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पश्चिम ए​​शिया संकट से छोटी-मझोली दवा कंपनियों के मुनाफे पर दबाव, लागत और सप्लाई बाधाओं से बढ़ी चिंता भू-राजनीतिक, आ​र्थिक जो​खिमों पर रिलायंस ने किया आगाह; जियो आईपीओ पर चुप्पीप्ला​स्टिक नोटों की ओर RBI का कदम, नोट छपाई लागत घटाने और टिकाऊ करेंसी पर जोरEditorial: IIP का नया रूप, 2022-23 आधार वर्ष के साथ औद्योगिक माप प्रणाली में बड़ा बदलावलोन लेने वाली महिलाओं की बढ़ी तादाद मगर नहीं बनेगी बात, दो-तिहाई अब भी फॉर्मल सिस्टम से बाहरबचाव, पुनरुद्धार और सुधार: IBC के पहले दशक ने भारत की क्रेडिट संस्कृति को बदलाउतार-चढ़ाव भरे बाजारों में हॉस्पिटल शेयरों को दम, हेल्थकेयर इंडेक्स में 7% की बढ़तबाजार में बढ़त के लिए पूंजीगत खर्च की बहाली, युद्धविराम अहम: निमेश चंदनईरान-अमेरिका के हमलों के बाद कच्चे तेल में उछाल,  ब्रेंट और WTI दोनों की कीमतें में तेज बढ़तQ4 में पूंजी बाजार की फर्मों का दमदार प्रदर्शन, AMC और ब्रोकर्स की ग्रोथ पर ब्रोकरेज का पॉजिटिव रुख

लेखक : देवाशिष बसु

आज का अखबार, लेख

डेरिवेटिव्स का भ्रम: जेन स्ट्रीट केस ने उजागर की भारत के F&O बाजार की खामियां

गत माह देश के नियामकों ने एक हाई फ्रीक्वेंसी वाली ट्रेडिंग फर्म, जेन स्ट्रीट, को कथित तौर पर बाजार में हेराफेरी करते हुए पकड़ा था। यह एक नियामकीय कामयाबी प्रतीत हो सकती है, लेकिन सच तो यह है कि इसने वर्षों की तेज वृद्धि के बाद भारत के डेरिवेटिव बाजार के मूल में मौजूद गहरी […]

आज का अखबार, लेख

अतार्किक विकल्प: चीनी आपूर्ति वर्चस्व- औद्योगिक नीति को पुनर्स्थापित करने की दरकार

पहले दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाकर भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) निर्माताओं को मुश्किल में डाला गया था। अब चीन ने विशेष उर्वरकों पर रोक लगा दी है। भारत में आने वाली जर्मनी की सुरंग-बोरिंग मशीन कथित तौर पर चीन में फंसी हुई है जिसके लिए निर्यात मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा […]

आज का अखबार, लेख

सिर्फ RBI की दर कटौती से नहीं बदलेगी विकास की रफ्तार, जरूरत है ढांचागत सुधार की

गत 6 जून को भारतीय रिजर्व बैंक ने रीपो दर में 50 आधार अंक (यह घटकर 5.5 फीसदी रह गई) और नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 100 आधार अंक की कटौती करके बाजारों को चौंका दिया। सीआरआर में इसे सितंबर से नवंबर तक चरणबद्ध तरीके से 25-25 आधार अंकों की कटौती के रूप में लागू […]

आज का अखबार, लेख

अतार्किक विकल्प: चीन का बढ़ता प्रभाव और भारत के पास विकल्प

बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी राजीव बजाज ने पिछले सप्ताह यह कहकर खतरे की घंटी बजा दी कि अगर चीन ने दुर्लभ खनिजों का निर्यात रोक दिया तो भारत के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग का पहिया थम जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले चुंबक (चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने के लिए) के लिए […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप के दोहरे लक्ष्य में फंसे शुल्क समझौते 

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह ऐपल के मुख्य कार्याधिकारी टिम कुक को भारत के बजाय अमेरिका में ही आईफोन बनाने की हिदायत दी। यह ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ यानी अमेरिका को सबसे ऊपर रखने की मुहिम का ही हिस्सा है। कुक की कंपनी ऐपल अमेरिका में 500 अरब डॉलर निवेश करने की […]

आज का अखबार, लेख

बाजार से निकल रहे कौन से संदेश?

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 2अप्रैल को टैरिफ बढ़ाने का धमाका किया तो वैश्विक बाजार कांप उठे। उन्होंने 9 अप्रैल से जो टैरिफ या शुल्क लागू करने की घोषणा की थी उसके तहत सभी देशों पर 10 फीसदी का बुनियादी टैरिफ लागू किया जाना था जबकि चीन पर 145 फीसदी का दंडात्मक टैरिफ लगाने […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के बीच भारत

दिल्ली में नीति निर्धारकों और विशेषज्ञों ने झट से कह दिया कि अमेरिका और चीन के बीच छिड़ा व्यापार युद्ध भारत के लिए सुनहरा मौका है। आपूर्ति श्रृंखला बिगड़ने और भू-राजनीतिक तनाव गहराने पर क्या भारत निर्यात बाजार में चीन की भारी हिस्सेदारी अपने नाम कर पाएगा? ऊपर से तो ऐसा ही दिख रहा है […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप का टैरेफ तूफान: पूरी दुनिया को झकझोरने वाली रणनीति

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अप्रैल के आरंभ में उन देशों एवं समूहों पर भारी भरकम शुल्क लगा कर पूरी दुनिया में खलबली मचा दी, जो अमेरिका से आयात कम करते हैं और उसे निर्यात ज्यादा करते हैं। इनमें चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं। ट्रंप का यह […]

आज का अखबार, लेख

शेयर पुनर्खरीद में कर पर हो फिर विचार

दुनिया भर में कंपनियां अपने शेयरधारकों को पूंजी लौटाने, बहीखाते दुरुस्त रखने और बेहतरीन माली हालत का संकेत देने के लिए शेयर पुनर्खरीद का रास्ता खूब पकड़ती हैं। ऐपल ने पिछले पांच साल में 430 अरब डॉलर के शेयर वापस खरीदे हैं, जिससे इसका शेयर चढ़ा है। मगर भारत में शेयर पुनर्खरीद को दुधारू गाय […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप के शुल्कों से ध्वस्त होती वैश्विक व्यवस्था

कोई नहीं बता सकता कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप कब क्या करेंगे या कहेंगे। मगर दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से उन्होंने जो कदम उठाए हैं उनसे कट्टर नीति निर्माता, कारोबारी, व्यापारी, निवेशक, राजनेता और अफसरशाह हैरत में पड़ गए हैं। अभी तो उन्हें व्हाइट हाउस में 46 महीने और रहना है। जो कुछ […]

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