दिसंबर 2025 में जीवन बीमा कंपनियों का कामकाज अच्छा रहा। इस महीने लोगों ने पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बीमा पॉलिसियां खरीदीं। पिछले साल की तुलना में दिसंबर में बीमा से मिलने वाला पैसा करीब 22 फीसदी बढ़ा। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी कम होने से पॉलिसियां सस्ती हुईं। इसी वजह से ज्यादा लोगों ने जीवन बीमा लिया और बीमा कंपनियों की बिक्री अच्छी बनी रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइवेट बीमा कंपनियों की बिक्री लगातार दूसरे महीने अच्छी रही। दिसंबर में उनकी कमाई पिछले साल की तुलना में 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ी। इसके साथ ही बाजार में उनकी हिस्सेदारी भी बढ़कर करीब 77 फीसदी हो गई। नवंबर में यह हिस्सेदारी थोड़ी कम थी। वहीं, सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी की हालत भी अच्छी रही। एलआईसी ने लगातार तीसरे महीने 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। दिसंबर में एलआईसी का पर्सनल बीमा प्रीमियम करीब 27 फीसदी बढ़ गया।
शेयर बाजार में लिस्टेड बीमा कंपनियों में कैनरा एचएसबीसी लाइफ की बढ़त सबसे ज्यादा रही। दिसंबर 2025 में इसकी बीमा कमाई पिछले साल के मुकाबले करीब 41 फीसदी बढ़ी। इसके अलावा मैक्स लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ, एसबीआई लाइफ और बजाज लाइफ की बिक्री भी अच्छी रही और इन सभी कंपनियों ने दिसंबर में अच्छी बढ़त दर्ज की।
दिसंबर 2025 में जीवन बीमा कंपनियों की नई पॉलिसियों से कमाई पिछले साल के मुकाबले करीब 39 फीसदी बढ़ गई। इसमें सरकारी बीमा कंपनियों की भूमिका ज्यादा रही, जिनकी कमाई करीब 57 फीसदी बढ़ी। वहीं निजी बीमा कंपनियों की नई पॉलिसियों से कमाई भी बढ़ी और इसमें करीब 25 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी निजी बीमा कंपनियों का कारोबार भी इस दौरान अच्छा रहा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि दिसंबर में बीमा कंपनियों की बिक्री बढ़ने के कई कारण रहे। जीवन बीमा पॉलिसियों पर जीएसटी कम होने से पॉलिसियां सस्ती हो गईं, इसलिए ज्यादा लोगों ने बीमा लिया। इसके अलावा, पिछले साल लागू हुए कुछ नियमों की वजह से पिछले साल की तुलना का आंकड़ा कम था, जिससे इस बार बढ़त ज्यादा दिखी। मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि कंपनियां अब पुरानी और भरोसेमंद बीमा योजनाओं पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं और छोटे शहरों व नए इलाकों में अपना काम बढ़ा रही हैं। इससे आने वाले समय में भी बीमा उद्योग की रफ्तार बनी रह सकती है।
दिसंबर 2025 में व्यक्तिगत बीमा की कमाई के मामले में एसबीआई लाइफ ने एलआईसी को पीछे छोड़ दिया। इस दौरान बाजार में एसबीआई लाइफ की हिस्सेदारी करीब 27 फीसदी रही। वहीं एचडीएफसी लाइफ की हिस्सेदारी करीब 9 फीसदी और मैक्स लाइफ की हिस्सेदारी करीब 7 फीसदी रही। बिना वेट के कुल प्रीमियम के हिसाब से भी निजी बीमा कंपनियों में एसबीआई लाइफ सबसे आगे रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक निजी क्षेत्र की बड़ी बीमा कंपनियों की पकड़ और मजबूत हो गई है। एसबीआई लाइफ, एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ, मैक्स लाइफ, कैनरा एचएसबीसी और बजाज लाइफ- इन सभी कंपनियों की मिलकर हिस्सेदारी निजी बीमा बाजार में करीब 71 फीसदी हो गई है।
इसके अलावा, अन्य निजी बीमा कंपनियों में टाटा एआईए की हिस्सेदारी भी करीब 10 फीसदी रही।
मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बीमा कंपनियों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है और पॉलिसियां लोगों के लिए पहले से ज्यादा सस्ती हो गई हैं। साथ ही कंपनियां नए इलाकों में भी अपना काम बढ़ा रही हैं। इन्हीं वजहों से मोतीलाल ओसवाल को जीवन बीमा क्षेत्र में मैक्स लाइफ को अपना टॉप पिक बनाया है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।