकार का कहना है कि एन्यूटी प्लान का एक और फायदा टैक्स से जुड़ा है। कुछ डिफर्ड एन्यूटी प्लान में निवेश के दौरान आपके पैसे पर मिलने वाला रिटर्न बिना तत्काल टैक्स कटौती के बढ़ता रहता है। यानी आपको हर साल होने वाली ग्रोथ पर टैक्स नहीं देना पड़ता। टैक्स की देनदारी तब बनती है, जब आप पेंशन या नियमित आय लेना शुरू करते हैं। इससे आपका निवेश लंबे समय तक बढ़ने का मौका पाता है।

सरकार का तर्क है कि अगर आपको रिटायरमेंट के बाद तुरंत नियमित आय की जरूरत है, तो रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस (ROP) वाले इमीडिएट एन्यूटी प्लान पर विचार किया जा सकता है। इसमें आपको जीवनभर तय आय मिलती रहती है और आपके निधन के बाद निवेश की गई मूल राशि नॉमिनी को वापस कर दी जाती है।

वहीं, अगर आप अभी से रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं, तो डिफर्ड एन्यूटी एक उपयोगी विकल्प हो सकती है। इसमें आप पहले से अपनी भविष्य की आय की योजना बना सकते हैं और तय समय के बाद नियमित पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह एन्यूटी सिर्फ पूंजी बनाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि रिटायरमेंट के बाद स्थिर और नियमित आय सुनिश्चित करने में भी मदद करती है।

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First Published - May 30, 2026 | 3:53 PM IST

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