facebookmetapixel
Advertisement
रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला स्टॉक, मोतीलाल ओसवाल ने दिया 47% अपसाइड का टारगेटITR Refund Status: रिफंड का इंतजार? 24 लाख से ज्यादा रिटर्न अब भी पेंडिंग; जानें क्या करेंBank Strike on 12 Feb: बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अलर्ट! SBI समेत देशभर के बैंक कल रहेंगे बंद; ये सेवाएं रहेंगी प्रभावितजॉब जॉइनिंग में अब नहीं होगी देरी! Aadhaar App से मिनटों में बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, जानें डीटेल्सऑफिस का किराया आसमान पर! REITs के लिए खुला कमाई का सुपर साइकिलभारत से ट्रेड डील की फैक्ट शीट में US ने किया संसोधन; दालें हटाई गईं, $500 अरब खरीद क्लॉज भी बदलामौजूदा स्तर से 33% चढ़ेगा हॉस्पिटल कंपनी का शेयर! ब्रोकरेज ने कहा- वैल्यूएशन है अच्छा; न चूकें मौकाGold Silver Price Today: सोने चांदी की कीमतों में उछाल, खरीदारी से पहले चेक करें आज के दामMSCI में फेरबदल: IRCTC इंडेक्स से बाहर, L&T Finance समेत इन स्टॉक्स में बढ़ सकता है विदेशी निवेशQ3 नतीजों के बाद 50% से ज्यादा चढ़ सकता है रेस्टोरेंट कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज बोले – लगाओ दांव

Bank Strike on 12 Feb: बैंक ग्राहकों के लिए बड़ा अलर्ट! SBI समेत देशभर के बैंक कल रहेंगे बंद; ये सेवाएं रहेंगी प्रभावित

Advertisement

Nationwide Bank Strike: कल, 12 फरवरी 2026 को SBI समेत देशभर के बड़े बैंक कर्मचारी हड़ताल करेंगे, जिससे शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है।

Last Updated- February 11, 2026 | 11:43 AM IST
banks strike
Nationwide bank strike on 12 Feb (File Photo)

Nationwide Bank Strike: कल यानी 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को देशभर के बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। प्रमुख बैंक यूनियनों ने सरकार की नई नीतियों के विरोध में राष्ट्रीय स्तर पर हड़ताल का ऐलान किया है। बैंक ऑफ बड़ौदा और अन्य बड़े बैंक पहले ही इस बारे में शेयर बाजार (BSE) और ग्राहकों को सूचित कर चुके हैं कि बैंक शाखाओं में कामकाज रुक सकता है।

हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कल कोई आधिकारिक छुट्टी नहीं घोषित की है, फिर भी कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हड़ताल का नेतृत्व ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) कर रहे हैं। ये संगठन 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर सरकार के नए नियमों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

हड़ताल के पीछे मुख्य कारण

  1. इस हड़ताल का सबसे बड़ा मुद्दा सरकार द्वारा लाए जा रहे चार नए श्रम कानून हैं। यूनियनों का कहना है कि ये नए ‘लेबर कोड’ मौजूदा 29 श्रम कानूनों को खत्म कर देंगे और कर्मचारियों के अधिकारों को कम कर देंगे।

  2. नए नियमों में ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रेशन की शर्तें इतनी जटिल कर दी गई हैं कि भविष्य में कर्मचारियों की आवाज दब सकती है।

  3. बैंक कर्मचारी लंबे समय से ‘हफ्ते में 5 दिन काम’ की मांग कर रहे हैं, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।

ग्राहकों पर प्रभाव

  • हड़ताल के कारण शाखाओं में चेक प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है।

  • बड़ी राशि निकालने में मुश्किल हो सकती है।

  • टैक्स भुगतान और अन्य बैंकिंग कार्यों में भी रुकावट आ सकती है।

  • डिजिटल सेवाएं जैसे नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है।

  • अगर हड़ताल लंबी खिंचती है, तो एटीएम में नकदी की कमी हो सकती है।

सरकार और बैंक यूनियनों के बीच जारी वार्ता के बीच, ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि जरूरी काम पहले निपटा लें और डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल अधिक करें।

Advertisement
First Published - February 11, 2026 | 11:43 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement