facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

Iran Protest: निर्वासित ईरानी शाहपुत्र पहलवी का नया संदेश- विरोध तेज करें, शहरों के केंद्रों पर कब्जे की तैयारी करें

Advertisement

ईरान में पहलवी के आह्वान के बाद विरोध प्रदर्शन तेज़, देशव्यापी हड़ताल और प्रमुख इलाकों पर कब्ज़े की तैयारी।

Last Updated- January 10, 2026 | 5:24 PM IST
Exiled Iranian crown prince Pahlavi calls for strikes, plans his return
Representative Image

Iran Protest: ईरान में विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ते जा रहे हैं, क्योंकि देश के अंतिम शासक के निर्वासित पुत्र रेजा पहलवी ने फिर से जनता से सड़कों पर उतरने, देशव्यापी हड़ताल और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा करने का आह्वान किया है। उनके इस कदम ने हाल के वर्षों में देश में जारी सबसे लंबे और व्यापक विरोध आंदोलनों को नई गति दी है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में, पहलवी ने प्रदर्शनकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने शासन की धमकियों के बावजूद सड़कों पर उतरकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने कहा, “आपकी हिम्मत और अडिग संकल्प ने पूरी दुनिया का सम्मान अर्जित किया है।” उन्होंने विरोध में भारी भीड़ जुटने को ईरान की शीर्ष नेतृत्व द्वारा जारी चेतावनियों का “सशक्त जवाब” बताया और कहा कि अब देश के शासक “छिपे हुए” हैं और जनता की हिम्मत से भयभीत हैं।

Also Read: 65 मौतें, 2311 गिरफ्तारी के बाद एक फोन कॉल से सरकार विरोधी प्रदर्शन और तेज….आखिर ईरान में हो क्या रहा है?

पहलवी ने विरोध की रफ्तार बढ़ाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से परिवहन, तेल, गैस और ऊर्जा जैसे प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को देशव्यापी हड़ताल में शामिल होना चाहिए। उनका मानना है कि लगातार सड़कों पर दबाव और आर्थिक व्यवधान ईरान की शासन व्यवस्था और उसकी कमजोर दमन प्रणाली को “घुटनों पर ला देगा”।

इस बयान के बाद ईरान के कई शहरों में प्रदर्शन तेज हो गए हैं और देश में राजनीतिक अस्थिरता के संकेत बढ़ते जा रहे हैं।

ईरान के निर्वासित नेता ने नागरिकों से 10 और 11 जनवरी को शाम 6 बजे के बाद राष्ट्रीय झंडे और प्रतीक चिन्हों के साथ सड़कों पर आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ विरोध प्रदर्शन करने का समय नहीं है, बल्कि शहरों के प्रमुख क्षेत्रों पर नियंत्रण पाने और उन्हें स्थायी रूप से कब्जे में लेने की तैयारी करनी है। उन्होंने अलग-अलग मार्गों से प्रदर्शनकारियों को जोड़कर एकजुट होने की भी सलाह दी।

इस अपील में उन्होंने सुरक्षा बलों के उन सदस्यों को भी सीधे संबोधित किया, जो प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने में हिचकिचा रहे हैं। उन्होंने उन्हें कहा कि वे “दमन मशीन को और धीमा करें और बाधित करें”, ताकि निर्णायक क्षण में विरोधियों के खिलाफ मजबूत स्थिति बनाई जा सके।

निर्वासित नेता ने यह भी संकेत दिया कि अगर परिस्थितियां अनुकूल हुईं तो वह ईरान लौटने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं भी देश लौटने की तैयारी कर रहा हूँ, ताकि हमारी राष्ट्रीय क्रांति की सफलता के समय मैं आपके साथ खड़ा रह सकूँ। मुझे विश्वास है कि वह दिन अब बहुत करीब है।”

वहीं ईरानी अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए गिरफ्तारी, भारी सुरक्षा बल तैनाती और इंटरनेट प्रतिबंध लगाए हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय मुश्किल हो। हालांकि कुछ रैलियों में लोग पहलावी के नाम के नारे भी लगा रहे हैं, विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंदोलन व्यापक रूप से सामाजिक और आर्थिक परेशानियों, राजनीतिक दमन और सिस्टम में बदलाव की मांग से प्रेरित है, न कि केवल राजशाही के पुनःस्थापन की चाह से।

28 दिसंबर से शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन अब तेहरान, मशहद और क़ोम सहित कई बड़े शहरों तक फैल चुके हैं। सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में अब तक कम से कम 60 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग हिरासत में लिए गए हैं।

Advertisement
First Published - January 10, 2026 | 5:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement