जलवायु परिवर्तनः अब हाशिये का मुद्दा
यह ऊर्जा बदलाव का वक्त नहीं है बल्कि यह ऊर्जा में वृद्धि करने का वक्त है। यह बात अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने पिछले महीने ह्यूस्टन में हुए सबसे बड़े ऊर्जा सम्मेलनों में से एक सीईआरएवीक में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कही। पूरा कमरा ऊर्जा कंपनियों के दिग्गज प्रमुखों और क्षेत्र के […]
स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ें सुनियोजित कदम
हमारी दुनिया बदल चुकी है और इस बारे में किसी को भ्रम नहीं होना चाहिए। जलवायु के जोखिम भरा यह डॉनल्ड ट्रंप का युग है। जलवायु परिवर्तन रोकने के प्रयासों का विरोध पहले से हो रहा है और यह बढ़ता ही जाएगा चाहे दुनिया को बढ़ती गर्मी का कितना ही खराब असर क्यों न झेलना […]
दूरदर्शी और कद्दावर नेता थे मनमोहन सिंह
हमारा संबंध आम नहीं था बल्कि आप उसे अजीब भी कह सकते हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह बाजार अर्थव्यवस्था की पुरानी लीक से हटकर थे। अनिल अग्रवाल कट्टर पर्यावरणविद् थे। वर्ष 1991 में जब मनमोहन सिंह ने भारत का उदारीकरण किया और कारोबार के लिए दरवाजे खोल दिए तो उनकी […]
जमीनी हकीकत: भविष्य की ओर बढ़ने से पहले पीछे मुड़कर देखें
वर्ष 2024 को ऐसे साल के रूप में याद किया जाएगा, जिसमें दुनिया कई मायनों में बदल गई। ऐसा कोई दिन नहीं गुजरा, जब दुनिया का कोई न कोई हिस्सा मौसम की अति का शिकार नहीं हुआ। इन विकट परिस्थितियों में गर्मी और ठंड के नए रिकॉर्ड बने और कुछ दिन के भीतर फिर टूट […]
जमीनी हकीकत: जलवायु परिवर्तन पर ट्रंप के रुख का प्रभाव
डॉनल्ड ट्रंप की दूसरी पारी जलवायु परिवर्तन के लिए क्या मायने रखती है? ट्रंप दुनिया को अब तक सबसे अधिक ग्रीनहाउस गैस देने वाले और हर साल उनके उत्सर्जन में दूसरा सबसे ज्यादा इजाफा करने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। सर्वविदित है कि वह जलवायु परिवर्तन को संशय से देखते हैं और […]
जमीनी हकीकत: स्वच्छ हवा के रास्ते में खड़ी चुनौतियां
ये साल के वे दिन हैं जब हर बार की तरह दिल्ली और इसके आसपास विस्तारित शहरों के लोग एक अनचाही मुसीबत का इंतजार करते हैं। सर्दियां दहलीज पर हैं। हवा की गति धीमी पड़ने लगी है और प्रदूषक तत्त्व वातावरण में ठहरने लगे हैं। आने वाले दिनों में यह समस्या इतनी गंभीर होने वाली […]
रतन टाटा: एक महान शख्सियत जिन्होंने कारोबार में असहज विचारों को भी दिया सम्मान
दिवंगत रतन टाटा के साथ हमारा पहला संपर्क सुखद नहीं था। दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के कारण दम घुटने जैसी स्थिति बन गई थी और हमने स्वच्छ हवा के अधिकार का अभियान शुरू कर दिया था। डीजल को हवा में घुलने वाले सूक्ष्म कण पीएम 2.5 के उत्सर्जन का जिम्मेदार बताया जा रहा था। 1990 […]
जमीनी हकीकत: वायनाड आपदा, बदलें पर्यावरण संरक्षण तरीका
केरल के वायनाड जिले में भयावह भूस्खलन की घटना से मची तबाही के लिए आखिर कौन और क्या चीजें जिम्मेदार है? इस घटना में कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह प्रश्न महत्त्वपूर्ण है, भले ही इस आपदा को हुए कई सप्ताह बीत चुके हैं और अब हमारा ध्यान भी दूसरी विनाशकारी आपदाओं की […]
जमीनी हकीकत: वायु प्रदूषण से निपटने के लिए हो सार्थक पहल, तैयारियों के बीच असल समस्या पर किसी का ध्यान ही नहीं
वायु प्रदूषण की समस्या अब घातक हो चुकी है। अब यह बहस का मुद्दा भी नहीं है। हम लोगों में से अधिकांश लोग जो गैस चैंबर जैसे शहरों में जी रहे हैं, उन्हें मालूम है कि सांस लेने के लिए यह हवा सही नहीं है। लेकिन हम इसके बारे में क्या कर रहे हैं? यहीं […]
जमीनी हकीकत: जलवायु परिवर्तन- जीवन और मौत का सवाल?
हम यह जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन का असर मौसम पर भी पड़ता है जिससे लोगों की जिंदगी और आजीविका के साधन दोनों ही प्रभावित होते हैं। लेकिन हम इस बात पर पर्याप्त चर्चा नहीं करते हैं कि मौसम के ये चरम स्तर लोगों के स्वास्थ्य को किस तरह प्रभावित करते हैं। इस निराशाजनक दौर […]








