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लेखक : देवाशिष बसु

आज का अखबार, लेख

राज्यों की बेतहाशा उधारी ने आरबीआई की दर कटौती और बॉन्ड खरीद का असर किया फीका

भारतीय रिजर्व बैंक ने 23 दिसंबर को यह घोषणा की कि वह सरकारी बॉन्ड की खरीद और डॉलर-रुपये के स्वैप के माध्यम से 32 अरब डॉलर की नकदी व्यवस्था में डालेगा। सामान्य समय में ऐसी घोषणा से दलाल पथ के मिजाज में उत्साह आना चाहिए था लेकिन हुआ उलटा और शेयर सूचकांक उसी दिन गिर […]

आज का अखबार, लेख

शेयर बाजार में निफ्टी के उच्च स्तर और पोर्टफोलियो रिटर्न में अंतर ने निवेशकों को चौंकाया

भारत का शेयर बाजार तमाम चुनौतियों के बीच मजबूती से खड़ा है। कोविड-19 महामारी में फिसलने के बाद मानक सूचकांक (निफ्टी 50 और सेंसेक्स) घरेलू निवेश, खुदरा निवेशकों की बढ़ती तादाद और दीर्घकालिक वृद्धि दर की उत्साहजनक बातों के दम पर नई बुलंदियों पर पहुंचे हैं। इसके बावजूद हाल में जब सूचकांक अपने अब तक […]

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नए श्रम कानून: भारतीय नीति के साथ इसका क्रियान्वयन है मुख्य चुनौती

भारत के नए चार श्रम कानूनों का उद्देश्य 29 पुराने कानूनों को हटाकर उनकी जगह लेना है। ये कानूनों का पालन आसान बनाने, सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने, कंपनियों को कर्मचारियों की भर्ती करने, नौकरी से निकालने और अपने कारोबार को बढ़ाने में अधिक सहूलियत देने का वादा करते हैं। लेकिन भारत में अक्सर ऐसा […]

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जीडीपी ग्रोथ और कॉरपोरेट नतीजे दिखा रहे असली मांग की कमी

भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार ऐसे आंकड़े सामने ला रही है जो ज्यादातर वित्त मंत्रियों में ईर्ष्या का भाव उत्पन्न कर देंगे। राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है। आधार आंकड़ा 7.1 फीसदी है जो हालात बेहतर रहने पर […]

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AI बूम या पुराना बुलबुला? अमेरिकी शेयर बाजार की तेजी क्यों लग रही है जानी-पहचानी

व्यापारिक तनावों या राजकोषीय दिक्कतों से बेपरवाह अमेरिकी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब है। यह तेजी नई पीढ़ी के तकनीकी आशावाद की लहर पर सवार है जिसका नाम है आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई)। सात बड़ी टेक कंपनियां यानी अल्फाबेट, एमेजॉन, ऐपल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया और टेस्ला इस समय एसऐंडपी 500 के बाजार पूंजीकरण में करीब […]

आज का अखबार, लेख

‘उपयोगी ज्ञान’ के जरिए विकसित भारत: ऐसी संस्कृति बनाना जो ज्ञान का सम्मान करे

कुछ दिनों पहले जोएल मोकिर, फिलिप एगियों और पीटर हॉविट को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया। मोकिर की दलील है कि समाज तब फलते-फूलते हैं जब वे उपयोगी ज्ञान का पोषण करते हैं, उसका विकास करते हैं और उसे प्रसारित करते हैं। एगियों और हॉविट ने समझाया कि कैसे ज्ञान तब अत्यधिक उत्पादक हो […]

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निजी पूंजीगत व्यय सुस्त, वेतन वृद्धि की कमी से मांग को नहीं मिल रहा सहारा

अर्थशास्त्री कई दशकों से लगातार यह शिकायत करते रहे हैं कि हमारा राजस्व व्यय बहुत अधिक है और पूंजीगत व्यय पर्याप्त नहीं है। यह शिकायत अब कम से कम खत्म हो सकती है। पिछले 11 वर्षों में, नरेंद्र मोदी सरकार ने लगभग 54 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया है, जिसमें महामारी के बाद […]

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ट्रंप का H-1B वीजा कदम: अमेरिकी कंपनियों के लिए महंगा, भारत की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 19 सितंबर को एक नया बड़ा फैसला किया। उन्होंने आदेश दिया कि अब से अमेरिका के बाहर के विदेशी कर्मचारियों के लिए एच-1बी वीजा की सभी नई अर्जियों पर एक लाख डॉलर का शुल्क लगेगा। यह कदम कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने से रोकने के लिए […]

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GST 2.0 सुधार से अर्थव्यवस्था को नई दिशा या सिर्फ आंकड़ों का खेल, उपभोक्ताओं के लिए कितना फायदेमंद

भारत की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने 3 सितंबर को एक बैठक में इस कर प्रणाली में सरलीकरण के लिए 2017 के बाद का सबसे बड़ा बदलाव पेश किया। यह बदलाव 22 सितंबर से प्रभावी हो जाएगा और इसके कारण देश में दो प्रमुख कर स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी होंगे। नई […]

अन्य समाचार

GST 2.0 उपभोग को बढ़ावा दे सकता है, लेकिन गहरी कमजोरियों को दूर करने में कोई मदद नहीं करेगा

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में मौजूदा चार मुख्य दरें (5,12,18 और 28  फीसदी) अब दो मुख्य दरों 5   फीसदी और 18  फीसदी में तब्दील हो जाएंगी। तंबाकू जैसी हानिकारक वस्तुओं पर 40 फीसदी जीएसटी के अलावा अतिरिक्त शुल्क भी लगाया जाएगा। सरकार ने कहा कि इस कदम का मकसद अनुपालन सरल बनाना, […]

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